Pravin Togadia का तीखा हमला: लव जिहाद को बताया ‘कैंसर’, जनसंख्या नियंत्रण कानून पर दिया सख्त अल्टीमेटम
बिजनौर जाते समय कुछ देर के लिए रामपुर तिराहा पर रुके अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया (Pravin Togadia) का स्थानीय हिंदू संगठनों ने जोरदार स्वागत किया। इसी दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में लव जिहाद और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बेहद सख्त और विवादास्पद बयान दिए।
रामपुर तिराहे पर हुआ भव्य स्वागत, हिंदू संगठनों की मौजूदगी
सुबह के समय जब डॉ. प्रवीण तोगड़िया का काफिला मुजफ्फरनगर से होकर गुजर रहा था, तब रामपुर तिराहे पर पहले से मौजूद हिंदू संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। संगठन के जिलाध्यक्ष देशराज चौहान, हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेन्द्र पवार, हिंदूवादी नेता बिट्टू सिखेड़ा सहित कई प्रमुख चेहरे इस मौके पर मौजूद रहे।
डॉ. तोगड़िया को फूलमालाएं पहनाई गईं और पारंपरिक पटका ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उन्हें हिंदू हितों का प्रखर आवाज़ बताया। कुछ देर के ठहराव के दौरान ही मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने विचार खुलकर रखे।
लव जिहाद पर आक्रामक बयान, समाज के लिए बताया घातक
Muzaffarnagar Pravin Togadia statement का सबसे चर्चित हिस्सा लव जिहाद को लेकर रहा। डॉ. तोगड़िया ने इसे समाज के लिए “कैंसर” करार देते हुए कहा कि यह बीमारी धीरे-धीरे सामाजिक ताने-बाने को खोखला कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्या का इलाज केवल सलाह या चेतावनी से नहीं, बल्कि कठोर कार्रवाई से ही संभव है।
उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि यह केवल वैचारिक या सामाजिक चुनौती नहीं, बल्कि ऐसा खतरा है जो समाज में टकराव और अस्थिरता पैदा कर सकता है। उनके अनुसार, इसे रोकने के लिए प्रशासनिक इच्छाशक्ति और कठोर कानून की आवश्यकता है।
जनसंख्या नियंत्रण कानून की खुली वकालत
डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने अपने संबोधन में जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत में जनसंख्या असंतुलन एक गंभीर समस्या बन चुका है और इसके समाधान के लिए सख्त कानून बनाया जाना चाहिए।
Muzaffarnagar Pravin Togadia statement में उन्होंने घोषणा की कि वह ऐसा कानून बनवाने के लिए प्रयास करेंगे, जिसमें दो से अधिक बच्चों वाले परिवारों पर कठोर प्रतिबंध और दंड का प्रावधान हो। उनका कहना था कि जनसंख्या नियंत्रण केवल अपील से नहीं, बल्कि नियम और सजा से ही संभव है।
प्रस्तावित दंडों की सूची ने बढ़ाई हलचल
अपने बयान को और अधिक आक्रामक बनाते हुए डॉ. तोगड़िया ने प्रस्तावित कानून के तहत मिलने वाली सजाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कानून लागू होने के बाद यदि किसी परिवार में तीसरा बच्चा पैदा होता है, तो उस परिवार को सरकारी राशन की सुविधा से वंचित कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलेगा, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और दवाइयों की सुविधा नहीं दी जाएगी, बैंक से ऋण नहीं मिलेगा, सरकारी नौकरी पर रोक लगेगी और यहां तक कि वोट डालने का अधिकार भी छीना जा सकता है।
इन बयानों के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है।
हिंदू राष्ट्रवाद की राजनीति में पुराना नाम
डॉ. प्रवीण तोगड़िया लंबे समय से हिंदू राष्ट्रवाद के एजेंडे पर सक्रिय रहे हैं। वे पहले विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे। बाद में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के माध्यम से अपनी सक्रियता जारी रखी।
लव जिहाद, जनसंख्या असंतुलन, हिंदू हितों की रक्षा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर वे लगातार मुखर रहते हैं। उनके बयानों को लेकर अक्सर राजनीतिक विवाद और सामाजिक बहस छिड़ जाती है।
स्थानीय माहौल और सुरक्षा व्यवस्था
Muzaffarnagar Pravin Togadia statement के मद्देनज़र रामपुर तिराहे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की नजर पूरे कार्यक्रम पर बनी रही। हालांकि ठहराव कुछ ही समय का रहा, लेकिन समर्थकों की भीड़ और मीडिया की मौजूदगी के कारण माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में डूबा रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे बयानों से जहां एक वर्ग में समर्थन मिलता है, वहीं दूसरा वर्ग इसे विभाजनकारी राजनीति के तौर पर देखता है।
बिजनौर के लिए रवाना हुआ काफिला
कुछ समय रुकने और प्रेस से बातचीत के बाद डॉ. प्रवीण तोगड़िया अपने काफिले के साथ बिजनौर के लिए रवाना हो गए। उनके जाने के बाद भी उनके बयान को लेकर चर्चाओं का दौर जारी रहा।
Muzaffarnagar Pravin Togadia statement आने वाले दिनों में राजनीतिक मंचों, सामाजिक संगठनों और मीडिया बहसों का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

