उत्तर प्रदेश

Moradabad में दो युवतियों की अनोखी ‘शादी’ का दावा, परिवारों के खिलाफ जाकर थाने पहुंचीं, बोलीं – “हम पति-पत्नी हैं, अब कोई हमें अलग नहीं कर सकता”

Moradabad two women marriage को लेकर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा, बहस और भावनाओं का तूफान खड़ा कर दिया है। दो युवतियों का अचानक अपने-अपने घरों से निकल जाना, पुलिस थाने पहुंचकर खुद को “पति-पत्नी” बताना और जीवन भर साथ रहने का दावा करना—यह मामला अब सिर्फ एक गुमशुदगी की रिपोर्ट नहीं रहा, बल्कि सामाजिक, कानूनी और मानवीय दृष्टिकोण से एक संवेदनशील विषय बन चुका है।


🔴 भगतपुर और टांडा से शुरू हुई कहानी

यह मामला मुरादाबाद जिले के भगतपुर थाना क्षेत्र और रामपुर जिले के टांडा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। दोनों युवतियों की उम्र लगभग 26-26 वर्ष बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, एक युवती भगतपुर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है, जबकि दूसरी युवती रामपुर जिले के टांडा क्षेत्र की निवासी है।

करीब एक साल पहले भगतपुर की युवती अपनी बुआ के घर गई थी, जो टांडा क्षेत्र के एक गांव में रहती हैं। वहीं, बुआ के घर के सामने रहने वाली युवती से उसकी मुलाकात हुई। यह मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर यह दोस्ती लगातार बातचीत और संपर्क के जरिए और गहरी होती चली गई।


🔴 मोबाइल कॉल से शुरू हुई नजदीकियां

दोनों युवतियों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए और घर लौटने के बाद भी बातचीत जारी रही। परिजनों ने कई बार उन्हें फोन पर बात करते हुए देखा, लेकिन सहेली समझकर उन्होंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। समय के साथ रामपुर की युवती कई बार भगतपुर क्षेत्र में मिलने भी आई। इसी दौरान दोनों के बीच भावनात्मक नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने एक साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।


🔴 31 जनवरी की सुबह अचानक गायब

31 जनवरी की सुबह भगतपुर की युवती अपने घर से निकल गई। उसी दिन रामपुर के टांडा क्षेत्र की युवती भी अपने घर से निकल गई। दोनों के अचानक गायब होने से परिजनों में हड़कंप मच गया। परिवारों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

एक युवती की गुमशुदगी भगतपुर थाने में दर्ज हुई, जबकि दूसरी युवती की रिपोर्ट टांडा थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी, तभी एक नया मोड़ सामने आया।


🔴 बिलारी थाने में पहुंचीं दोनों युवतियां

रविवार की रात दोनों युवतियां मुरादाबाद के बिलारी थाना पहुंचीं। थाने में उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। पुलिस अधिकारियों के सामने दोनों ने साफ कहा कि वे पति-पत्नी हैं और जीवन भर साथ रहना चाहती हैं।

उनका कहना था कि परिवार और समाज के दबाव के चलते उन्हें डर है कि उनकी जान को नुकसान पहुंचाया जा सकता है, इसलिए वे पुलिस से सुरक्षा चाहती हैं।


🔴 वन स्टॉप सेंटर भेजी गईं युवतियां

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने दोनों को रात में वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। सोमवार को भगतपुर थाने की पुलिस और युवती के परिजन वहां पहुंचे। परिजनों ने युवतियों से बातचीत की, उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों अपने फैसले पर अड़ी रहीं।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे अलग नहीं होंगी और एक-दूसरे के साथ ही जीवन बिताएंगी।


🔴 कोर्ट में दर्ज कराए गए बयान

मंगलवार को पुलिस ने भगतपुर क्षेत्र की युवती का मेडिकल परीक्षण कराया और उसके बाद कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया गया। युवती ने बयान में कहा कि वह बालिग है और उसने अपनी साथी युवती से शादी कर ली है। उसने यह भी कहा कि वह अपनी मर्जी से उसके साथ रहना चाहती है।

बयान दर्ज होने के बाद दोनों युवतियां एक साथ चली गईं। इस दौरान दोनों के परिजन वहां मौजूद नहीं थे, जिससे परिवारों की चिंता और बढ़ गई।


🔴 पुलिस प्रशासन का पक्ष

इस पूरे मामले पर कुंवर आकाश सिंह, एसपी देहात मुरादाबाद ने बताया कि युवती के बयान कोर्ट में दर्ज कराए गए हैं और उसने खुद को बालिग बताया है। कानून के अनुसार, बालिग व्यक्ति को अपनी मर्जी से रहने का अधिकार है। बयान के बाद वह रामपुर की युवती के साथ चली गई है।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल कानून व्यवस्था बनाए रखना और दोनों युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।


🔴 समाज में बहस और चर्चा का दौर

Moradabad two women marriage का यह मामला अब सिर्फ पुलिस फाइलों तक सीमित नहीं है। गांवों से लेकर शहर तक, लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत आज़ादी का सवाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर देख रहे हैं।

महिलाओं की सुरक्षा, उनकी पसंद का सम्मान और सामाजिक स्वीकार्यता जैसे मुद्दे इस घटना के साथ फिर से चर्चा में आ गए हैं।


🔴 परिजनों की पीड़ा और चिंता

दोनों युवतियों के परिवारों का कहना है कि वे अपनी बेटियों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि अचानक घर छोड़कर इस तरह का फैसला लेना भावनाओं में बहकर किया गया कदम हो सकता है।

परिजन लगातार पुलिस और प्रशासन से संपर्क में हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी बेटियां सुरक्षित रहें।


🔴 कानूनी और मानवीय पहलू

कानून के जानकारों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बालिग है और अपनी मर्जी से किसी के साथ रहना चाहता है, तो उसे ऐसा करने का अधिकार है। हालांकि, सुरक्षा की जिम्मेदारी भी प्रशासन पर आती है, खासकर तब जब जान को खतरे की बात सामने आए।

इस तरह के मामलों में पुलिस, कोर्ट और सामाजिक संस्थाओं की भूमिका अहम हो जाती है, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।


मुरादाबाद की यह घटना सिर्फ दो युवतियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक ताने-बाने, व्यक्तिगत आज़ादी और सुरक्षा की मांग का प्रतीक बन गई है। पुलिस और प्रशासन के सामने चुनौती है कि वे कानून के दायरे में रहते हुए दोनों पक्षों की भावनाओं और सुरक्षा को संतुलित करें, ताकि यह मामला किसी नए विवाद या तनाव का कारण न बने।

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