Canada में फर्जी पंजाबी नाम से डॉक्टरों से अश्लील हरकतें: भारतीय मूल का युवक गिरफ्तार, डिपोर्ट की तैयारी शुरू
Canada में चिकित्सा क्षेत्र की सुरक्षा और नैतिकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक भारतीय मूल के युवक द्वारा फर्जी पहचान बनाकर महिला डॉक्टरों के साथ कथित अश्लील हरकतें करने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और अब उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
यह मामला तब और सुर्खियों में आया जब आरोपी को सोशल मीडिया पर लेकर चर्चा तेज हुई और कई लोगों ने इसे लेकर प्रतिक्रिया दी।
फर्जी पहचान बनाकर डॉक्टरों को बनाया निशाना
Canada Doctor Misconduct Case में सामने आया है कि आरोपी युवक कथित तौर पर बीमारी का बहाना बनाकर मेडिकल क्लिनिक्स में जाता था। वहां वह महिला डॉक्टरों से मिलकर जांच के नाम पर अनुचित व्यवहार करता था।
पील रीजनल पुलिस के अनुसार, आरोपी क्लिनिक में पहुंचकर अपने कपड़े उतार देता और डॉक्टर से अपने निजी अंगों की जांच करने के लिए कहता। बाद में यह सामने आया कि उसे कोई वास्तविक बीमारी नहीं थी और वह जानबूझकर यह हरकतें करता था।
जैसे ही स्थिति स्पष्ट होती, आरोपी मौके से फरार हो जाता था।
कई महीनों तक चलता रहा सिलसिला
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी ने एक या दो नहीं, बल्कि कई महिला डॉक्टरों के साथ इस तरह की घटनाएं कीं।
Canada Doctor Misconduct Case में बताया गया कि आरोपी ने मिसिसॉगा के विभिन्न मेडिकल क्लिनिक्स को निशाना बनाया और कई महीनों तक फर्जी बीमारी का बहाना बनाकर डॉक्टरों को धोखा देता रहा।
शिकायत के बाद खुला मामला
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला डॉक्टर को आरोपी की हरकतों पर शक हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे दिसंबर महीने में गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र करीब 36 वर्ष है और उसका असली नाम वैभव बताया जा रहा है। उसने कथित तौर पर आकाशदीप सिंह नाम से फर्जी पहचान बनाई थी, ताकि वह खुद को पंजाबी मूल का दिखा सके।
वह मूल रूप से भारत का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल कनाडा के ब्रैम्पटन में स्थायी निवासी (PR) के रूप में रह रहा था।
पुलिस ने लगाए गंभीर आरोप
Canada Doctor Misconduct Case में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला फिलहाल ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस (OCJ) में विचाराधीन है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालत में सुनवाई के चलते पीड़ित डॉक्टरों और आरोपी के भारत स्थित पते की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू
इस मामले में पुलिस ने आरोपी को कनाडा से डिपोर्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हालांकि, चूंकि आरोपी को कनाडा की नागरिकता या स्थायी निवास का दर्जा मिला हुआ है, इसलिए इस प्रक्रिया में समय लग सकता है।
डॉक्टरों से सामने आने की अपील
पील रीजनल पुलिस ने इस मामले में अन्य संभावित पीड़ितों से भी सामने आने की अपील की है, ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कनाडा की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रूबी भसीन ने भी 15 मार्च को वीडियो पोस्ट कर महिला डॉक्टरों से अपनी शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
मेडिकल सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल
Canada Doctor Misconduct Case ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या मेडिकल संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है। डॉक्टरों, खासकर महिला चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्लिनिक्स में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत किया जाना चाहिए।
लंबी हो सकती है कानूनी प्रक्रिया
पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में कानूनी प्रक्रिया लंबी चल सकती है। कोर्ट में पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

