Muzaffarnagar में गौकशी का सनसनीखेज खुलासा: चोरी के बाद बछड़े का कटान, एक गिरफ्तार—दो फरार
News-Desk
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breaking news, Cow Slaughter Case, crime news UP, Khatauli Police, Law and Order, Muzaffarnagar News, uttar pradesh news, अपराध खबर, गौकशी मामला, पुलिस कार्रवाईMuzaffarnagar गौकशी मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां खतौली क्षेत्र में गौवंश चोरी कर अवैध कटान करने की घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया। पुलिस ने इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता से भी जुड़ा हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ जांच में जुटा है।
खतौली पुलिस की सख्ती: आरोपी आमिश गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर गौकशी मामले में थाना खतौली पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब फरार चल रहे आरोपी आमिश (24) पुत्र शकील निवासी मोहल्ला देवीदास, खतौली को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे 19 मार्च 2026 की रात करीब 9:05 बजे दूधली कट क्षेत्र से दबिश देकर पकड़ा।
थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र बघेल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें उसने कई अहम खुलासे किए।
चोरी से लेकर कटान तक: पूरी साजिश का खुलासा
मुजफ्फरनगर गौकशी मामले की शुरुआत 15 मार्च 2026 को हुई, जब खेडी रांगधान निवासी प्रवेश कुमार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसके घर से एक बछड़ा चोरी हो गया है। इस शिकायत पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अन्य साक्ष्य जुटाए। इन सबके आधार पर तीन आरोपियों—आमिश, उसके पिता शकील और भाई आजम—की पहचान हुई।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी आमिश ने स्वीकार किया कि उसके पिता और भाई ने मिलकर बछड़े की चोरी की और बाद में उसका अवैध कटान कर मांस बेच दिया। घटना के बाद सबूत मिटाने के लिए पशु के अवशेषों को नहर में फेंक दिया गया।
बरामदगी से मजबूत हुआ केस
मुजफ्फरनगर गौकशी मामले में पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर सठेड़ी नहर के पास झाड़ियों से कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें पशु को बांधने वाली रस्सियां, मुंह पर लगाने वाला मुछिका, रस्सी के टुकड़े, एक दांव, एक छुरा और गौवंश के अवशेष शामिल हैं।
इन बरामदगी ने न केवल आरोपी के बयान की पुष्टि की, बल्कि पुलिस के केस को भी मजबूत आधार प्रदान किया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई आगे की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गौवध अधिनियम के तहत बढ़ी धाराएं
मुजफ्फरनगर गौकशी मामले में गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में गौवध अधिनियम समेत अन्य सख्त धाराएं जोड़ दी हैं। इससे आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अधिक कठोर हो गई है।
गिरफ्तार आरोपी आमिश को न्यायालय में पेश कर जिला कारागार भेज दिया गया है। वहीं पुलिस फरार आरोपियों शकील और आजम की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी
मुजफ्फरनगर गौकशी मामले में पुलिस अब फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आसपास के जिलों में भी सूचना भेजी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, प्रशासन सतर्क
इस मुजफ्फरनगर गौकशी मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों में रोष देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
गौकशी मामलों पर बढ़ती सख्ती: प्रशासन का स्पष्ट संदेश
मुजफ्फरनगर गौकशी मामला यह दर्शाता है कि प्रशासन अब ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। पुलिस और प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि गौवंश से जुड़े अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विशेष अभियान चलाकर ऐसे मामलों की निगरानी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

