निज्जर केस में भारत के खिलाफ ठोस सबूत नहीं: कनाडा पुलिस चीफ का बड़ा बयान, ट्रूडो के आरोपों पर उठे सवाल-Nijjar Case Canada
Nijjar Case Canada India विवाद में अब एक बड़ा मोड़ आता दिखाई दे रहा है। कनाडा पुलिस प्रमुख Mike Duheme के हालिया बयान ने पूर्व प्रधानमंत्री Justin Trudeau द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि भारत या किसी अन्य विदेशी सरकार की संलिप्तता से जुड़े कोई ठोस प्रमाण अब तक सामने नहीं आए हैं।
इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है और भारत-कनाडा संबंधों के संदर्भ में इसे बेहद अहम माना जा रहा है। 🌍
विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों पर कनाडा पुलिस चीफ का बड़ा खुलासा
विवाद पर सीटीवी न्यूज को दिए इंटरव्यू में माइक डुहेम ने साफ कहा कि कनाडा में लोगों को धमकाने या डराने की कुछ घटनाएं जरूर सामने आई हैं, लेकिन उन्हें किसी विदेशी सरकार—विशेषकर भारत—से जोड़ने वाला कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला।
यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले कनाडा की राजनीतिक नेतृत्व स्तर से भारत पर गंभीर आरोप लगाए जाते रहे थे।
निज्जर हत्या मामले पर बदलती तस्वीर
Hardeep Singh Nijjar की हत्या को लेकर पहले कनाडा की ओर से भारतीय एजेंसियों पर शक जताया गया था, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव चरम पर पहुंच गया था।
लेकिन अब कनाडा पुलिस प्रमुख के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि—
👉 आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण नहीं मिले
👉 जांच अभी भी जटिल स्थिति में है
👉 राजनीतिक बयानबाजी और जांच के निष्कर्ष अलग-अलग दिशा में रहे
इससे पूरे विवाद की दिशा बदलती नजर आ रही है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर वसूली का खुलासा
विवाद के बीच एक और अहम तथ्य सामने आया है। माइक डुहेम ने स्वीकार किया कि कनाडा में कई स्थानीय अपराधी Lawrence Bishnoi गैंग का नाम इस्तेमाल कर डर फैलाते हैं और वसूली करते हैं।
उन्होंने कहा—
👉 हर घटना का सीधा संबंध गैंग से साबित नहीं होता
👉 कई मामलों में सिर्फ नाम का उपयोग किया जाता है
👉 इससे असली नेटवर्क की पहचान करना कठिन हो जाता है
यह बयान भी कनाडा में चल रही जांच की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।
पहले लगाए गए आरोपों से अलग दिख रहा नया रुख
दिलचस्प बात यह है कि पहले कनाडा की एजेंसियों और राजनीतिक नेतृत्व की ओर से भारत के खिलाफ कड़े आरोप लगाए गए थे। उस समय कहा गया था कि विदेशी एजेंट कनाडा में सक्रिय हैं।लेकिन अब वही एजेंसियां अधिक सतर्क भाषा इस्तेमाल करती नजर आ रही हैं। विवाद में यह बदलाव संकेत देता है कि शुरुआती दावों और बाद की जांच के निष्कर्षों में अंतर रहा है।
सरकार बदलते ही बदला माहौल?
कनाडा में सत्ता परिवर्तन के बाद भी इस मामले की दिशा बदलती दिखाई दे रही है। नए प्रधानमंत्री Mark Carney के कार्यकाल में भारत को लेकर बयान अपेक्षाकृत संतुलित नजर आ रहे हैं।
फरवरी में आई रिपोर्ट्स में भी संकेत मिले थे कि कनाडा सरकार को भारत की किसी साजिश पर पहले जैसा भरोसा नहीं रहा।
यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है।
भारत-कनाडा रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा?
Nijjar Case Canada India विवाद ने पिछले महीनों में दोनों देशों के संबंधों को काफी प्रभावित किया था—
- राजनयिक तनाव बढ़ा
- बयानबाजी तेज हुई
- सुरक्षा सहयोग प्रभावित हुआ
अब पुलिस प्रमुख के बयान से रिश्तों में सुधार की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।
राजनीति बनाम जांच—बहस तेज
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—
क्या शुरुआती आरोप राजनीतिक थे या जांच आधारित?
अब जब पुलिस स्तर पर ठोस प्रमाणों की कमी की बात सामने आई है, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी इस विवाद की नई समीक्षा शुरू हो गई है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी चर्चा
Nijjar Case Canada India बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया और रणनीतिक विश्लेषकों की नजरें इस मुद्दे पर टिक गई हैं। यह मामला केवल एक हत्या जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक संतुलन का विषय बन चुका है। 🌐

