Muzaffarnagar : सरवट में बंद कमरे से मिली एक ही परिवार की 4 लाशें, इरशाद-नूरीन और दो मासूम बच्चों की मौत से मचा हड़कंप
जनपद Muzaffarnagar के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित सरवट मोहल्ले में सामने आए family death case ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक ही घर के भीतर पति-पत्नी और दो छोटे बच्चों के शव मिलने की घटना से न केवल स्थानीय लोग स्तब्ध हैं, बल्कि पूरे शहर में इस दर्दनाक मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। बंद कमरे से एक साथ चार शव मिलने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई और कुछ ही देर में घटनास्थल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई।
मृतकों की पहचान 35 वर्षीय इरशाद, उनकी 30 वर्षीय पत्नी नूरीन, दो वर्षीय बेटे आहिल और मात्र एक माह की मासूम बच्ची अक्शा के रूप में हुई है। घटना के सामने आने के बाद से ही पुलिस प्रशासन ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।
घर के अंदर का दृश्य देखकर सन्न रह गए परिजन और पड़ोसी
बताया जा रहा है कि पेशे से पेंट का काम करने वाले इरशाद का शव कमरे में पंखे से लटका मिला, जबकि पत्नी नूरीन और दोनों बच्चों के शव घर के भीतर अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले। सुबह लगभग दस बजे तक घर के भीतर कोई हलचल न होने पर परिजनों को आशंका हुई। दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तब दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया गया।
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घर के अंदर एक ही परिवार के 4 शव फांसी पर लटके मिले।
मृतकों में पति-पत्नी और दो मासूम बच्चे शामिल।
पुलिस के मुताबिक मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए, वजह की जांच जारी।#UPNews #CrimeNews #BreakingNews pic.twitter.com/n6ni3rcvmD
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अंदर का दृश्य देखकर परिजनों और पड़ोसियों के होश उड़ गए। कमरे में इरशाद का शव फांसी के फंदे से लटका था, जबकि पत्नी का शव फर्श पर और दोनों बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि मौके पर मौजूद लोग कुछ देर तक कुछ समझ ही नहीं सके।
इलाके में फैली सनसनी
जैसे ही चार लोगों की मौत की खबर फैली, पूरे सरवट क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के मोहल्लों से भी बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और हर कोई इस दुखद घटना के पीछे की वजह जानने को बेचैन नजर आया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मौके को घेर लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की।
सोमवार रात तक घर में चल रहा था विवाद, सुबह मिला सन्नाटा
परिजनों के अनुसार सोमवार देर रात तक पति-पत्नी के बीच कहासुनी की आवाजें घर के भीतर से सुनाई दे रही थीं। बताया गया कि विवाद पारिवारिक कारणों से शुरू हुआ था और देर रात तक चलता रहा। सुबह अचानक घर में सन्नाटा छा जाने के बाद परिजनों को शक हुआ और उन्होंने दरवाजा खटखटाया।
जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो दरवाजा तोड़ना पड़ा। इसके बाद सामने आया दृश्य पूरे परिवार और मोहल्ले के लिए सदमे से कम नहीं था।
ईदी के 1500 रुपये को लेकर शुरू हुआ विवाद बना चर्चा का विषय
स्थानीय स्तर पर चर्चा रही कि घटना से पहले इरशाद की बहन घर आई थी, जिसे उसने ईदी के तौर पर 1500 रुपये दिए थे। इसी बात को लेकर पत्नी नूरीन नाराज हो गई थीं और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई थी। परिजनों का कहना है कि इसी विवाद के बाद घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी इस विवाद को घटना से सीधे जोड़कर नहीं देखा जा सकता और सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
पुलिस की कई टीमें पहुंचीं मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी Ashutosh Kumar पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Kumar Verma, एएसपी Siddharth K. Mishra, सीओ मंडी Raju Kumar Sav सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इसके अलावा डॉग स्क्वायड, एलआईयू टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी जांच के लिए बुलाया गया, ताकि घटना के हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा सके।
प्रारंभिक जांच में सामने आया हत्या के बाद आत्महत्या का शक
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने आशंका जताई है कि संभवतः युवक ने पहले पत्नी और बच्चों को जहर दिया या उनकी हत्या की और उसके बाद खुद फांसी लगा ली। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक संभावना है और अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
फॉरेंसिक टीम द्वारा मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं, जिनकी जांच के आधार पर घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का रहस्य
case की सच्चाई सामने लाने के लिए चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का कारण क्या था और घटनाक्रम किस क्रम में हुआ।
इसके साथ ही घर के भीतर मिले अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों में गहरा सदमा, पूरे इलाके में शोक का माहौल
घटना के बाद सरवट मोहल्ले में शोक और भय का वातावरण देखने को मिला। पड़ोसियों का कहना है कि इरशाद का परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और कभी किसी बड़े विवाद की जानकारी सामने नहीं आई थी। अचानक इस तरह की घटना सामने आने से हर कोई स्तब्ध है।
कई लोगों ने कहा कि बच्चों की मौत ने घटना को और भी ज्यादा दर्दनाक बना दिया है। पूरे इलाके में दिनभर यही चर्चा होती रही कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति बनी, जिसने एक परिवार को खत्म कर दिया।
उठाए कई सामाजिक सवाल
इस घटना ने पारिवारिक तनाव, आर्थिक दबाव और मानसिक स्थिति जैसे कई गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी पारिवारिक बातों को समय रहते सुलझाया जाना जरूरी होता है, क्योंकि कई बार यही विवाद गंभीर रूप ले लेते हैं।
ऐसे मामलों में समाज और परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, ताकि तनावपूर्ण स्थितियों को समय रहते संभाला जा सके।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच, जल्द सामने आएगी सच्चाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की जांच हर संभावित पहलू से की जा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक जांच और तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है।

