Shreveport Mass Shooting: अमेरिका के लुइसियाना में पिता ने 8 बच्चों को गोलियों से भूना, पत्नी समेत कई घायल—घटना से दहला पूरा देश
News-Desk
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America gun violence, children shooting tragedy USA, domestic violence shooting USA, Louisiana shooting case, Shamar Elkins, Shreveport Mass Shooting, US mass shooting newsShreveport, Louisiana में हुई दिल दहला देने वाली Shreveport mass shooting की घटना ने पूरे अमेरिका को झकझोर दिया है। रविवार सुबह हुई इस सामूहिक गोलीबारी में एक व्यक्ति ने आठ बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी, जिनमें से सात उसके अपने बच्चे बताए जा रहे हैं। घटना को वर्ष की सबसे भयावह घरेलू सामूहिक गोलीबारी घटनाओं में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान 31 वर्षीय Shamar Elkins के रूप में हुई है। घटना के बाद आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
सुबह 6 बजे घर में शुरू हुई गोलियों की बरसात
पुलिस के मुताबिक यह घटना रविवार सुबह स्थानीय समयानुसार लगभग 6 बजे वेस्ट 79वीं स्ट्रीट के 300 ब्लॉक इलाके में हुई। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले घर के अंदर मौजूद बच्चों पर गोलियां चलाईं।
बताया गया कि सात बच्चों को घर के भीतर निशाना बनाया गया, जबकि एक बच्चे को उस समय गोली लगी जब वह जान बचाने के लिए छत की ओर भाग रहा था। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पड़ोसी दहशत में घरों से बाहर निकल आए।
असॉल्ट-स्टाइल हथियार से की गई थी फायरिंग
जांच एजेंसियों के अनुसार इस हमले में असॉल्ट-स्टाइल हथियार का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ था, जिसने अचानक हिंसक रूप ले लिया।
स्थानीय पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक साक्ष्य पारिवारिक तनाव और आपसी टकराव की ओर संकेत करते हैं, हालांकि विस्तृत जांच अभी जारी है।
पत्नी को पहले गोली मारी, फिर दूसरे घर जाकर बच्चों को बनाया निशाना
जांच में सामने आया कि आरोपी ने सबसे पहले अपनी पत्नी पर गोली चलाई। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
इसके बाद आरोपी दूसरे घर पहुंचा, जहां उसने आठ बच्चों और एक अन्य महिला पर गोलियां चलाईं। दूसरी महिला, जो मारे गए बच्चों में से एक की मां थी, वह भी गंभीर रूप से घायल बताई गई है।
मारे गए बच्चों की पहचान, पूरे समुदाय में शोक की लहर
पुलिस ने मृत बच्चों की पहचान जयला एल्किंस (3), शायला एल्किंस (5), कायला प्यू (6), लैला प्यू (7), मरकेडॉन प्यू (10), सारियाह स्नो (11), खेडारियन स्नो (6) और ब्रेलॉन स्नो (5) के रूप में की है।
मारे गए बच्चों में तीन लड़के और पांच लड़कियां शामिल थीं। उनकी उम्र 3 से 11 वर्ष के बीच थी। इनमें सात सगे भाई-बहन और एक उनका कजिन बताया गया है।
इस हमले में एक 13 वर्षीय किशोर भी घायल हुआ, जिसने जान बचाने के लिए घर से भागकर छत से छलांग लगा दी।
घटना के बाद भागा आरोपी, कार लूटने की कोशिश में मारा गया
हमले के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया और बंदूक की नोक पर एक कार लूटकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने पीछा किया और मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी पहले भी 2019 में हथियार से जुड़े मामले में गिरफ्तार हो चुका था। वह करीब सात वर्षों तक लुइसियाना आर्मी नेशनल गार्ड से भी जुड़ा रहा था।
मेयर और गवर्नर ने जताया गहरा दुख
शहर के मेयर Tom Arceneaux ने इस घटना को शहर के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह त्रासदी पूरे समुदाय को झकझोर देने वाली है।
वहीं Jeff Landry, लुइसियाना के गवर्नर, ने भी बयान जारी कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि राज्य इस दुख की घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है।
घटनास्थल पर पुलिस ने की घेराबंदी, जांच तेज
घटना के बाद पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने आसपास के घरों से साक्ष्य जुटाए और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की।
स्थानीय समुदाय के लोग घटनास्थल पर एकत्र हुए और मृत बच्चों के लिए शोक व्यक्त किया। कई सामाजिक संगठनों ने भी परिवारों को सहायता देने की घोषणा की।
अमेरिका में बढ़ती सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं बनी चिंता का विषय
हाल के वर्षों में अमेरिका में सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। फरवरी में रोड आइलैंड में हाई स्कूल हॉकी मैच के दौरान हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हुई थी।
जनवरी 2026 में मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एजेंसी से जुड़े एक अधिकारी द्वारा गोली चलाने की घटना में एक महिला की मौत हो गई थी। इससे पहले नवंबर 2025 में व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड के दो जवानों पर भी हमला हुआ था।
इन घटनाओं ने अमेरिका में हथियार नियंत्रण कानूनों पर बहस को और तेज कर दिया है।
230 साल पुराना गन कल्चर आज भी बना हुआ है विवाद का कारण
अमेरिका में हथियार रखने का अधिकार संविधान के दूसरे संशोधन के तहत 1791 से लागू है। उस समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत न होने के कारण नागरिकों को आत्मरक्षा के लिए हथियार रखने की अनुमति दी गई थी।
हालांकि आज भी यह अधिकार जारी है, लेकिन लगातार बढ़ती गोलीबारी की घटनाओं के कारण इस कानून की समीक्षा को लेकर बहस तेज होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विवादों में हथियारों की आसान उपलब्धता कई बार गंभीर हिंसा का कारण बनती है।

