AmbedkarNagar Police Torture Case: थर्ड डिग्री टॉर्चर के आरोप पर तीन सिपाही लाइन हाजिर, युवक की शिकायत के बाद मचा हड़कंप












AmbedkarNagar के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में सामने आए कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर मामले ने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Ambedkar Nagar police torture case में युवक की शिकायत और वायरल वीडियो के बाद पुलिस अधीक्षक Prachi Singh ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच क्षेत्राधिकारी आलापुर को सौंप दी गई है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है।
सोशल मीडिया शिकायत के आधार पर युवक को हिरासत में लिया गया था
जानकारी के अनुसार देवरिया बुजुर्ग गांव निवासी अंकित तिवारी को तीन दिन पहले एक्स (पूर्व ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर मिली शिकायत के आधार पर राजेसुल्तानपुर पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप था कि युवक ने गाली-गलौज से संबंधित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
पुलिस उसे थाने ले आई, लेकिन इसके बाद जो आरोप सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया।
रातभर बेल्ट से पीटने का आरोप, शरीर पर चोट के निशान
युवक का आरोप है कि थाने में बंद करने के बाद तीन पुलिसकर्मियों ने पूरी रात बेल्ट से उसकी पिटाई की। इस दौरान उसे शारीरिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया।
परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक के शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान दिखाई दिए, जिससे आरोपों को लेकर मामला और गंभीर हो गया।
शांति भंग में चालान, शिकायत करने पर धमकी का भी आरोप
पीड़ित युवक ने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन पुलिस ने उसका शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। साथ ही शिकायत करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई।
इन आरोपों के बाद युवक ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा दबाव
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी संज्ञान लिया।
Indian National Congress के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित युवक से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली, जबकि Savarn Army ने आलापुर क्षेत्र में प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
प्राथमिक जांच के बाद तीन सिपाहियों पर कार्रवाई
क्षेत्राधिकारी आलापुर Pradeep Singh Chandel की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने सिपाही संजीत पाठक, सतीश यादव और हिमांशु सोलियान को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
यह कार्रवाई संकेत देती है कि प्रशासन शुरुआती स्तर पर ही जवाबदेही तय करने की दिशा में सक्रिय हुआ है।
एसपी ने कहा—दोषियों पर आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और यदि जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए ही पुलिस कार्रवाई की जानी चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी।
हिरासत में प्रताड़ना के आरोपों से फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में मानवाधिकारों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और त्वरित कार्रवाई ही जनता का विश्वास बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।
स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।









