Nepal Airlines ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया, 24 घंटे में मांगी माफी
Nepal Airlines द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक नेटवर्क मैप में Jammu and Kashmir और Ladakh को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुई और भारतीय यूजर्स समेत कई लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
विवाद बढ़ने के बाद एयरलाइन को 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी जारी करनी पड़ी और पोस्ट को लेकर स्पष्टीकरण देना पड़ा।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
नेपाल एयरलाइंस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए रूट मैप में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों को गलत तरीके से पाकिस्तान के हिस्से के रूप में दर्शाया गया था। पोस्ट सामने आते ही यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
कई यूजर्स ने इसे गंभीर मानचित्रण त्रुटि बताते हुए एयरलाइन से स्पष्टीकरण की मांग की।
भारतीय यूजर्स ने जताई कड़ी आपत्ति
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों और विशेषज्ञों ने इस मैप को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि संवेदनशील भू-राजनीतिक विषय से जुड़ा मामला बताया।
इस प्रतिक्रिया के बाद मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया।
24 घंटे के भीतर एयरलाइन ने जारी की माफी
विवाद बढ़ने के बाद नेपाल एयरलाइंस ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह एक “कार्टोग्राफिक इनएक्युरेसी” यानी मानचित्रण संबंधी त्रुटि थी।
एयरलाइन ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस प्रकार की गलती दोबारा नहीं होगी और संबंधित सामग्री को संशोधित किया जाएगा।
कूटनीतिक स्तर पर विरोध दर्ज कराने की तैयारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए Ministry of External Affairs, India इस मुद्दे पर नेपाल सरकार के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। साथ ही नागरिक उड्डयन से जुड़े संबंधित अधिकारियों के स्तर पर भी इस विषय पर संवाद की संभावना जताई जा रही है।
इस घटनाक्रम को भारत-नेपाल संबंधों के संदर्भ में संवेदनशील माना जा रहा है।
नक्शों से जुड़े मामलों को लेकर पहले भी सामने आ चुके हैं विवाद
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और संस्थाओं द्वारा जारी मानचित्रों में सीमाओं से संबंधित त्रुटियां अक्सर कूटनीतिक विवाद का कारण बन जाती हैं। ऐसे मामलों में संबंधित देशों की प्रतिक्रिया आमतौर पर तीखी होती है।
इसी कारण वैश्विक स्तर पर मानचित्रों के प्रकाशन में सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

