उत्तर प्रदेश

UP Census 2026: यूपी में आज से शुरू हुई स्व-गणना प्रक्रिया, घर बैठे भरें ऑनलाइन फॉर्म; 34 सवालों के देने होंगे जवाब

उत्तर प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया अब डिजिटल रूप में आगे बढ़ रही है। राज्य में UP Census 2026 के तहत स्व-गणना की ऑनलाइन प्रक्रिया बृहस्पतिवार से शुरू हो गई है। अब परिवार के मुखिया घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। इस प्रक्रिया में परिवार और मकान से जुड़े कुल 34 सवालों के जवाब देने होंगे।

सरकार की ओर से शुरू की गई यह व्यवस्था जनगणना प्रक्रिया को अधिक आसान, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि फॉर्म भरते समय सही जानकारी दर्ज करें और किसी भी प्रकार की गलत सूचना देने से बचें।


7 मई से 21 मई तक चलेगी स्व-गणना प्रक्रिया

मुख्य जनगणना अधिकारी Sheetal Verma के अनुसार ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया 7 मई से 21 मई तक संचालित की जाएगी। इस दौरान परिवार के मुखिया स्वयं पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

इसके बाद 22 मई से जनगणना कर्मी घर-घर पहुंचकर ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद जानकारी को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा।


ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए क्या करना होगा

स्व-गणना प्रक्रिया के लिए परिवार के मुखिया को आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा। वहां मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन करना होगा।

लॉगिन के बाद ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जिसमें परिवार और मकान से संबंधित 34 सवाल पूछे जाएंगे। अधिकारीयों के अनुसार सवाल सामान्य प्रकृति के हैं और उन्हें आसानी से समझा जा सकता है।

फॉर्म पूरा भरने के बाद सिस्टम एक 11 अंकों की यूनिक आईडी जारी करेगा। यही आईडी बाद में जनगणना कर्मियों को दिखानी होगी।


हर सदस्य को अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल परिवार का मुखिया पूरे परिवार की जानकारी एक साथ दर्ज करेगा।

फॉर्म में परिवार के सदस्यों की संख्या, मकान की स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारियां शामिल की जाएंगी। इससे प्रक्रिया सरल और समय बचाने वाली मानी जा रही है।


कोई दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं

स्व-गणना प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किसी भी प्रकार के दस्तावेज अपलोड करने की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। यानी नागरिकों को आधार कार्ड, राशन कार्ड या अन्य पहचान पत्र ऑनलाइन अपलोड नहीं करने होंगे।

हालांकि अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सभी जानकारियां सही और जिम्मेदारी के साथ भरें, क्योंकि बाद में जनगणना कर्मी सत्यापन करेंगे।


11 अंकों की आईडी होगी जरूरी

ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद परिवार को जो 11 अंकों की आईडी मिलेगी, वही आगे की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जब जनगणना कर्मचारी घर पहुंचेंगे, तब यह आईडी उन्हें दिखानी होगी।

इसके आधार पर कर्मचारी ऑनलाइन दर्ज जानकारी का मिलान करेंगे और सही पाए जाने पर उसे स्वीकृत कर देंगे।


डिजिटल जनगणना से प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्व-गणना प्रणाली से जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी। इससे आंकड़ों को तेजी से संकलित करने और विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।

पहली बार बड़ी संख्या में लोगों को घर बैठे ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प दिया गया है, जिससे प्रशासनिक दबाव भी कम होने की संभावना है।


34 सवालों में क्या-क्या जानकारी देनी होगी

फॉर्म में मकान और परिवार से जुड़ी बुनियादी जानकारियां मांगी जाएंगी। इनमें परिवार के सदस्यों की संख्या, आवास की स्थिति, सुविधाएं और अन्य सामान्य विवरण शामिल होंगे।

अधिकारियों का कहना है कि फॉर्म में कोई भी ऐसा सवाल नहीं रखा गया है जो आम नागरिकों के लिए जटिल या भ्रमित करने वाला हो।


लोगों की सहायता के लिए भी होगी व्यवस्था

यदि किसी व्यक्ति को ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत आती है तो सहायता की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी। जनगणना विभाग की ओर से नागरिकों को प्रक्रिया समझाने और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्व-गणना प्रक्रिया से जोड़ना है ताकि आंकड़े सटीक और व्यवस्थित रूप से एकत्र किए जा सकें।


जनगणना क्यों है महत्वपूर्ण

जनगणना किसी भी देश की प्रशासनिक और विकास योजनाओं का आधार मानी जाती है। इसी के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और अन्य सार्वजनिक योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार सटीक जनगणना आंकड़े आने वाले वर्षों में विकास योजनाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों पर रहेगा फोकस

प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग इस प्रक्रिया में भाग लें। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जनगणना को अधिक व्यापक और आधुनिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।


उत्तर प्रदेश में शुरू हुई स्व-गणना प्रक्रिया जनगणना व्यवस्था को डिजिटल और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा से नागरिकों को आसानी होगी, जबकि प्रशासन को भी सटीक आंकड़े जुटाने में मदद मिलेगी। अब लोगों की जिम्मेदारी है कि वे सही जानकारी दर्ज कर इस प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग करें।

 

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