पाकिस्तान के Khyber Pakhtunkhwa में भीषण ब्लास्ट से दहला इलाका, 2 पुलिसकर्मियों समेत 7 की मौत; आत्मघाती हमले की आशंका
Khyber Pakhtunkhwa के लक्की मरवत जिले में मंगलवार को हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। व्यस्त बाजार और ट्रैफिक चौराहे के पास हुए इस धमाके में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं 23 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं और किशोरियां भी शामिल हैं।
धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की दुकानों, थ्री-व्हीलर वाहनों और सड़क किनारे खड़े कई वाहनों के परखच्चे उड़ गए। विस्फोट के बाद इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग घायल लोगों को बचाने के लिए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
व्यस्त चौराहे पर हुआ धमाका, ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात थे पुलिसकर्मी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ब्लास्ट Lakki Marwat जिले की सराय नौरंग तहसील के एक व्यस्त चौराहे पर हुआ। उस समय ट्रैफिक पुलिस के जवान बन्नू और डेरा इस्माइल खान मार्ग पर यातायात नियंत्रण में लगे हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक तेज धमाके के साथ इलाके में धुएं का बड़ा गुबार उठ गया। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई। कुछ लोगों ने शुरुआत में इसे गैस सिलेंडर विस्फोट समझा, लेकिन बाद में हालात की गंभीरता सामने आई।
पुलिस का कहना है कि विस्फोट के बाद आसपास के बाजारों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई दुकानदार अपनी दुकानें छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए।
आत्मघाती हमला या विस्फोटकों से भरा रिक्शा? जांच में जुटी एजेंसियां
लक्की मरवत पुलिस के प्रवक्ता Qudratullah Khan ने बताया कि शुरुआती जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोट किसी आत्मघाती हमलावर ने किया या विस्फोटकों से भरा लोडर रिक्शा चौराहे पर खड़ा था।
उन्होंने कहा कि बम निरोधक दस्ता और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं। फॉरेंसिक टीमों को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि धमाके की प्रकृति और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की पहचान की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि धमाके की तीव्रता को देखते हुए इसमें बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री इस्तेमाल की गई हो सकती है।
मारे गए पुलिसकर्मियों की पहचान हुई, कई घायलों की हालत गंभीर
मृत पुलिसकर्मियों की पहचान आदिल जान और राहतुल्लाह के रूप में हुई है। दोनों ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक नियंत्रण में तैनात थे। उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए तहसील हेडक्वार्टर अस्पताल भेजा गया।
घायलों में एक किशोरी और एक महिला भी शामिल बताई जा रही हैं। कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है। अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई और डॉक्टरों की अतिरिक्त टीमों को बुलाया गया।
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो, तबाही के दृश्य देखकर दहशत
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें वायरल होने लगीं, जिनमें सड़क पर बिखरा मलबा, क्षतिग्रस्त वाहन और घायल लोग दिखाई दिए। वीडियो में कई दुकानों के शीशे टूटे नजर आए और सड़क पर धुएं का घना गुबार छाया हुआ था।
कुछ वीडियो में स्थानीय लोग घायल व्यक्तियों को निजी वाहनों और रिक्शों के जरिए अस्पताल पहुंचाते दिखाई दिए। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी गई है।
हाल के दिनों में बढ़े हैं पाकिस्तान में आतंकी हमले
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। खासकर Khyber Pakhtunkhwa और बलूचिस्तान क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
शनिवार रात भी बन्नू जिले के फतेह खेल पुलिस पोस्ट पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 15 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। उस हमले ने पूरे पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी थी।
अब लक्की मरवत का यह नया धमाका सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक और बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।
अफगानिस्तान से जुड़े आतंकियों पर पाकिस्तान का आरोप
हालिया हमलों के बाद पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान स्थित आतंकवादी नेटवर्क्स पर भी सवाल उठाए हैं। बन्नू हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगान चार्जे डी अफेयर्स को तलब किया था और दावा किया था कि जांच में हमले के तार अफगानिस्तान में मौजूद आतंकियों से जुड़े मिले हैं।
हालांकि अफगानिस्तान की ओर से ऐसे आरोपों को पहले भी खारिज किया जाता रहा है। दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और आतंकवाद को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है।
विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान-अफगान सीमा क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी समूह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर, बड़े ऑपरेशन की संभावना
ब्लास्ट के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। कई संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन चला सकती हैं। पाकिस्तान सरकार पर भी बढ़ते आतंकी हमलों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।

