Noida की सुपरटेक द रोमानो सोसायटी में बड़ा संकट: मेंटिनेंस एजेंसी गायब, 400 परिवार पानी-बिजली और सुरक्षा संकट में फंसे
News-Desk
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निवासियों का आरोप है कि एजेंसी बिना किसी पूर्व सूचना, बिना हैंडओवर प्रक्रिया पूरी किए और जरूरी दस्तावेज सौंपे अचानक गायब हो गई। इसके बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। परेशान लोगों ने सेक्टर-113 थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए एजेंसी से जुड़े तीन मालिकों के खिलाफ FIR कराई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
14 मई से अचानक बंद हुआ मेंटिनेंस काम, निवासियों में बढ़ा आक्रोश
सोसायटी के निवासियों के मुताबिक 14 मई को अचानक मेंटिनेंस सेवाएं बंद कर दी गईं। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन बाद में पता चला कि एजेंसी का पूरा स्टाफ काम छोड़ चुका है। इसके बाद से हालात लगातार बिगड़ते चले गए।
कई टावरों में पानी की सप्लाई रुक-रुक कर होने लगी। कुछ फ्लैट्स में घंटों तक पानी नहीं पहुंचा, जिससे परिवारों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। गर्मी के मौसम में पानी संकट ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। वहीं बिजली व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी, जिसके कारण कॉमन एरिया में अंधेरा और तकनीकी दिक्कतें बढ़ने लगीं।
निवासियों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर हो गई है। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए लिफ्ट ही एकमात्र सहारा होती है, लेकिन मेंटिनेंस स्टाफ के अभाव में लिफ्ट खराब होने या बीच में फंसने का डर लगातार बना हुआ है।
लिफ्ट और फायर सेफ्टी को लेकर बढ़ी चिंता, तकनीकी स्टाफ नदारद
सुपरटेक द रोमानो सोसायटी में रहने वाले लोगों ने सबसे बड़ी चिंता लिफ्ट और फायर सेफ्टी को लेकर जताई है। उनका कहना है कि अगर अचानक कोई तकनीकी खराबी आ जाए या आग जैसी आपात स्थिति बन जाए तो मौके पर मदद के लिए कोई प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद नहीं है।
कई निवासियों ने आरोप लगाया कि सोसायटी में नियमित सुरक्षा ऑडिट और उपकरणों की जांच पहले से ही ठीक तरीके से नहीं हो रही थी। अब जब मेंटिनेंस एजेंसी ही गायब हो गई है, तो स्थिति और खतरनाक हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊंची इमारतों में सुरक्षा केवल गार्डों तक सीमित नहीं होती, बल्कि फायर सिस्टम, लिफ्ट कंट्रोल, पावर बैकअप और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम भी जरूरी होती है। लेकिन फिलहाल इनमें से अधिकांश व्यवस्थाएं प्रभावित दिखाई दे रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था चरमराई, बिना जांच के सोसायटी में हो रही एंट्री
मेंटिनेंस एजेंसी के अचानक काम छोड़ने का असर सुरक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक कई सिक्योरिटी गार्डों ने भी काम बंद कर दिया है। इसके बाद सोसायटी में एंट्री-एग्जिट की निगरानी लगभग खत्म हो गई है।
निवासियों ने चिंता जताई कि बिना किसी वेरिफिकेशन के बाहरी लोगों का आना-जाना बढ़ गया है। इससे चोरी, विवाद और अन्य अप्रिय घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों में इसे लेकर खासा डर देखा जा रहा है।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि एजेंसी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे रही थी, जिसके कारण गार्डों और अन्य स्टाफ ने धीरे-धीरे काम छोड़ना शुरू कर दिया। हालांकि इस मामले में एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मेंटिनेंस चार्ज भरने के बावजूद सुविधाओं की बदहाली से नाराज लोग
सोसायटी के निवासियों का कहना है कि वे नियमित रूप से मेंटिनेंस चार्ज जमा करते रहे, लेकिन सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती गई। कई बार शिकायतें करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
लोगों का आरोप है कि जब निवासियों ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू किए और जवाब मांगा, तब कंपनी ने अचानक काम छोड़ दिया। इससे लोगों में भारी नाराजगी है।
कई परिवारों का कहना है कि उन्हें अब खुद ही पानी टैंकर, बिजली बैकअप और निजी सुरक्षा जैसे विकल्पों पर विचार करना पड़ रहा है। इससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
सुपरटेक बिल्डर के दिवालिया होने से और उलझा मामला
यह पूरा मामला इसलिए और ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि सुपरटेक बिल्डर पहले ही दिवालिया प्रक्रिया से गुजर चुका है। ऐसे में सोसायटी प्रबंधन और जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति पहले से ही अस्थिर बनी हुई थी।
निवासियों का कहना है कि अभी तक सोसायटी में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन यानी AOA का गठन भी पूरी तरह नहीं हो पाया है। इसी कारण निवासियों के पास प्रशासनिक नियंत्रण और फैसले लेने की सीमित क्षमता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन सोसायटियों में बिल्डर की भूमिका कमजोर हो जाती है और AOA सक्रिय नहीं होती, वहां इस तरह के संकट तेजी से पैदा होते हैं। इससे सीधे तौर पर आम निवासियों की जिंदगी प्रभावित होती है।
पुलिस जांच में जुटी, एजेंसी के मालिकों पर दर्ज हुई FIR
मामले को लेकर सेक्टर-113 थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मेंटिनेंस एजेंसी ने अचानक काम क्यों छोड़ा और क्या इसमें वित्तीय अनियमितता या लापरवाही के तत्व शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस एजेंसी के रिकॉर्ड, भुगतान व्यवस्था और कर्मचारियों की स्थिति की भी जांच कर सकती है। निवासियों ने मांग की है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य सोसायटी के साथ ऐसा संकट न हो।
नोएडा की हाईराइज सोसायटियों में बढ़ते विवादों ने उठाए बड़े सवाल
एनसीआर क्षेत्र में तेजी से बढ़ती हाईराइज सोसायटियों के बीच मेंटिनेंस, सुरक्षा और बिल्डर प्रबंधन को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहे हैं। कई जगहों पर निवासियों और एजेंसियों के बीच शुल्क, सुविधाओं और जवाबदेही को लेकर टकराव सामने आ चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी आवासीय सोसायटियों में पारदर्शी प्रबंधन, समय पर ऑडिट और मजबूत निवासी समिति बेहद जरूरी होती है। अगर किसी एक कड़ी में भी लापरवाही होती है तो उसका असर हजारों लोगों की जिंदगी पर पड़ सकता है।
सुपरटेक द रोमानो का मामला भी अब केवल एक सोसायटी का विवाद नहीं बल्कि शहरी आवास व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों का उदाहरण बनता जा रहा है।

