Bareilly में डीएलएड छात्रा की दर्दनाक हत्या: अंतिम परीक्षा देकर लौटी ही नहीं बेटी, खेत में मिला शव, AI तकनीक से हुई पहचान
News-Desk
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने तत्काल जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में हत्या का मामला सामने आया है और पुलिस को शक है कि इस वारदात में कोई परिचित व्यक्ति शामिल हो सकता है।
खेत में पड़ा मिला शव, पहचान बनी पहली चुनौती
शनिवार दोपहर ग्रामीणों ने लखनऊ-दिल्ली हाईवे से करीब चार सौ मीटर अंदर खेत में एक युवती का शव पड़ा देखा। शव की हालत बेहद खराब थी। चेहरे पर मिट्टी और खून लगा हुआ था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत सीबीगंज थाना पुलिस को सूचना दी।
थाना प्रभारी प्रदीप चतुर्वेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में एसएसपी अनुराग आर्य भी घटनास्थल पर पहुंच गए। शव की पहचान न होने के कारण पुलिस ने आसपास के जिलों और थानों से हाल में दर्ज गुमशुदगी की जानकारी जुटानी शुरू कर दी।
AI तकनीक बनी पहचान का सहारा, पुलिस ने ऐसे सुलझाई पहली कड़ी
इस मामले में पुलिस ने आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI का इस्तेमाल किया। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि युवती के चेहरे पर लगी मिट्टी और खून की वजह से पहचान संभव नहीं हो पा रही थी। ऐसे में फोटो को AI तकनीक के माध्यम से साफ कराया गया ताकि चेहरा स्पष्ट दिख सके।
इसके बाद फोटो को कई सोशल मीडिया ग्रुप और पुलिस नेटवर्क पर साझा किया गया। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी थी कि छात्रा ने जो ड्रेस पहनी थी, वह किस शिक्षण संस्थान से जुड़ी हो सकती है। इसी दौरान फरीदपुर थाने में दर्ज गुमशुदगी के मामले से तस्वीर का मिलान हुआ और मामला आगे बढ़ा।
रात करीब आठ बजे शीशगढ़ क्षेत्र के रहने वाले छात्रा के पिता सीबीगंज थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी शुक्रवार शाम से लापता है और वह डीएलएड की अंतिम परीक्षा देने गई थी। जब पुलिस ने उन्हें मोर्चरी में शव दिखाया, तो परिवार ने उसकी पहचान कर ली। इस पल ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
अंतिम परीक्षा देकर लौटना था घर, लेकिन रास्ते में खत्म हो गई जिंदगी
परिवार के मुताबिक छात्रा पढ़ाई में बेहद होशियार थी और शिक्षक बनने का सपना देख रही थी। वह बहेड़ी के दर्शन सिंह कॉलेज से डीएलएड कर रही थी और बरेली में अपने रिश्तेदारों के घर रहकर पढ़ाई पूरी कर रही थी।
रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह भी उसके साढ़ू उसे बाइक से बस स्टैंड तक छोड़कर गए थे, जहां से वह फरीदपुर परीक्षा केंद्र के लिए निकली थी। शुक्रवार को उसका अंतिम पेपर था और उसके बाद उसे गांव लौटना था।
लेकिन शाम तक न तो वह गांव पहुंची और न ही रिश्तेदारों के घर लौटी। परिवार ने पहले सोचा कि शायद वह किसी सहेली के यहां रुक गई होगी। मगर रातभर फोन बंद आने और कोई संपर्क न होने से चिंता बढ़ गई। शनिवार सुबह पिता ने फरीदपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
कुछ ही घंटों बाद खेत में शव मिलने की खबर ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
हत्या से पहले संघर्ष के संकेत, मुट्ठी में मिली खेत की मिट्टी
पुलिस जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो इस वारदात को बेहद दर्दनाक बना देते हैं। मृतका के गले पर कसाव के निशान मिले हैं, जिससे गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका मजबूत हुई है। इसके अलावा कोहनी और घुटनों पर चोट और घिसटने के निशान भी पाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि छात्रा ने खुद को बचाने के लिए काफी संघर्ष किया होगा। घटनास्थल से टूटी हुई घास और बिखरी मिट्टी भी मिली है। सबसे मार्मिक बात यह रही कि छात्रा की मुट्ठी में खेत की मिट्टी भरी हुई थी, जो उसके अंतिम संघर्ष की कहानी बयान कर रही थी।
परिचित पर शक, चार मोबाइल नंबर सर्विलांस पर
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला किसी परिचित व्यक्ति से जुड़ा हुआ लग रहा है। छात्रा के पिता ने पुलिस को कुछ नाम और चार मोबाइल नंबर दिए हैं। इन्हें तुरंत सर्विलांस पर लगाया गया है।
पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। छात्रा के रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस को जानकारी मिली है कि 14 मई को एक युवक छात्रा को बाइक से उसके रिश्तेदारों के घर के पास छोड़ने आया था। अब पुलिस उस युवक की पहचान और उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी होगी, महिला डॉक्टर भी रहेंगी मौजूद
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराने की संस्तुति की है। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और इसमें महिला डॉक्टर भी मौजूद रहेंगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
शिक्षा के सपनों पर अपराध का हमला, इलाके में गुस्सा और डर
घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक छात्रा, जो अपने भविष्य के लिए पढ़ाई कर रही थी, उसकी इस तरह हत्या होना समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।
लोगों ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। खासतौर पर परीक्षा केंद्रों और छात्राओं के आवागमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों पर फिर उठे सवाल
बरेली की यह घटना एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर बहस का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन और निगरानी व्यवस्था बेहद जरूरी हो गई है।
सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि आरोपी चाहे कोई भी हो, उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

