Prayagraj में भीषण सड़क हादसा: रीवा रोड पर एक्सयूवी ने मारी कार को टक्कर, पिता और दो बेटों की दर्दनाक मौत
Prayagraj के नैनी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। लेप्रोसी चौराहा और रेलवे डॉट पुल के बीच रीवा मार्ग पर तेज रफ्तार एक्सयूवी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में पहुंच गई और सामने से आ रही मारुति कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पिता और उनके दो बेटों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटी, बहन और बहनोई गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरी ओर एक्सयूवी कार में सवार तीन छात्र भी घायल हुए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया गया।
माता शारदा देवी के दर्शन के लिए जा रहा था परिवार
जानकारी के अनुसार फाफामऊ के शांतिपुरम निवासी दीपक चौरसिया अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ मारुति कार से मध्य प्रदेश स्थित मैहर में माता शारदा देवी के दर्शन के लिए जा रहे थे।
शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे उनकी कार नैनी पुल पार कर लेप्रोसी चौराहे से रीवा रोड की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान रेलवे डॉट पुल के पास सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक्सयूवी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर पार करते हुए सीधे उनकी कार से टकरा गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए और कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पिता और दो बेटों की मौके पर मौत
इस दर्दनाक हादसे में दीपक चौरसिया (45) पुत्र छेदीलाल, उनके बेटे दिव्यांशु चौरसिया (20) और मान चौरसिया (17) की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार धार्मिक यात्रा पर निकला था, लेकिन कुछ ही मिनटों में खुशी मातम में बदल गई।
यह हादसा इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बेटी, बहन और बहनोई गंभीर रूप से घायल
हादसे में दीपक चौरसिया की बेटी कुमारी हर्षिता चौरसिया (20), बहन बेबी चौरसिया और बहनोई अनिल चौरसिया गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे के बाद अस्पताल में भी बड़ी संख्या में रिश्तेदार और परिचित पहुंच गए, जिससे वहां भावुक माहौल बन गया।
एक्सयूवी में सवार तीन छात्र भी घायल
दूसरी गाड़ी एक्सयूवी में तीन छात्र सवार थे। पुलिस के अनुसार कार चला रहा अर्पित कुमार यादव (20) यूनाइटेड विश्वविद्यालय के एमसीए प्रथम वर्ष का छात्र है।
अर्पित के साथ प्रिंस (21) और अंकित नामक युवक भी कार में मौजूद थे। हादसे में ये तीनों भी घायल हुए हैं। पुलिस ने सभी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक्सयूवी तेज रफ्तार में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा।
डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में पहुंची एक्सयूवी
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार एक्सयूवी कार अचानक डिवाइडर पार करते हुए दूसरी पटरी पर पहुंच गई। इसके बाद सामने से आ रही मारुति कार को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे के बाद सड़क पर दोनों वाहनों के क्षतिग्रस्त हिस्से बिखर गए। कुछ समय के लिए रीवा रोड पर यातायात भी प्रभावित रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
पुलिस ने दोनों वाहन कब्जे में लिए, चालक हिरासत में
हादसे की सूचना मिलते ही नैनी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार एक्सयूवी चालक अर्पित कुमार यादव को पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और हादसे के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार फिर बनी जानलेवा
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरस्पीडिंग सड़क दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बन चुकी है।
विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में तेज रफ्तार गाड़ियां चलाने का बढ़ता ट्रेंड कई बार जानलेवा साबित हो रहा है। खासकर हाईवे और चौड़ी सड़कों पर वाहन चालक अक्सर गति पर नियंत्रण खो देते हैं।
प्रयागराज में शोक की लहर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से प्रयागराज के फाफामऊ और दारागंज इलाके में शोक की लहर फैल गई है। रिश्तेदारों और परिचितों का कहना है कि परिवार धार्मिक यात्रा पर निकला था और किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह सफर इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती बढ़ाने की मांग की है।

