उत्तर प्रदेश

Bulandshahr News: 55 लाख की जमीन बना खूनी विवाद का कारण, भतीजे ने चाचा को मारी दो गोलियां, खेत में हुई दर्दनाक मौत

Bulandshahr  में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां जमीन को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बुलंदशहर जिले के खुर्जा कोतवाली क्षेत्र स्थित क्वार्सी गांव में बृहस्पतिवार सुबह एक भतीजे ने अपने ही चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि वारदात खेत में हुई, जहां दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गोली चलाने के बाद आरोपी ने खुद डायल 112 पर फोन कर घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।


क्वार्सी गांव के खेत में हुई वारदात, मौके पर हुई मौत

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 50 वर्षीय बृजमोहन के रूप में हुई है। घटना के समय वह अपने पैतृक गांव क्वार्सी स्थित खेत पर पहुंचे थे। वहीं उनका सामना अपने भतीजे कृष्णकांत से हुआ, जो ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई कर रहा था।

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ ही क्षणों में गोलियां चल गईं। बृजमोहन को एक गोली सिर में और दूसरी सीने में लगी। गंभीर चोटों के कारण वह खेत में ही गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।


तीन साल पुराना जमीन विवाद बना हत्या की वजह

स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार इस पूरे मामले की जड़ जमीन का विवाद था। बताया गया कि बृजमोहन अपने परिवार के साथ बुलंदशहर के चांदपुर रोड स्थित एक कॉलोनी में रहते थे। उनकी पैतृक कृषि भूमि क्वार्सी गांव में स्थित थी, जिसकी नियमित देखभाल करना उनके लिए कठिन हो गया था।

करीब तीन वर्ष पूर्व उन्होंने अपने बड़े भाई निवास शर्मा को लगभग 55 लाख रुपये में जमीन देने की सहमति जताई थी। इस समझौते के बाद निवास शर्मा को जमीन पर खेती करने की अनुमति भी दे दी गई थी।

हालांकि आरोप है कि तय अवधि बीत जाने के बावजूद बृजमोहन को जमीन के बदले कोई भुगतान नहीं किया गया। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच लगातार विवाद बढ़ता चला गया और मामला पारिवारिक रिश्तों में तनाव का कारण बन गया।


धमकियों और तनाव के बीच बढ़ता गया विवाद

ग्रामीणों के अनुसार जमीन के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कई बार विवाद हुआ था। बताया जाता है कि बृजमोहन ने कई अवसरों पर अपने बड़े भाई और उनके पुत्र कृष्णकांत को जमीन पर खेती करने से रोकने की कोशिश की थी।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रहती थी। लगातार बढ़ते तनाव के कारण स्थिति पहले से ही संवेदनशील बनी हुई थी।

पुलिस अभी इन सभी आरोपों और तथ्यों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच हुए विवादों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।


खेत में हुआ आमना-सामना, फिर चली गोली

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह कृष्णकांत रोजाना की तरह ट्रैक्टर लेकर खेत जोतने गया था। इसी दौरान बृजमोहन भी वहां पहुंच गए। खेत में दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हुई जो जल्द ही मारपीट में बदल गई।

घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार विवाद के दौरान फावड़े से हमला किए जाने की बात भी जांच के दायरे में है। इसी दौरान कृष्णकांत ने अपने पास मौजूद अवैध तमंचे से फायरिंग कर दी।

दो गोलियां लगने के बाद बृजमोहन गंभीर रूप से घायल होकर खेत में गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों के पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और फोरेंसिक टीम की सहायता से पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।


आरोपी ने खुद दी पुलिस को सूचना

इस मामले का एक असामान्य पहलू यह भी है कि वारदात के बाद आरोपी कृष्णकांत ने स्वयं डायल 112 पर फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर घटना के सभी पहलुओं को समझने का प्रयास कर रही है। साथ ही हत्या में प्रयुक्त हथियार को भी कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


पारिवारिक संपत्ति विवादों पर फिर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर पारिवारिक संपत्ति और जमीन विवादों से उत्पन्न होने वाले गंभीर परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन और पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद अक्सर वर्षों तक चलते हैं और समय रहते समाधान न होने पर रिश्तों में कड़वाहट बढ़ जाती है।

कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया के बजाय व्यक्तिगत टकराव बढ़ने से हिंसक घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे मामलों में समय रहते मध्यस्थता, कानूनी सलाह और पारिवारिक संवाद को महत्वपूर्ण माना जाता है।


गांव में शोक और सनसनी का माहौल

घटना के बाद क्वार्सी गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक और चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के विवाद ने एक परिवार को ऐसी त्रासदी में धकेल दिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।


बुलंदशहर के क्वार्सी गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पारिवारिक संपत्ति को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था, जो अंततः हिंसक टकराव में बदल गया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि संपत्ति संबंधी विवादों का समाधान कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से करना ही सभी पक्षों के हित में होता है।

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