Nepal से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो खाई में गिरी: 11 घायल, 7 की हालत गंभीर, परिवारों में मचा कोहराम
News-Desk
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घटना ने धार्मिक यात्रा पर निकले परिवारों की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। घायल श्रद्धालुओं का उपचार जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
स्वर्गद्वारी स्थित प्रभुनाथ मंदिर में दर्शन के बाद लौट रहा था परिवार
जानकारी के अनुसार हरैया सतघरवा क्षेत्र के भयापुरवा गांव निवासी सहजराम अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ बुधवार को नेपाल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल स्वर्गद्वारी स्थित प्रभुनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने गए थे।
दर्शन के बाद सभी लोग गुरुवार को बोलेरो वाहन से अपने घर वापस लौट रहे थे। वाहन में महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे सहित करीब 11 श्रद्धालु सवार थे। परिवार धार्मिक यात्रा पूरी कर सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद में था, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
पहाड़ी उतराई पर चालक ने खोया नियंत्रण, खाई में जा गिरी बोलेरो
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा नेपाल के कोयलाबास क्षेत्र के निकट पहाड़ी मार्ग पर हुआ। बताया जा रहा है कि उतराई के दौरान अचानक बोलेरो चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते वाहन सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा।
हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में बैठे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और राहत कार्य शुरू किया।
पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बचाव कार्य आसान नहीं था, लेकिन स्थानीय नागरिकों और नेपाल पुलिस ने मिलकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।
नेपाल पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान
दुर्घटना की सूचना मिलते ही नेपाल पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। खाई में गिरे वाहन से सभी घायलों को बाहर निकालकर प्राथमिक चिकित्सा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर भेजा गया।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार गंभीर रूप से घायल लोगों की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
राहत कार्य के दौरान स्थानीय लोगों की तत्परता ने कई घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन सात श्रद्धालुओं की हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
गंभीर घायलों में—
- राधेश्याम (30 वर्ष)
- रवींद्र कुमार (45 वर्ष)
- ऊषा देवी (37 वर्ष)
- लीला देवी (55 वर्ष)
- रेनू देवी (25 वर्ष)
- सुनीता (40 वर्ष)
- फुलसा देवी (55 वर्ष)
शामिल हैं।
डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यक चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
चार लोगों को आई मामूली चोटें
दुर्घटना में प्रमोद (17 वर्ष), अक्षय (7 वर्ष), शुभम (5 वर्ष) तथा वाहन चालक राजेंद्र (38 वर्ष) को अपेक्षाकृत मामूली चोटें आईं।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद इन सभी को चिकित्सकों ने घर भेज दिया। हालांकि चिकित्सकों ने उन्हें कुछ दिनों तक स्वास्थ्य पर निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा जांच कराने की सलाह दी है।
परिवार बोला- किसी ने नहीं सोचा था कि लौटते समय ऐसा होगा
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घायल श्रद्धालुओं के रिश्तेदार राधेश्याम ने बताया कि पूरा परिवार श्रद्धा और आस्था के साथ धार्मिक यात्रा पर गया था।
उन्होंने कहा कि किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि दर्शन कर लौटते समय इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित घर लौटने की तैयारी में थे, लेकिन दुर्घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
चालक ने बताई हादसे की वजह
वाहन चालक राजेंद्र ने प्रारंभिक जानकारी देते हुए बताया कि पहाड़ी उतराई के दौरान अचानक वाहन पर नियंत्रण नहीं रह पाया। उनके अनुसार ब्रेक अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर सके, जिसके कारण वाहन अनियंत्रित होकर खाई में चला गया।
हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रहे हैं।
पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बेहद जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें कई स्थानों पर संकरी और तीव्र ढलान वाली होती हैं। ऐसे मार्गों पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रण, ब्रेक सिस्टम की नियमित जांच और सुरक्षित ड्राइविंग बेहद आवश्यक होती है।
धार्मिक यात्राओं के दौरान अक्सर वाहन पूरी क्षमता के साथ यात्रियों से भरे होते हैं। ऐसे में वाहन की तकनीकी स्थिति और चालक का अनुभव दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक प्रभावित करता है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर नेपाल के पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से श्रद्धालु नेपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान वाहन की फिटनेस, अनुभवी चालक और मौसम की जानकारी जैसी सावधानियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

