Ayodhya चढ़ावा चोरी मामला: रिमांड में आरोपी से पूछताछ के बाद सौंदर्य कंस्ट्रक्शन की वित्तीय गतिविधियां जांच के दायरे में
News-Desk
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ayodhya news, अयोध्या समाचार, उत्तर प्रदेश समाचार, चढ़ावा चोरी मामला, जीएसटी, टिन्नू, पुलिस जांच, रामशंकर यादव, रिमांड, सौंदर्य कंस्ट्रक्शनAyodhya चढ़ावा चोरी Case में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रिमांड पर लिए गए चढ़ावा चोरी के आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव से लंबी पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पूछताछ के आधार पर अब पुलिस ने आरोपी की पत्नी पूनम देवी के नाम से संचालित सौंदर्य कंस्ट्रक्शन की वित्तीय गतिविधियों और कारोबारी रिकॉर्ड की भी पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से किसी अंतिम निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पूछताछ में सामने आई फर्म से जुड़ी जानकारी
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि सौंदर्य कंस्ट्रक्शन नामक फर्म का गठन वर्ष 2023 में किया गया था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्थापना के पहले वर्ष में फर्म को लगभग 47 लाख रुपये के कार्य प्राप्त हुए थे। इसके बाद अगले वर्ष फर्म का कारोबार बढ़कर करीब 1.39 करोड़ रुपये तक पहुंचने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद उपलब्ध विवरण के अनुसार फर्म ने लगभग 1.03 करोड़ रुपये का कारोबार भी दर्शाया है।
जांच एजेंसियां अब इन आंकड़ों से संबंधित दस्तावेजों, अनुबंधों और वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण कर रही हैं।
जीएसटी भुगतान की भी हो रही पड़ताल
पूछताछ और उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि संबंधित वर्षों में फर्म द्वारा क्रमशः लगभग 25 लाख रुपये और 18 लाख रुपये की नकद जीएसटी (Cash GST) जमा किए जाने का उल्लेख है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फर्म की कारोबारी गतिविधियां, आय के स्रोत और कर संबंधी विवरण उपलब्ध अभिलेखों एवं संबंधित नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले इन तथ्यों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
वित्तीय दस्तावेजों की हो रही जांच
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब पूछताछ में प्राप्त जानकारियों के आधार पर संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड, कारोबारी लेन-देन और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर रही है।
जांच का उद्देश्य तथ्यों का सत्यापन करना तथा यह सुनिश्चित करना है कि उपलब्ध जानकारी और दस्तावेजों में किसी प्रकार की विसंगति तो नहीं है। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो आगे की कार्रवाई संबंधित कानूनों और प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी।
रिमांड के दौरान कई पहलुओं पर पूछे गए सवाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिमांड अवधि में आरोपियों से विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की पुष्टि दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
जांच अभी जारी, अंतिम निष्कर्ष आना बाकी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सौंदर्य कंस्ट्रक्शन से संबंधित वित्तीय गतिविधियां फिलहाल जांच के दायरे में हैं। उपलब्ध जानकारी पूछताछ और प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों पर आधारित है।
किसी भी व्यक्ति या संस्था की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा तथ्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा।

