Muzaffarnagar में गूंजा ‘बम-बम भोले’: शिव चौक पर उमड़ने लगी कांवड़ियों की भीड़, श्रावण कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
Muzaffarnagar का धार्मिक माहौल पूरी तरह शिवमय होता जा रहा है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हजारों शिवभक्त कांवड़िए अब बड़ी संख्या में मुजफ्फरनगर पहुंचने लगे हैं। शहर की पहचान माने जाने वाले शिव चौक पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती आवाजाही के बीच पूरा वातावरण ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से भक्तिमय हो उठा है।
उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल श्रावण कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग और जिला पंचायत पूरी तरह सक्रिय हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बिना किसी परेशानी के संपन्न हो।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिव चौक पहुंच रहे हैं हजारों कांवड़िए
हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त लगातार मुजफ्फरनगर के रास्ते अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं। शहर की हृदयस्थली शिव चौक पर पहुंचकर श्रद्धालु भगवान शिव को नमन करते हुए चौक की परिक्रमा कर अपनी आगे की यात्रा शुरू कर रहे हैं।
शिव चौक पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिल रहा है। भगवा वस्त्र धारण किए कांवड़िए, कंधों पर सजी रंग-बिरंगी कांवड़ और शिव भक्ति के गीतों के बीच शहर पूरी तरह श्रद्धामय नजर आ रहा है।
दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है कांवड़ियों की संख्या
श्रावण मास के आगे बढ़ने के साथ ही कांवड़ियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। प्रशासन को आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और जनसुविधाओं से जुड़े इंतजामों को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार कांवड़ यात्रा के प्रमुख दिनों में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग तथा शहर के प्रमुख मार्गों पर लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। ऐसे में प्रशासन पहले से ही सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में तैयारियां तेज
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में कांवड़ यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था
- चिकित्सकीय सहायता
- स्नान संबंधी सुविधाएं
- सुरक्षा व्यवस्था
- यातायात प्रबंधन
- साफ-सफाई
- प्रकाश व्यवस्था
जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
नगर पालिका ने सफाई और प्रकाश व्यवस्था को बनाया प्राथमिकता
श्रावण कांवड़ यात्रा को देखते हुए नगर पालिका द्वारा शहर और कांवड़ मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
पालिका प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा पथ प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की है। रात के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रमुख मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
प्रशासन का मानना है कि स्वच्छ और रोशन मार्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई चिकित्सा तैयारियां
श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सक्रिय है।
कांवड़ मार्ग पर प्राथमिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने, आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता देने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
गर्मी, थकान, डिहाइड्रेशन अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पुलिस की कड़ी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी कर रही है।
कांवड़ मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन, यातायात संचालन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय हैं। प्रमुख चौराहों, संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को तत्काल नियंत्रित किया जाएगा।
शिव चौक बना आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र
मुजफ्फरनगर का ऐतिहासिक शिव चौक हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है। हरिद्वार से लौटते हजारों कांवड़िए यहां पहुंचकर भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और फिर अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना होते हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है कि शिव चौक की परिक्रमा कर आगे बढ़ना उनकी धार्मिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यही कारण है कि दिन-रात यहां शिवभक्तों की आवाजाही बनी रहती है।
‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा कांवड़ मार्ग
जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे पूरे कांवड़ मार्ग पर धार्मिक उल्लास भी चरम पर पहुंच रहा है। भगवा परिधानों में सजे शिवभक्तों के समूह, हाथों में ध्वज, कंधों पर सजी आकर्षक कांवड़ और लगातार गूंजते ‘बम-बम भोले’, ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।
स्थानीय नागरिक भी जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहे हैं। कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं सेवा शिविरों के माध्यम से जलपान, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग कर रही हैं।
प्रशासन का लक्ष्य—सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा
मुजफ्फरनगर प्रशासन का कहना है कि श्रावण कांवड़ यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर प्रत्येक व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर रही हैं। सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, चिकित्सा सहायता, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी कार्यों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि लाखों शिवभक्त सुरक्षित और सहज वातावरण में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।

