Jalaun में प्रशासनिक अव्यवस्था उजागर: IAS रिंकू सिंह राही को नए तहसील भवन में नहीं मिला कोर्ट और कक्ष, पांच घंटे तक इंतजार
Jalaun IAS Rinku Singh Rahi से जुड़ा एक प्रशासनिक घटनाक्रम सोमवार को चर्चा का विषय बन गया, जब संयुक्त मजिस्ट्रेट जालौन एवं उप जिलाधिकारी (न्यायिक) आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही को नए तहसील भवन में न्यायिक कार्य शुरू करने के लिए पहुंचने के बावजूद न तो न्यायालय कक्ष उपलब्ध कराया गया और न ही बैठने के लिए कार्यालय। बताया गया कि अधिकारी को करीब पांच घंटे तक परिसर में इंतजार करना पड़ा, जबकि न्यायालय के अभिलेख और फर्नीचर भी लंबे समय तक भवन परिसर में ही रखे रहे।
घटना ने नए तहसील भवन में प्रशासनिक समन्वय और कार्यालय आवंटन व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। इस दौरान अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों की भीड़ भी मौके पर जुट गई, जिससे मामला पूरे परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।
न्यायिक कार्य शुरू करने की तैयारी के साथ पहुंचे थे रिंकू सिंह राही
जानकारी के अनुसार, संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी (न्यायिक) रिंकू सिंह राही द्वारा पहले ही नए तहसील भवन से न्यायिक कार्य प्रारंभ करने संबंधी पत्र जारी किया जा चुका था।
इसी क्रम में वह सोमवार दोपहर लगभग तीन बजे कर्मचारियों, न्यायालय के अभिलेखों और आवश्यक फर्नीचर के साथ नए तहसील भवन पहुंचे, ताकि वहां से नियमित न्यायिक कार्य शुरू किया जा सके।
हालांकि, मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें निर्धारित न्यायालय कक्ष और कार्यालय उपलब्ध नहीं हो सका।
कई कमरों में लगे रहे ताले, परिसर में रखा रहा अभिलेख और फर्नीचर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकारी के नए भवन पहुंचने की सूचना मिलते ही कई कमरों के ताले बंद रहे।
इसके कारण न्यायालय से जुड़े महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख, दस्तावेज और फर्नीचर काफी समय तक भवन परिसर में ही रखा रहा।
अभिलेखों की सुरक्षा को देखते हुए स्थिति को गंभीर माना गया, क्योंकि न्यायालय से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित स्थान पर रखना प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक होता है।
परिसर में टहलते रहे उप जिलाधिकारी (न्यायिक)
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) रिंकू सिंह राही लंबे समय तक तहसील परिसर में ही स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते रहे।
उन्होंने अधिकारियों के समक्ष यह भी कहा कि न्यायालय के सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा के लिए अलग न्यायालय कक्ष और कार्यालय का तत्काल आवंटन आवश्यक है।
‘जरूरत पड़ी तो फोल्डिंग डालकर यहीं रुकूंगा’
बताया गया कि अभिलेखों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए रिंकू सिंह राही ने कहा कि यदि उचित व्यवस्था नहीं की गई तो वह परिसर में ही फोल्डिंग लगाकर रुकने के लिए भी तैयार हैं, ताकि न्यायालय के दस्तावेज असुरक्षित न रहें।
यह टिप्पणी अभिलेखों की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी के संदर्भ में की गई बताई जा रही है।
अधिवक्ताओं और वादकारियों की लगी भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही तहसील परिसर में बड़ी संख्या में—
- अधिवक्ता,
- वादकारी,
- कर्मचारी,
- स्थानीय लोग
एकत्र हो गए।
काफी देर तक यह स्थिति बनी रही और लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे।
अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत
स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और उप जिलाधिकारी (न्यायिक) के बीच कई दौर की बातचीत हुई।
उद्देश्य यह था कि न्यायालय के संचालन के लिए आवश्यक कक्ष उपलब्ध कराया जा सके और अभिलेखों को सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
न्यायालय के अभिलेखों की सुरक्षा क्यों होती है महत्वपूर्ण?
न्यायालय से जुड़े अभिलेखों में विभिन्न मामलों की मूल फाइलें, आदेश, साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल होते हैं।
इन अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण न्यायिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जाता है। इसलिए किसी भी न्यायालय के स्थानांतरण या नए भवन में कार्य प्रारंभ करने से पहले कार्यालय, रिकॉर्ड रूम और न्यायालय कक्ष की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।
प्रशासनिक समन्वय पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद नए तहसील भवन में कार्यालय आवंटन और प्रशासनिक समन्वय को लेकर कई प्रश्न उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं के बीच भी यह चर्चा रही कि जब न्यायिक कार्य प्रारंभ करने की पूर्व सूचना जारी हो चुकी थी, तब आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित क्यों नहीं की गईं।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

