Bareilly में दर्दनाक हादसा: नकटिया नदी किनारे छह फुट गहरे नाले में डूबने से 6 वर्षीय मासूम की मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
News-Desk
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Bareilly news, उत्तर प्रदेश समाचार, एसडीएम विदुषी सिंह, नकटिया नदी, पीडब्ल्यूडी, फरीदपुर, बरेली समाचार, मासूम की मौत, राजीव अग्रवाल, रुरिया गांव, हादसाBareilly जिले के फरीदपुर क्षेत्र में पूरे गांव को गमगीन कर दिया। मंगलवार को नकटिया नदी के पास स्थित रुरिया गांव में छह वर्षीय मासूम राजकुमार की छह फुट गहरे नाले में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चा अपने साथियों के साथ गांव के बाहर गया था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे नाले में जा गिरा।
घटना के बाद ग्रामीणों ने काफी देर तक राहत प्रयास चलाए, लेकिन जब तक बच्चे को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे के बाद परिजनों ने निर्माणाधीन पुल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
साथी बच्चों के साथ गया था गांव के बाहर, अचानक हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, फरीदपुर क्षेत्र के रुरिया गांव निवासी विपिन सक्सेना का छह वर्षीय बेटा राजकुमार मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गांव के सात अन्य बच्चों के साथ नकटिया नदी के किनारे गया था।
इसी दौरान नदी के पास बने लगभग छह फुट गहरे नाले के निकट उसका संतुलन बिगड़ गया। साथी बच्चों के अनुसार, राजकुमार का पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा। गहराई अधिक होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और डूब गया।
घटना के तुरंत बाद साथ मौजूद बच्चों ने गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
एक घंटे तक चला राहत अभियान, ग्रामीणों ने नाले से बाहर निकाला
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बच्चे की तलाश शुरू की।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने राजकुमार को नाले से बाहर निकाला। इसके बाद परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरीदपुर लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
परिजनों ने लगाए सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने निर्माणाधीन पुल के कार्य से जुड़े ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिवार का कहना है कि पुल निर्माण कार्य के दौरान आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। यदि नाले के आसपास उचित बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या अन्य सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो संभव है कि यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।
परिजनों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम बोलीं—तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
फरीदपुर की एसडीएम विदुषी सिंह ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पीड़ित परिवार निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के खिलाफ लिखित तहरीर देता है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और नियमानुसार पीड़ित परिवार को उपलब्ध सरकारी सहायता एवं मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
प्रशासन ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।
पीडब्ल्यूडी ने दी घटना पर अपनी सफाई
घटना के बाद पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल ने भी अपना पक्ष रखा।
उन्होंने बताया कि रुरिया गांव में नकटिया नदी पर लगभग 60 से 70 वर्ष पुराने पुल के समानांतर नया पुल बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य निर्धारित योजना के अनुसार चल रहा है।
उन्होंने कहा कि नदी के बहाव को मोड़ने (डायवर्जन) का कार्य मई महीने में ही पूरा हो चुका था और वर्तमान में पुल के ऊपरी हिस्से का निर्माण कार्य चल रहा है।
‘हादसा निर्माणाधीन पुल से लगभग 100 मीटर दूर हुआ’
अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना निर्माणाधीन पुल से लगभग 100 मीटर दूर हुई है।
उन्होंने बताया कि विभाग पूरे मामले की जांच करा रहा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल विभाग यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े आरोपों में कितनी तथ्यात्मकता है।
ग्रामीणों में शोक, सुरक्षा उपायों की उठी मांग
मासूम की मौत के बाद रुरिया गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय लोगों का मानना है कि जहां गहरे गड्ढे, नाले या निर्माणाधीन संरचनाएं हों, वहां स्पष्ट चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए, विशेषकर ऐसे इलाकों में जहां बच्चों की आवाजाही रहती है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून और बारिश के मौसम में नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है।
ऐसे समय में अभिभावकों को भी छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखने और उन्हें अकेले नदी, नाले या निर्माणाधीन क्षेत्रों के आसपास न जाने देने की सलाह दी जाती है। वहीं निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी होती है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभाग अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं। परिजनों की ओर से यदि औपचारिक शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के लिए किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं। प्रशासन ने कहा है कि तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।

