Hathras- कबड्डी खेलते-खेलते पेट में लगी जोरदार चोट, बिगड़ी हालत; अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में 40 वर्षीय राजमिस्त्री की मौत
News-Desk
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अलीगढ, उत्तर प्रदेश न्यूज, कबड्डी, कबड्डी मैच, जेएन मेडिकल कॉलेज, बबलू, वीर नगर, हाथरस, हाथरस न्यूज़, हादसाHathras के जंक्शन थाना क्षेत्र के वीर नगर गांव में कबड्डी का मैच एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। गांव में आयोजित टूर्नामेंट के दौरान कबड्डी खेल रहे 40 वर्षीय राजमिस्त्री बबलू के पेट में अचानक गंभीर चोट लग गई। शुरुआत में परिजनों ने उन्हें स्थानीय स्तर पर इलाज दिलाने की कोशिश की, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बबलू की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। जिस खेल में बबलू उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे थे, उसी दौरान लगी चोट उनकी जान ले लेगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। घटना के बाद वीर नगर गांव में भी शोक का माहौल है।
वीर नगर गांव में चल रहा था कबड्डी टूर्नामेंट
वीर नगर निवासी बबलू पुत्र पूरन सिंह पेशे से राजमिस्त्री थे। सोमवार को गांव में कबड्डी का टूर्नामेंट आयोजित किया गया था। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में गांव और आसपास के लोग भी हिस्सा ले रहे थे। बबलू भी कबड्डी खेलने के लिए मैदान में उतरे थे।
मैच के दौरान खिलाड़ी सामान्य रूप से खेल रहे थे। इसी बीच बबलू के पेट में जोरदार चोट लग गई। चोट लगने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। मैदान पर मौजूद लोगों और परिजनों को जब उनकी हालत खराब नजर आई तो उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।
चोट के बाद अचानक बिगड़ने लगी तबीयत
कबड्डी खेलते समय पेट में चोट लगने के बाद बबलू की हालत ठीक नहीं हुई। परिजन उन्हें तत्काल हाथरस के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।
हालात को देखते हुए डॉक्टरों ने बबलू को बेहतर इलाज के लिए अलीगढ़ स्थित जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर अलीगढ़ पहुंचे, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार शुरू हुआ।
जेएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा था इलाज
अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में बबलू का इलाज किया जा रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार होगा और वह जल्द घर लौट आएंगे। लेकिन इलाज के दौरान उनकी स्थिति लगातार गंभीर बनी रही।
बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान बबलू ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
खेल के मैदान से उठी मौत की खबर
कबड्डी जैसे खेल में खिलाड़ियों के बीच शारीरिक संपर्क होना सामान्य है। लेकिन वीर नगर में सोमवार को हुआ एक ऐसा ही हादसा बबलू के लिए जानलेवा साबित हुआ। खेल के दौरान लगी चोट के बाद उनकी हालत बिगड़ी और कुछ दिनों तक इलाज चलने के बाद उनकी मौत हो गई।
इस घटना ने गांव में आयोजित होने वाले खेल आयोजनों के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा कर दी है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बबलू की मौत पेट में लगी चोट के बाद उपचार के दौरान हुई।
परिवार में मचा कोहराम
बबलू की मौत की जानकारी मिलते ही उनके परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन यह मानने को तैयार नहीं थे कि कुछ दिन पहले तक सामान्य रूप से अपना काम और खेलकूद करने वाले बबलू अब उनके बीच नहीं रहे।
अचानक हुई इस मौत से परिवार के साथ-साथ गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। गांव में जिस टूर्नामेंट को लेकर उत्साह का माहौल था, वही घटना अब लोगों के लिए गम का कारण बन गई है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों ने शव को अपने कब्जे में लेकर अंतिम संस्कार की तैयारी की। बबलू की मौत से परिवार ने अपना एक सदस्य खो दिया, वहीं गांव में भी इस घटना को लेकर शोक की स्थिति बनी हुई है।
एक खेल, जिसने परिवार को गहरा सदमा दे दिया
बबलू के लिए सोमवार का दिन सामान्य तरीके से शुरू हुआ था। गांव में कबड्डी टूर्नामेंट हो रहा था और वह उसमें हिस्सा लेने मैदान में पहुंचे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि खेल के दौरान लगी चोट कुछ ही दिनों में उनकी जिंदगी खत्म कर देगी।
पेट में चोट लगने के बाद पहले हाथरस के निजी अस्पताल में इलाज कराया गया और फिर गंभीर स्थिति में अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। कई दिनों तक उपचार के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
गांव में पसरा मातम
बबलू की मौत की खबर के बाद वीर नगर में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे। अचानक हुई इस घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है।
परिवार के लिए सबसे मुश्किल बात यह है कि बबलू की मौत किसी लंबी बीमारी के कारण नहीं, बल्कि खेल के दौरान लगी चोट के बाद हुई। एक स्थानीय खेल आयोजन के दौरान हुआ यह हादसा अब पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कबड्डी मैच में चोट के बाद मौत ने बढ़ाई चिंता
कबड्डी में खिलाड़ी एक-दूसरे के बेहद करीब रहकर खेलते हैं और इस दौरान चोट लगने की संभावना बनी रहती है। वीर नगर की घटना यह बताती है कि खेल के दौरान लगी चोट को मामूली समझकर नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। बबलू को चोट लगने के बाद परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगे रेफर करना पड़ा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में बबलू की मौत के चिकित्सकीय कारणों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इतना जरूर है कि कबड्डी मैच के दौरान पेट में लगी चोट के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
40 साल की उम्र में जिंदगी का सफर थम गया
बबलू की उम्र 40 वर्ष थी और वह राजमिस्त्री का काम करके अपने परिवार का जीवनयापन करते थे। परिवार के लिए उनकी अचानक हुई मौत बड़ा झटका है। रोजमर्रा के कामकाज के बीच खेल के लिए मैदान में उतरे बबलू अब वापस घर नहीं लौट सके।
सोमवार को लगी चोट से लेकर बृहस्पतिवार को मौत तक परिवार लगातार उनके इलाज और ठीक होने की उम्मीद में जुटा रहा। लेकिन आखिरकार यह उम्मीद टूट गई और परिवार को उनका शव ही घर लाना पड़ा।

