26 साल बाद मेरठ जोन का जलवा! Muzaffarnagar के पुलिसकर्मियों ने शूटिंग में मारी बाजी, 426 अंकों के साथ जीती प्रतिष्ठित शील्ड
M उत्तर प्रदेश पुलिस की 51वीं अंतर जोनल शूटिंग प्रतियोगिता में मेरठ जोन की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। रिवॉल्वर/पिस्टल वर्ग की प्रतिष्ठित शील्ड पर मेरठ जोन ने 26 साल के लंबे अंतराल के बाद कब्जा जमाया है।
इस ऐतिहासिक सफलता में Muzaffarnagar जनपद के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मेरठ जोन की विजेता टीम में मुजफ्फरनगर पुलिस के उपनिरीक्षक राकेश कुमार गौतम, मुख्य आरक्षी देवराज भाटी, मुख्य आरक्षी राकेश कुमार और आरक्षी राजेश कुमार शामिल रहे। इन पुलिसकर्मियों के शानदार प्रदर्शन ने टीम के कुल स्कोर को मजबूती दी और मेरठ जोन को प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने में मदद मिली।
प्रतियोगिता में मेरठ जोन की टीम ने कुल 426 अंक अर्जित किए। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच यह प्रदर्शन उसे शीर्ष स्थान तक ले गया। 26 वर्षों के बाद प्रतिष्ठित शील्ड हासिल करना मेरठ जोन पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस सफलता के बाद मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अपने कैंप कार्यालय पर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले पुलिसकर्मियों को आमंत्रित कर उनका अभिनंदन किया और उनके प्रदर्शन की सराहना की।
26 साल का इंतजार खत्म, मेरठ जोन ने फिर हासिल की प्रतिष्ठित शील्ड
पुलिस की शूटिंग प्रतियोगिताएं केवल खेल प्रतियोगिताएं नहीं होतीं। पुलिसकर्मियों के लिए निशानेबाजी उनके पेशेवर कौशल का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में किसी जोन की टीम द्वारा रिवॉल्वर और पिस्टल शूटिंग में शीर्ष स्थान हासिल करना प्रशिक्षण, एकाग्रता और अनुशासन का संकेत माना जाता है।
मेरठ जोन के लिए इस बार की जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि प्रतिष्ठित शील्ड उसे पूरे 26 वर्षों के अंतराल के बाद मिली।
लंबे समय के बाद मिली इस सफलता ने प्रतियोगिता में शामिल पुलिसकर्मियों के साथ-साथ पूरे जोन में उत्साह का माहौल बना दिया है।
सीतापुर में हुई थी 51वीं अंतर जोनल शूटिंग प्रतियोगिता
उत्तर प्रदेश पुलिस की 51वीं अंतर जोनल शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन सीतापुर स्थित 11वीं वाहिनी पीएसी परिसर में किया गया।
प्रतियोगिता 18 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक चली। इसमें प्रदेश के विभिन्न पुलिस जोनों की टीमों ने हिस्सा लिया और शूटिंग के अलग-अलग वर्गों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
एक सप्ताह तक चली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। निशानेबाजी में एकाग्रता, तकनीकी दक्षता और लगातार अभ्यास का विशेष महत्व होता है।
इसी प्रतिस्पर्धा के बीच मेरठ जोन की टीम ने रिवॉल्वर/पिस्टल वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
426 अंकों के साथ मेरठ जोन बना विजेता
मेरठ जोन की टीम ने प्रतियोगिता में कुल 426 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और प्रतिष्ठित शील्ड अपने नाम की।
कुल स्कोर केवल टीम के सामूहिक प्रदर्शन को दर्शाता है, लेकिन इसके पीछे प्रत्येक प्रतिभागी की व्यक्तिगत तैयारी और प्रतियोगिता के दौरान मानसिक एकाग्रता भी महत्वपूर्ण होती है।
मुजफ्फरनगर के चार पुलिसकर्मियों ने इस टीम का हिस्सा बनकर मेरठ जोन की जीत में योगदान दिया।
मुजफ्फरनगर के चार पुलिसकर्मियों ने बढ़ाया जिले का मान
विजेता टीम में मुजफ्फरनगर पुलिस के उपनिरीक्षक राकेश कुमार गौतम, मुख्य आरक्षी देवराज भाटी, मुख्य आरक्षी राकेश कुमार और आरक्षी राजेश कुमार शामिल थे।
इन चारों पुलिसकर्मियों ने प्रतियोगिता में मेरठ जोन का प्रतिनिधित्व किया। उनके प्रदर्शन ने टीम की कुल उपलब्धि में अहम योगदान दिया।
किसी बड़े पुलिस प्रतियोगिता में एक जनपद के कई पुलिसकर्मियों का एक साथ विजेता टीम का हिस्सा बनना संबंधित जिले के लिए भी गर्व का विषय होता है।
उपनिरीक्षक राकेश कुमार गौतम की भूमिका
मेरठ जोन की विजेता टीम में मुजफ्फरनगर के उपनिरीक्षक राकेश कुमार गौतम भी शामिल रहे। पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाने के साथ शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेना उनके प्रशिक्षण और निशानेबाजी कौशल को दर्शाता है।
प्रतियोगिता में टीम के अन्य सदस्यों के साथ उनका प्रदर्शन मेरठ जोन को शीर्ष स्थान तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण रहा।
मुख्य आरक्षी देवराज भाटी ने भी दिखाया दम
विजेता टीम में मुजफ्फरनगर पुलिस के मुख्य आरक्षी देवराज भाटी भी शामिल रहे। उन्होंने टीम के लिए प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और मेरठ जोन की जीत में योगदान दिया।
शूटिंग प्रतियोगिता में लंबे समय तक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना और दबाव के बीच सटीक निशाना लगाना आवश्यक होता है। पुलिसकर्मियों के लिए यह कौशल उनके नियमित प्रशिक्षण में भी उपयोगी माना जाता है।
मुख्य आरक्षी राकेश कुमार और आरक्षी राजेश कुमार भी विजेता टीम का हिस्सा
मुख्य आरक्षी राकेश कुमार और आरक्षी राजेश कुमार ने भी मेरठ जोन की विजेता टीम में मुजफ्फरनगर का प्रतिनिधित्व किया।
दोनों पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन ने टीम की सामूहिक सफलता में योगदान दिया। चारों प्रतिभागियों ने मिलकर जिले की पुलिस का नाम मेरठ जोन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जोड़ा।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कैंप कार्यालय पर किया सम्मान
प्रतियोगिता में ऐतिहासिक सफलता हासिल करने के बाद एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने विजेता टीम में शामिल जिले के पुलिसकर्मियों को अपने कैंप कार्यालय पर आमंत्रित किया।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन किया और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
एसएसपी ने पुलिसकर्मियों के समर्पण, मेहनत और विभाग के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए कहा कि 26 वर्षों के बाद यह ट्रॉफी हासिल होना मेरठ जोन और मुजफ्फरनगर पुलिस दोनों के लिए गर्व का विषय है।
एसएसपी ने जवानों का बढ़ाया हौसला
संजय कुमार वर्मा ने सम्मान समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों को भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं होतीं, बल्कि पूरे विभाग के मनोबल को मजबूत करती हैं।
पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्य और समर्पण के लिए उन्हें उत्तम प्रविष्टि प्रदान कर उत्साहवर्धन भी किया गया।
पुलिस के लिए शूटिंग सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, पेशेवर कौशल भी
पुलिस विभाग में निशानेबाजी का महत्व सामान्य खेल प्रतियोगिताओं से अलग है। पुलिसकर्मियों को परिस्थितियों के अनुसार हथियारों का सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
शूटिंग प्रतियोगिताएं इस प्रशिक्षण को प्रतिस्पर्धी माहौल में परखने का अवसर देती हैं। इसमें निशाने की सटीकता के साथ मानसिक नियंत्रण और अनुशासन भी महत्वपूर्ण होते हैं।
इसलिए मेरठ जोन की टीम की सफलता को पुलिस प्रशिक्षण और कौशल विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
26 साल बाद मिली ट्रॉफी ने बढ़ाया उत्साह
मेरठ जोन को प्रतिष्ठित शील्ड आखिरी बार कब हासिल हुई थी, इसका विस्तृत विवरण प्रतियोगिता के वर्तमान आयोजन से जुड़ी जानकारी में नहीं दिया गया है, लेकिन पुलिस के अनुसार इस बार यह शील्ड 26 वर्षों के अंतराल के बाद जोन के पास वापस आई है।
इतने लंबे समय के बाद मिली जीत स्वाभाविक रूप से पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए विशेष महत्व रखती है।
टीम के लिए यह सफलता आगे होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए भी आत्मविश्वास बढ़ाने वाली हो सकती है।
सीतापुर में प्रदेशभर के जोनों के बीच मुकाबला
प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के विभिन्न पुलिस जोनों की टीमों ने भाग लिया। ऐसे आयोजनों में प्रतिभागियों को अलग-अलग क्षेत्रों के प्रशिक्षित और अनुभवी पुलिसकर्मियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलता है।
इस तरह की प्रतियोगिताएं पुलिस विभाग के भीतर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और कौशल प्रदर्शन का वातावरण तैयार करती हैं।
मेरठ जोन ने इसी प्रतिस्पर्धी माहौल में 426 अंक अर्जित कर प्रथम स्थान हासिल किया।
मुजफ्फरनगर पुलिस के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि
मेरठ जोन की जीत का लाभ पूरे जोन को मिला, लेकिन मुजफ्फरनगर पुलिस के लिए यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि विजेता टीम में जिले के चार पुलिसकर्मी शामिल रहे।
एक ही जिले से उपनिरीक्षक से लेकर आरक्षी स्तर तक के पुलिसकर्मियों का विजेता टीम में शामिल होना विभागीय प्रशिक्षण और व्यक्तिगत प्रतिभा दोनों की ओर संकेत करता है।
एसएसपी द्वारा इन पुलिसकर्मियों को सम्मानित किए जाने से जिले के अन्य जवानों का मनोबल भी बढ़ सकता है।
शूटिंग में सफलता के पीछे अभ्यास और एकाग्रता की बड़ी भूमिका
निशानेबाजी में सफलता अचानक हासिल नहीं होती। इसके लिए नियमित अभ्यास, हथियार संचालन की जानकारी, शरीर और मानसिक संतुलन तथा लक्ष्य पर लगातार ध्यान केंद्रित करने की क्षमता आवश्यक होती है।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों पर प्रदर्शन का दबाव भी होता है। ऐसे समय में शांत रहना और निर्धारित तकनीक के अनुसार प्रदर्शन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मेरठ जोन की टीम ने इस दबाव के बीच 426 अंक अर्जित किए और शीर्ष स्थान हासिल किया।
पुलिसकर्मियों के लिए ऐसी प्रतियोगिताएं क्यों जरूरी
अंतर जोनल स्तर की प्रतियोगिताएं पुलिसकर्मियों को अपने कौशल का परीक्षण करने का अवसर देती हैं। इससे उन्हें अपनी कमजोरियों और मजबूत पक्षों को समझने में मदद मिल सकती है।
प्रतियोगिताओं के दौरान दूसरे जोनों के पुलिसकर्मियों से सीखने और नई तकनीकों को देखने का अवसर भी मिलता है।
ऐसे आयोजन विभाग में खेल भावना, अनुशासन और पेशेवर दक्षता को बढ़ावा देने में उपयोगी हो सकते हैं।
मुजफ्फरनगर के पुलिसकर्मियों को मिला विभागीय सम्मान
प्रतियोगिता से लौटने के बाद एसएसपी कार्यालय में चारों पुलिसकर्मियों का अभिनंदन किया गया। यह सम्मान केवल ट्रॉफी जीतने के लिए नहीं बल्कि उनकी मेहनत और विभाग का नाम रोशन करने के लिए भी था।
अधिकारियों द्वारा उपलब्धि की सार्वजनिक सराहना किए जाने से पुलिसकर्मियों को आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिल सकती है।
जोन स्तर की जीत से जिले का नाम भी रोशन
भले ही प्रतियोगिता में मेरठ जोन विजेता रहा, लेकिन टीम में शामिल मुजफ्फरनगर के पुलिसकर्मियों के कारण जिले का नाम भी इस सफलता के साथ जुड़ गया।
स्थानीय स्तर पर ऐसी उपलब्धियां पुलिस विभाग के सकारात्मक पक्ष को सामने लाती हैं। इससे यह संदेश भी जाता है कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों के साथ खेल और कौशल आधारित गतिविधियों में भी अपनी क्षमता दिखा सकते हैं।
26 साल बाद लौटी प्रतिष्ठित शील्ड
रिवॉल्वर/पिस्टल वर्ग की प्रतिष्ठित शील्ड का 26 साल बाद मेरठ जोन के पास लौटना इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
टीम के 426 अंकों ने उसे प्रथम स्थान दिलाया और मुजफ्फरनगर के चार पुलिसकर्मियों ने इस जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अब इस सफलता के बाद पुलिस विभाग में उम्मीद की जा सकती है कि निशानेबाजी और अन्य कौशल आधारित प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षण पर और जोर दिया जाएगा।
एसएसपी ने दी भविष्य के लिए शुभकामनाएं
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने सम्मानित पुलिसकर्मियों को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और विभाग तथा जनपद का नाम आगे भी रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन और समर्पण को सराहा तथा उनके उत्साहवर्धन के लिए उत्तम प्रविष्टि प्रदान की।
इससे सम्मानित पुलिसकर्मियों के साथ-साथ विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी प्रतिस्पर्धी भावना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुजफ्फरनगर पुलिस के लिए गर्व का मौका
मुजफ्फरनगर पुलिस के चार जवानों का मेरठ जोन की विजेता टीम का हिस्सा बनना जिले के लिए गर्व का अवसर है। उपनिरीक्षक राकेश कुमार गौतम, मुख्य आरक्षी देवराज भाटी, मुख्य आरक्षी राकेश कुमार और आरक्षी राजेश कुमार ने प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व किया।
इन पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन के कारण मेरठ जोन ने 26 साल बाद प्रतिष्ठित शील्ड हासिल की।
आगे भी जारी रहनी चाहिए ऐसी प्रतिभाओं की पहचान
पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी होते हैं जिनमें खेल, शूटिंग, एथलेटिक्स और अन्य क्षेत्रों में विशेष प्रतिभा होती है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से ऐसी प्रतिभाओं को पहचानने और आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
मेरठ जोन की यह जीत भी इसी दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है। नियमित प्रशिक्षण और उचित अवसर मिलने पर पुलिसकर्मी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
26 साल बाद जीत, 426 अंक और मुजफ्फरनगर के चार सितारे
उत्तर प्रदेश पुलिस की 51वीं अंतर जोनल शूटिंग प्रतियोगिता में मेरठ जोन की जीत ने पुलिस विभाग में नया उत्साह पैदा किया है। 18 से 24 अगस्त तक सीतापुर की 11वीं वाहिनी पीएसी में आयोजित प्रतियोगिता में विभिन्न जोनों की टीमों के बीच मुकाबला हुआ।
मेरठ जोन ने रिवॉल्वर/पिस्टल वर्ग में 426 अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया और 26 साल बाद प्रतिष्ठित शील्ड अपने नाम की। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में मुजफ्फरनगर पुलिस के उपनिरीक्षक राकेश कुमार गौतम, मुख्य आरक्षी देवराज भाटी, मुख्य आरक्षी राकेश कुमार और आरक्षी राजेश कुमार की अहम भागीदारी रही।
उपलब्धि के बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने चारों पुलिसकर्मियों को कैंप कार्यालय बुलाकर सम्मानित किया। उन्होंने उनके प्रदर्शन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि लंबे अंतराल के बाद मिली यह ट्रॉफी मेरठ जोन और मुजफ्फरनगर पुलिस दोनों के लिए गर्व की बात है।
यह सफलता केवल एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं है। पुलिसकर्मियों के लिए शूटिंग पेशेवर दक्षता का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से उनकी एकाग्रता, अनुशासन और निशानेबाजी कौशल को प्रतिस्पर्धी स्तर पर परखने का अवसर मिलता है। मेरठ जोन की टीम ने इस बार शानदार प्रदर्शन कर दिखाया कि निरंतर अभ्यास और सामूहिक प्रयास से लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को भी ऐतिहासिक जीत में बदला जा सकता है।

