Muzaffarnagar में उद्यमियों का अनोखा फैमिली गेट-टुगेदर, ‘हनुमान अंश’ ने दिया आध्यात्मिक संदेश; नीम करौरी बाबा के जीवन से प्रेरित हुए परिवार
Muzaffarnagar व्यस्त कारोबारी जिंदगी के बीच परिवार के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताने और आपसी मेलजोल बढ़ाने की पहल के तहत फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से पहली बार उद्यमियों एवं उनके परिवारों के लिए विशेष फैमिली मूवी शो और गेट-टुगेदर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ आध्यात्मिक और प्रेरणादायक संदेश को भी प्रमुखता दी गई।
ग्रैंड प्लाजा मॉल स्थित मूवी हॉल में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के लिए शाम चार बजे पूरा हॉल बुक किया गया था। फेडरेशन के सदस्य अपने परिवारों के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे और सामूहिक रूप से ‘हनुमान अंश’ फिल्म का प्रदर्शन देखा।
फेडरेशन पदाधिकारियों के मुताबिक, आयोजन का उद्देश्य सिर्फ फिल्म देखना नहीं था, बल्कि व्यापारिक जिम्मेदारियों और लगातार व्यस्त रहने वाली दिनचर्या के बीच सदस्यों तथा उनके परिवारों को एक साथ समय बिताने का अवसर उपलब्ध कराना भी था।
ग्रैंड प्लाजा मॉल में पूरा हॉल रहा फेडरेशन परिवार के नाम
कार्यक्रम का आयोजन ग्रैंड प्लाजा मॉल स्थित मूवी हॉल में किया गया। शाम चार बजे के शो के लिए पूरा हॉल बुक किया गया था।
फेडरेशन के सदस्य अपने परिवारों के साथ पहुंचे। बच्चों से लेकर वरिष्ठ सदस्यों तक ने कार्यक्रम में भाग लिया और फिल्म का सामूहिक आनंद लिया।
आमतौर पर कारोबारी संगठन बैठकों, व्यापारिक मुद्दों और उद्योग से जुड़े विषयों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार फेडरेशन ने इससे अलग एक पारिवारिक पहल की। कार्यक्रम के माध्यम से व्यापारिक समुदाय के सदस्यों को औपचारिक बैठकों से बाहर एक अनौपचारिक वातावरण में मिलने-जुलने का मौका मिला।
‘हनुमान अंश’ ने मनोरंजन के साथ दिया आध्यात्मिक संदेश
फेडरेशन के सचिव अभिषेक अग्रवाल ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि ‘हनुमान अंश’ फिल्म आध्यात्मिक संत नीम करौरी बाबा के जीवन, व्यक्तित्व और विचारों से प्रेरित है।
फिल्म को देखने के दौरान दर्शकों को मनोरंजन के साथ आध्यात्मिक और प्रेरणादायक संदेश भी मिले। नीम करौरी बाबा के जीवन से जुड़े विचारों और उनके व्यक्तित्व को फिल्म के माध्यम से सामने रखने का प्रयास दर्शकों के लिए अलग अनुभव रहा।
फेडरेशन की ओर से आयोजित इस फिल्म शो का चयन भी इसी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना गया कि परिवार एक साथ बैठकर ऐसी सामग्री देख सकें, जिसमें मनोरंजन के साथ सकारात्मक और प्रेरणादायक पहलू भी मौजूद हों।
नीम करौरी बाबा के जीवन संदेशों ने खींचा ध्यान
नीम करौरी बाबा भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में चर्चित संतों में शामिल रहे हैं। उनके जीवन से जुड़े सेवा, भक्ति, मानवता और आध्यात्मिकता के विचार लंबे समय से लोगों को प्रेरित करते रहे हैं।
‘हनुमान अंश’ के माध्यम से उनके जीवन और विचारों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने की कोशिश की गई। कार्यक्रम में शामिल सदस्यों के लिए फिल्म इसलिए भी खास रही क्योंकि इसमें मनोरंजन के साथ जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखने और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश सामने आया।
व्यावसायिक जीवन की भागदौड़ के बीच ऐसे संदेश परिवारों के लिए चिंतन और संवाद का अवसर भी बन सकते हैं।
फिल्म के बाद हुआ खास मीट-टूगेदर
फिल्म खत्म होने के बाद कार्यक्रम सीधे समाप्त नहीं हुआ। सभी सदस्य मीट-टूगेदर कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस दौरान परिवारों ने एक-दूसरे के साथ समय बिताया, बातचीत की और आपसी परिचय एवं मेलजोल को बढ़ाया। लंबे समय से व्यावसायिक संपर्क में रहने वाले लोगों के परिवारों को एक-दूसरे के करीब आने का भी अवसर मिला।
फेडरेशन की ओर से इसे पारिवारिक जुड़ाव और फेलोशिप बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
कारोबारी व्यस्तता के बीच परिवार को समय देने की पहल
फेडरेशन के अध्यक्ष नीलकमल पुरी, सचिव अभिषेक अग्रवाल और कोषाध्यक्ष आशीष बंसल ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य व्यस्त व्यावसायिक जीवन के बीच सदस्यों और उनके परिवारों को एक साथ समय बिताने का अवसर देना था।
व्यापार और उद्योग से जुड़े लोगों की दिनचर्या अक्सर बैठकों, कारोबार, ग्राहकों और अन्य जिम्मेदारियों से घिरी रहती है। ऐसे में परिवार के साथ सामूहिक रूप से समय बिताने के अवसर कम हो सकते हैं।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए फेडरेशन ने पारिवारिक कार्यक्रम की पहल की। पदाधिकारियों के अनुसार, इस तरह के आयोजन संगठन के सदस्यों के बीच आपसी सौहार्द और फेलोशिप को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।
फेडरेशन ने कहा- आगे भी होंगे ऐसे कार्यक्रम
फेडरेशन पदाधिकारियों ने संकेत दिया कि यह आयोजन केवल एक बार की पहल तक सीमित नहीं रहेगा।
अध्यक्ष नीलकमल पुरी, सचिव अभिषेक अग्रवाल और कोषाध्यक्ष आशीष बंसल ने कहा कि भविष्य में भी सदस्यों और उनके परिवारों के लिए इसी प्रकार के पारिवारिक एवं फेलोशिप कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसका उद्देश्य संगठन से जुड़े लोगों के बीच कारोबारी रिश्तों के साथ मानवीय और पारिवारिक जुड़ाव को भी मजबूत करना है।
फिल्म की टीम को भी दिया गया था आमंत्रण
इस कार्यक्रम को और खास बनाने के लिए फेडरेशन ने फिल्म की पूरी टीम को भी आमंत्रित किया था।
सचिव अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि फिल्म के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और मुख्य कलाकारों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। फेडरेशन की इच्छा थी कि फिल्म से जुड़े कलाकार और टीम के सदस्य स्वयं कार्यक्रम में मौजूद रहकर दर्शकों से बातचीत करें और इस विशेष अवसर का हिस्सा बनें।
हालांकि, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण फिल्म की टीम मुजफ्फरनगर नहीं पहुंच सकी।
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के कारण नहीं पहुंच सकी टीम
अभिषेक अग्रवाल के अनुसार, फिल्म की टीम की लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूर्व निर्धारित मुलाकात थी। इसी वजह से निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और मुख्य कलाकार कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके।
फेडरेशन की ओर से फिल्म टीम को आमंत्रित किया जाना आयोजन को फिल्म प्रदर्शन से आगे ले जाने का प्रयास माना गया।
सदस्यों की इच्छा थी कि फिल्म देखने के बाद फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों से सीधे संवाद भी हो सके, लेकिन निर्धारित कार्यक्रम के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्य ने भेजा वीडियो संदेश
व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाने के बावजूद फिल्म के मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्य ने वीडियो संदेश के माध्यम से फेडरेशन परिवार को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने पर खेद भी व्यक्त किया। वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने आयोजन में मौजूद सदस्यों और उनके परिवारों के साथ अपनी शुभकामनाएं साझा कीं।
फेडरेशन के सदस्यों ने इस संदेश को सराहा और फिल्म टीम की ओर से भेजे गए इस जुड़ाव को सकारात्मक पहल माना।
उद्यमियों के बीच बढ़ा पारिवारिक मेलजोल
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू सदस्यों के परिवारों की भागीदारी रही। व्यावसायिक संगठन की गतिविधियों में अक्सर सदस्य स्वयं शामिल होते हैं, लेकिन इस बार उनके परिवारों को भी कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया गया।
इससे परिवारों को एक-दूसरे से मिलने और बातचीत करने का अवसर मिला। बच्चों और अन्य परिजनों ने भी सामूहिक फिल्म शो का आनंद लिया।
ऐसे आयोजनों से संगठन के सदस्यों के बीच केवल व्यावसायिक संपर्क नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर भी संबंध विकसित होने की संभावना रहती है।
व्यापारिक रिश्तों से आगे बढ़कर फेलोशिप का संदेश
फेडरेशन की इस पहल में एक व्यापक संदेश भी दिखाई दिया। व्यापारिक संगठनों में सदस्यों के बीच सहयोग आमतौर पर कारोबार और उद्योग से संबंधित विषयों पर केंद्रित रहता है।
लेकिन परिवारों को साथ जोड़ने वाले कार्यक्रम उस रिश्ते को एक अलग आयाम देते हैं। इससे सदस्यों को एक-दूसरे को कारोबारी सहयोगी के बजाय व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर जानने का अवसर मिलता है।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने भी आयोजन के पीछे इसी प्रकार की सोच को प्रमुखता दी।
आध्यात्मिक फिल्म के जरिए अलग तरह का पारिवारिक अनुभव
आज फिल्मों का चुनाव परिवारों के लिए भी एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। ऐसे में फेडरेशन ने मनोरंजन के साथ आध्यात्मिक संदेश देने वाली फिल्म को सामूहिक कार्यक्रम के लिए चुना।
‘हनुमान अंश’ के जरिए नीम करौरी बाबा के जीवन और विचारों से जुड़े पहलुओं को सामने लाया गया। फिल्म देखने के बाद परिवारों ने साथ बैठकर समय बिताया और कार्यक्रम को सामूहिक अनुभव में बदल दिया।
इस तरह आयोजन में फिल्म, आध्यात्मिक प्रेरणा और पारिवारिक संवाद—तीनों पहलू एक साथ जुड़े नजर आए।
अभिषेक अग्रवाल ने साझा की कार्यक्रम की जानकारी
फेडरेशन के सचिव अभिषेक अग्रवाल ने आयोजन की जानकारी साझा करते हुए फिल्म, कार्यक्रम की योजना और फिल्म टीम को दिए गए आमंत्रण के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि आयोजन का मकसद सदस्यों को उनके परिवारों के साथ एक अलग वातावरण में समय बिताने का अवसर देना था।
फेडरेशन की ओर से भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई है, जिससे स्पष्ट है कि संगठन अपनी गतिविधियों में पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों को भी स्थान देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
नीलकमल पुरी, अभिषेक अग्रवाल और आशीष बंसल की मौजूदगी
कार्यक्रम से जुड़े फेडरेशन के प्रमुख पदाधिकारियों में अध्यक्ष नीलकमल पुरी, सचिव अभिषेक अग्रवाल और कोषाध्यक्ष आशीष बंसल शामिल रहे।
तीनों पदाधिकारियों ने कार्यक्रम के उद्देश्य और भविष्य में ऐसे आयोजनों को जारी रखने की बात रखी।
फेडरेशन के लिए यह आयोजन संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ सदस्य परिवारों के बीच संवाद और फेलोशिप बढ़ाने का अवसर भी रहा।
सदस्यों ने पहल की सराहना की
कार्यक्रम में शामिल सदस्यों ने फेडरेशन की इस पहल की सराहना की। परिवारों के साथ मूवी शो और उसके बाद गेट-टुगेदर का संयोजन लोगों को पसंद आया।
व्यावसायिक कार्यक्रमों की नियमितता के बीच इस तरह की अनौपचारिक गतिविधियां सदस्यों को अलग अनुभव देती हैं। खासकर जब इसमें परिवारों को भी शामिल किया जाए, तो कार्यक्रम का दायरा केवल संगठन के सदस्यों तक सीमित नहीं रहता।
मुजफ्फरनगर के कारोबारी समुदाय में सामूहिकता की पहल
मुजफ्फरनगर का कारोबारी और औद्योगिक समुदाय विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय है। ऐसे समुदाय में आपसी संवाद और नेटवर्किंग के साथ सामाजिक मेलजोल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की यह पहल इसी सामूहिकता को पारिवारिक स्तर तक ले जाने का प्रयास रही।
फिल्म के माध्यम से एक साझा अनुभव और उसके बाद मीट-टूगेदर ने सदस्यों को औपचारिक वातावरण से बाहर आने का अवसर दिया।
भविष्य में और बढ़ सकता है ऐसे आयोजनों का दायरा
फेडरेशन की ओर से भविष्य में भी पारिवारिक और फेलोशिप कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा के बाद ऐसे आयोजनों की संभावना आगे भी बनी हुई है।
यदि इस तरह के कार्यक्रम नियमित होते हैं तो इनमें सांस्कृतिक गतिविधियां, परिवार केंद्रित आयोजन, बच्चों के लिए कार्यक्रम और अन्य सामाजिक गतिविधियां भी जोड़ी जा सकती हैं।
फिलहाल इस आयोजन ने फेडरेशन के सदस्यों और उनके परिवारों को एक साथ आने, फिल्म देखने और आपसी समय साझा करने का अवसर दिया।
मुजफ्फरनगर में कारोबार से परिवार तक जुड़ाव का नया अंदाज
ग्रैंड प्लाजा मॉल में आयोजित यह फैमिली मूवी शो फेडरेशन की पारंपरिक कारोबारी गतिविधियों से अलग एक पहल रही। एक ओर ‘हनुमान अंश’ के माध्यम से नीम करौरी बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विचारों से जुड़े संदेश सामने आए, वहीं दूसरी ओर परिवारों को एक साथ बैठकर समय बिताने का मौका मिला।
फिल्म टीम की गैरमौजूदगी के बावजूद मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्य का वीडियो संदेश कार्यक्रम से जुड़ाव बनाए रखने में सफल रहा। निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और मुख्य कलाकारों की अनुपस्थिति का कारण लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पहले से निर्धारित मुलाकात बताया गया।
फेडरेशन अध्यक्ष नीलकमल पुरी, सचिव अभिषेक अग्रवाल और कोषाध्यक्ष आशीष बंसल की ओर से भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने की बात कही गई है। ऐसे में यह कार्यक्रम संगठन के भीतर कारोबारी रिश्तों के साथ-साथ पारिवारिक मेलजोल और सामाजिक फेलोशिप को मजबूत करने की दिशा में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा सकता है।

