Muzaffarnagar में वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा, बारहसिंगा के 6 सींग बरामद; करोड़ों की कीमत का दावा
Muzaffarnagar वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में भोपा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बारहसिंगा के 6 सींग बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक बरामद सींगों का कुल वजन करीब 6 किलोग्राम है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन सींगों को कहां से हासिल किया गया था और इन्हें आगे कहां पहुंचाया जाना था। पुलिस गिरफ्तार आरोपी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
बरला-भोकरहेड़ी मार्ग पर चेकिंग के दौरान पकड़ा गया तस्कर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक और क्षेत्राधिकारी भोपा राधा रमण सिंह के नेतृत्व में भोपा थाना पुलिस बरला-भोकरहेड़ी मार्ग पर रजवाहे की पुलिया के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस टीम की नजर एक संदिग्ध व्यक्ति पर पड़ी। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से बारहसिंगा के 6 सींग बरामद हुए।
पुलिस ने आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया।
6 किलोग्राम वजन के छह सींग बरामद
पुलिस के अनुसार बरामद किए गए बारहसिंगा के छह सींगों का कुल वजन करीब 6 किलोग्राम है। पुलिस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करोड़ों रुपये तक आंकी जा रही है।
वन्यजीवों से जुड़े अवैध कारोबार में ऐसे प्रतिबंधित वन्यजीव अंगों की तस्करी एक गंभीर अपराध है। इसी को देखते हुए पुलिस अब बरामदगी के स्रोत और संभावित खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
गांव योगेंद्रपुर का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान विजय कुमार पुत्र मन कुमार, निवासी ग्राम योगेंद्रपुर, थाना भोपा, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना भोपा में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में मु0अ0सं0-260/2026 दर्ज किया गया है।
आरोपी के खिलाफ अधिनियम की धारा 39, 40, 49, 49बी और 51 के तहत कार्रवाई की गई है।
अब तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस की कार्रवाई सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि बारहसिंगा के सींग आरोपी तक कैसे पहुंचे और इनके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
पुलिस आरोपी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। यानी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वन्यजीव के अंग उसे किस व्यक्ति या गिरोह से मिले और आगे इन्हें किसे सौंपा जाना था।
यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क या अन्य तस्करों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े तार खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार मामले की जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि कहीं बरामद वन्यजीव अंगों को किसी अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक पहुंचाने की तैयारी तो नहीं थी।
सींगों की बरामदगी के बाद पुलिस संभावित संपर्कों, लेनदेन और तस्करी के रास्तों की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा
बारहसिंगा के सींगों की बरामदगी के मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान बरामद सींगों से संबंधित अन्य तथ्यों को भी सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
वन्यजीव तस्करी के खिलाफ इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सपन चौधरी, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, कांस्टेबल रितिक, अरुण कुमार, प्रमोद कुमार और चेतन शर्मा शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

