NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों पर सांसद चंदन चौहान का बड़ा आश्वासन, बोले- लोकसभा में उठाएंगे मुद्दा
मुजफ्फरनगर में NHM संविदा कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन के बीच प्रतिनिधिमंडल ने बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंदन चौहान से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को कर्मचारियों की समस्याओं और वर्षों से लंबित मांगों की जानकारी दी।
सांसद ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता और सहानुभूति से सुनते हुए उनकी मांगों को जायज बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह एनएचएम संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को आने वाले लोकसभा सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। साथ ही प्रदेश स्तर पर इन मुद्दों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
सांसद के आवास पर हुई कर्मचारियों की मुलाकात
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि.) का प्रतिनिधिमंडल सांसद चंदन सिंह चौहान के आवास पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की स्थिति और लंबे समय से लंबित मांगों को सांसद के सामने रखा।
जिला अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने बताया कि कर्मचारियों ने सांसद को बताया कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई ऐसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिन्हें कर्मचारी अपनी मूलभूत जरूरत और जायज अधिकार मानते हैं।
चंदन चौहान बोले- कर्मचारियों के साथ हो रहा अन्याय
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद सांसद चंदन चौहान ने कहा कि एनएचएम संविदा कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि इनका जल्द समाधान होना चाहिए।
सांसद ने आश्वासन दिया कि वह इस विषय को आगामी लोकसभा सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश स्तर पर भी कर्मचारियों की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में सहयोग करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
स्वास्थ्य बीमा और 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को कर्मचारियों की प्रमुख मांगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इनमें स्वास्थ्य बीमा, प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि और लॉयल्टी बोनस जैसी मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार योगदान देने के बावजूद उन्हें इन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सांसद से मांग की कि इन मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाए, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान हो सके।
‘ये कर्मचारियों की मूलभूत जरूरतें हैं’
कर्मचारियों के अनुसार, सांसद चंदन चौहान ने स्वास्थ्य बीमा, मानदेय में वृद्धि और लॉयल्टी बोनस जैसी सुविधाओं को कर्मचारियों की मूलभूत जरूरत बताया।
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि इतने वर्षों तक स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एनएचएम संविदा कर्मचारियों को इन सुविधाओं से वंचित रखा जाना उचित नहीं है।
सांसद ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए और इस दिशा में वह अपनी ओर से आवश्यक प्रयास करेंगे।
लोकसभा में मुद्दा उठाने का मिला भरोसा
कर्मचारी संगठन के लिए सांसद का यह आश्वासन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि संगठन लंबे समय से अपनी मांगों को अलग-अलग स्तरों पर सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने रखता रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि यदि मामला लोकसभा में उठता है तो एनएचएम संविदा कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने में मदद मिलेगी।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिलने से उनकी आवाज सरकार तक प्रभावी तरीके से पहुंच सकती है।
सरकार से लिखित समाधान की उम्मीद
एनएचएम संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार से टकराव नहीं, बल्कि लंबित मांगों का स्थायी समाधान है।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद के सामने अपनी मांगें रखते हुए उम्मीद जताई कि सरकार स्वास्थ्य बीमा, मानदेय वृद्धि, लॉयल्टी बोनस और अन्य लंबित मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों के क्रियान्वयन को लेकर स्पष्ट निर्णय और व्यवस्था की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे मौजूद
सांसद से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. फैसल सिद्दीकी, स्टाफ नर्स श्रीमती डिंपल रानी, डाटा ऑपरेटर हजरत अली, संजय कुमार समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद चंदन चौहान का आभार जताया और कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने तथा उन्हें सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन मिलने से कर्मचारियों में उम्मीद जगी है।

