Muzaffarnagar में धान खरीद केंद्र शुरू कराने की मांग, भाकियू अराजनैतिक ने डीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
Muzaffarnagar। जनपद में धान खरीद केंद्र शुरू कराने और किसानों के पंजीकरण की समस्या दूर करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। गुरुवार को जानसठ तहसील अध्यक्ष अंकित जावला के नेतृत्व में संगठन के दर्जनों कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। किसानों का कहना है कि खरीद केंद्र शुरू नहीं होने और रजिस्ट्रेशन में आ रही दिक्कतों के कारण उन्हें अपनी धान की फसल कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रशासन से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे किसानों का धान बेचने के लिए समय पर पंजीकरण हो सके और सरकारी खरीद प्रक्रिया में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। कार्यकर्ताओं ने कहा कि खरीद केंद्रों के संचालन में देरी और ऑनलाइन पंजीकरण की समस्या का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ रहा है।
खरीद केंद्र शुरू नहीं होने से कम कीमत पर धान बेचने की मजबूरी
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि जनपद में धान खरीद केंद्र अभी तक शुरू नहीं हुए हैं। इसके कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन के अनुसार, सरकारी खरीद की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से किसानों को धान कम कीमत पर बेचने की मजबूरी हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के बाद उसे समय पर बेच पाना जरूरी होता है। खरीद व्यवस्था में देरी होने पर किसानों को अपनी उपज के भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में धान खरीद केंद्रों को जल्द शुरू कराने की मांग उठाई गई है।
धान के पंजीकरण में भी आ रही परेशानी
ज्ञापन में किसानों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि किसान धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने जाते हैं, लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। किसानों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों की ओर से उन्हें वेबसाइट या पोर्टल बंद होने की जानकारी दी जाती है।
संगठन ने प्रशासन से इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की। किसानों का कहना है कि यदि पंजीकरण की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होगी, तो उन्हें सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए रजिस्ट्रेशन की तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर प्रक्रिया को सुचारु बनाने की जरूरत है।
प्रशासन से किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की मांग
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने जिलाधिकारी से ऐसी व्यवस्था शुरू कराने की मांग की, जिससे किसान बिना अनावश्यक देरी के अपना पंजीकरण करा सकें। संगठन का कहना है कि धान खरीद केंद्रों का संचालन और रजिस्ट्रेशन की सुविधा समय से उपलब्ध होने पर किसानों को अपनी फसल बेचने में मदद मिलेगी।
ज्ञापन में किसानों की उपज की खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से संबंधित विभागों के माध्यम से समस्याओं की समीक्षा कराने और किसानों को समय पर सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की। हालांकि, ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रशासन की ओर से किसी निर्णय या कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
अंकित जावला के नेतृत्व में पहुंचे किसान संगठन के कार्यकर्ता
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जानसठ तहसील अध्यक्ष अंकित जावला, मंडल महासचिव विपिन त्यागी, चरथावल ब्लॉक अध्यक्ष काला प्रधान, उमेश त्यागी, राधेश्याम त्यागी गादला, नौशाद कसर, नगर अध्यक्ष शहजाद राव, मोहसिन, नौशाद पुरबालियान, कमलजीत, राकेश दीवान और अशोक कछोली सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाते हुए धान खरीद केंद्रों को जल्द शुरू कराने और पंजीकरण व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई। अब किसानों की नजर प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर रहेगी।
मुजफ्फरनगर में धान खरीद केंद्र शुरू कराने और किसानों का पंजीकरण सुचारु करने की मांग को लेकर भाकियू अराजनैतिक ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि खरीद केंद्रों के संचालन में देरी और रजिस्ट्रेशन की परेशानी से किसानों को कम कीमत पर धान बेचने की मजबूरी हो रही है। किसानों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की है।

