कश्यप समाज की बैठक सम्पन्न, भारतीय जनता पार्टी को समर्थन
मुजफ्फरनगर। कश्यप समाज ने कल्याण कारी डिग्री कॉलेज, बघरा में एक बैठक आहुत की जिसमें अध्यक्षता धर्मबीर कश्यप और संचालन सन्दीप मास्टर जी ने किया। बैठक में कहा गया कि कश्यप समाज उत्तर प्रदेश में विभिन्न कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, धीवर, बिंद, भर, राजभर, धीवर, बाथम, तुरहा, गोडिया, मांझी व मछुआ आदि नामों से जाना जाता है।
वर्तमान में केवल स्व० विजय कश्यप ही प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री के रूप में समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। कश्यप समाज शीर्ष नेतृत्व का आभारी रहा हैं, जो कश्यप समाज की एकजुटता को समझा था और स्व० विजय कश्यप को प्रदेश सरकार में राजस्व एवं बाढ़ नियन्त्रण विभाग की जिम्मेदारी देकर समाज को अनुग्रहित किया था।
श्री विजय कश्यप के निधन के उपरान्त यह स्थान रिक्त हो गया है। कश्यप समाज प्राचीन काल से ही प्रभु श्रीराम का भक्त रहा है। केवट ने ही प्रभु श्रीराम के चरण धोकर गंगा नदी का पार कराया था विदित है कि केवट जी ने अपने लिए कुछ नहीं लिया था। ठीक उसी प्रकार विजय कश्यप ने संघ की विचारधारा के अनुरूप ईमानदारी, निष्ठा, लगन से संघ व पार्टी विचारधारा के प्रचार प्रसार में जीवनप्रयन्त निरन्तरता से कार्य करते रहे और कभी अपने कुछ नहीं मांगा
हमेशा कश्यप समाज के साथ-साथ सर्वसमाज के उत्थान विकास के लिए प्रयास करते रहे । विजय कश्यप के निधन के उपरान्त पार्टी व शीर्ष नेतृत्व ने उनकी पत्नी श्रीमति सपना कश्यप को राज्य पिछडा वर्ग आयोग के सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। शीर्ष नेतृत्व द्वारा की गई कश्यप समाज की उपेक्षा से अपने आप को ठगा हुआ, छला सा महसूस कर रहा है।
बैठक में कहा गया कि कश्यप समाज की विभिन्न जातियां जनपद सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बागपत, बिजनौर, मुरादाबाद, हापुड़, गाजियाबाद आदि जनपदों में भारी संख्या में निवास करती है। जिनकी स्व. श्री विजय कश्यप में पूर्ण आस्था और विश्वास था कश्यप समाज की यह समस्त जातियां आरम्भ से ही भारतीय जनता पार्टी को समर्थन करती आयी है और आगे भी करती रहेगी।
कश्यप समाज पार्टी व शीर्ष नेतृत्व से मांग करता है कि कश्यप समाज के इस अपूर्व समर्थन को ध्यान में रखते हुए विजय कश्यप के रिक्त हुए स्थान पर उनकी पत्नी श्रीमति सपना कश्यप को यथोचित सम्मान देते हुए पिछडा वर्ग आयोग के सदस्य के स्थान पर विधान परिषद सदस्य मनोनीत कर, कश्यप समाज को सम्मानित करने का काम करें। बैठक में कहा गया कि अगर शीर्ष नेतृत्व कश्यप समाज की मांग पर ध्यान नहीं देता तो मजबूर हो कर दूसरा विकल्प तलाश करना पड़ेगा।
बैठक में सभी वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे मास्टर संदीप कश्यप जी, प्रधान नीरज कुमार सैदपुरा, रमन कुमार कश्यप प्रधान धौलरी, रविन्द्र कश्यप , रवि कुमार कश्यप, मुकेश कुमार कश्यप, ओमपाल कश्यप, जग्गन कश्यप अमीरनगर, अनुज कुमार कश्यप, सागर कश्यप, सागर बजरंगी, विपिन कश्यप सैदपुरा, धर्मबीर कश्यप, सुनील कश्यप, नन्दकिशोर बरवाला आदि मौजूद रहें।

