खड़िया विद्युत उपकेंद्र के पैनल में ब्लास्ट, बीना क्षेत्र से शक्तिनगर के अंबेडकरनगर तक बत्ती गुल
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के खड़िया (कोटा) स्थित विद्युत उपकेंद्र में रविवार की शाम साढ़े तीन बजे के करीब बिजली आपूर्ति से जुड़े पैनल (स्वीच यार्ड) में ब्लास्ट करने के साथ ही आग लग गई। लपटें उठती देख वहां मौजूद कर्मियों में हड़कंप मच गया। अग्निशमन दस्ते ने आधे घंटे तक कड़ी मशक्कत की तब आग पूरी तरह से नियंत्रित हो पाई।
एसडीओ जेई के साथ ही पैनल इंजीनियरों की टीम उपकेंद्र पर पहुंच गई है। खराबी और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इस आग की घटना में जहां लाखों का नुकसान बताया जा रहा है, वहीं लगभग 15 किमी की एरिया में, गैर परियोजना क्षेत्र में अंधेरे की स्थिति बन गई है।
बत्ती गुल रहने के कारण एनसीएल कॉलोनी को होने वाली पानी की आपूर्ति भी प्रभावित बताई जा रही है। देर रात तक वैकल्पिक रूप से आपूर्ति व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। पूर्ण रूप से आपूर्ति बहाल होने में दो से तीन दिन का वक्त लग सकता है। बताया जा रहा है कि बारिश के चलते शुक्रवार की रात 12 बजे के करीब इस उपकेंद्र से होने वाली बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी।
फाल्ट दुरुस्त करने के बाद शनिवार की देर शाम आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। रात में सब ठीक चलता रहा। रविवार की सुबह कोहरौल-बीना बाजार के समीप मिसरा गांव में वाहनों के धक्के से 33 हजार केवी वाली लाइन के तीन पोल गिर गए। सूचना मिलने पर उपकेंद्र में शटडाउन लेकर दोनों को फिर से खड़ा किया गया।
इंसुलेटर, 33 केवी और 11 केवी लाइन को दुरुस्त करने के बाद दोपहर तीन बजे के बाद उपकेंद्र से आपूर्ति बहाल कर दी गई। बताते हैं कि बमुश्किल 10 से 15 मिनट बीते होंगे, खड़िया स्थित कोटा उपकेंद्र के पैनल और ब्रेकर में ब्लास्ट होने के साथ ही आग लग गई। चंद मिनट में बड़ी-बड़ी लपटें उठने लगी। यह देख वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। तत्काल नजदीकी फायर विंग से संपर्क किया गया। पहुंची फायर कर्मियों की टीम ने अग्निशमन उपकरणों के जरिए आधे घंटे में आग को नियंत्रित कर लिया।उधर इसकी जानकारी जैसे ही अधिकारियों को मिली हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों की तरफ से एसडीओ, जेई को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश देने के साथ ही पैनल इंजीनियरों की टीम उपकेंद्र के लिए रवाना कर दी गई।
शाम 5:30 बजे के करीब पहुंची पैनल इंजीनियरों की टीम आग लगने के कारणों को तलाशने और आपूर्ति बहाल करने के काम में लगी हुई थी। आग लगने के चलते कितना नुकसान हुआ है? इस बारे में इसका सटीक आकलन के बाद ही कुछ कहने की बात कह रहे थे। वहीं सूत्रों की मानें तो इस आग की घटना में करीब 15 से 20 लाख का नुकसान हुआ है।
उपकेंद्र में आग लगने के कारण जहां यहां से दी जाने वाली बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं बीना क्षेत्र से शक्तिनगर के अंबेडकरनगर (मध्य प्रदेश सीमा) तक बत्ती गुल हो गई है। इसके चलते जहां लोगों के बिजली से जुड़े कामकाज ठप हो गए हैं। वहीं इस एरिया में आने वाली बस्तियों में अंधेरे की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
दुधीचुआ बैरियर (अंबेडकरनगर) से बीना मार्केट के बीच करीब 15 किलोमीटर एरिया में कई गांव और बस्तियां आबाद हैं, जिसमें हजारों लोग निवास करते हैं। अम्बेडकरनगर, शक्तिनगर का गैर परियोजना क्षेत्र, चिल्काटांड़, निमियाटाड़, कोटा, परसवार राजा, चौबे परसवार, तारापुर, मिसरा, कोहरौलिया बस्ती, कोहरौलिया बाजार, चंदूआर, धरसड़ी, बीना, बरवानी आदि जगहों पर खड़िया स्थित उप केंद्र से ही बिजली की आपूर्ति होती है। आग लगने के कारण अब यहां के लोगों को दो से तीन दिन कई कई घंटे बिना बिजली के ही व्यतीत करना पड़ेगा।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए इस इलाके में जगह-जगह आरओ प्लांट स्थापित किए गए हैं। सुबह-शाम एक निश्चित समय में संचालन कर संबंधित परिक्षेत्र के लोगों को प्रतिदिन हजारों लीटर पेयजल उपलब्ध कराया जाता है।
उधर, एनसीएलपी आईडब्ल्यूएसएस विंग की तरफ से आवासीय कालोनियों में की जाने वाली पानी आपूर्ति की भी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इसको देखते हुए एनसीएल के लोग वैकल्पिक व्यवस्था के इंतजाम में लगे हुए थे। वहीं उपकेन्द्र से भी उनको रात से बिजली आपूर्ति देने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा था। पुराने उपकरण चिंता का कारण
खरिया स्थित विद्युत उपकेंद्र में लगे उपकरण वर्षों पुराने हैं। इसमें सब कुछ जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। सूत्रों की मानें तो इसके लिए विभागीय तौर पर कई बार उच्चाधिकारियों से लिखा पढ़ी भी की जा चुकी है लेकिन अब तक यहां के खराब स्थिति में पहुंच चुके उपकरणों को बदलने की जरूरत नहीं समझी जा सकी। रविवार को उपकेंद्र में लगी आग के पीछे इसको एक बड़ा कारण बताया जा रहा है।
एसडीओ सुरेश कुमार यादव ने बताया कि उपकेंद्र के पैनल पर बारिश का पानी पड़ जाने के कारण फाल्ट आ गया था, जिसकी वजह से आग लग गई। एनसीएल की फायर विंग ने आग को काबू कर लिया है। इस उपकेंद्र पर आपूर्ति के लिए दो पैनल लगे हैं। एक पैनल से खड़िया क्षेत्र और दूसरे पैनल से शक्तिनगर क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति जाती है।
