नेपोटिज्म पर ये बोले करण देओल: ‘स्टार वॉर्स’ देखने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का मन हुआ
धर्मेंद्र, सनी देओल और बॉबी देओल के बाद करण देओल ने फिल्म पल पल दिल के पास से बॉलीवुड में डेब्यू किया. हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई. अब करण देओल अपने परिवार के साथ ‘अपने 2’ के लिए काम कर रहे हैं. करण देओल ने नेपोटिज्म समेत कई मुद्दों पर बात की है.
करण देओल ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में सबसे पहले लॉकडाउन रूटीन के बारे में बताया. करण ने कहा कि इस दौरान उन्होंने खुद को एंटरटेन करने के लिए कई तरह की गेम्स खेले और अलग-अलग तरह की फिल्में और सीरीज देखी और फिट रखने के लिए थोड़ा वर्कआउट किया. उन्होंने ये भी बताया कि वह कोरोना वैक्सीन की पहली जैब ले चुके हैं.
करण देओल ने ये भी बताया कि हॉलीवुड मूवी ‘स्टार वॉर्स’ देखने के बाद उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का मन हुआ. उन्होंने इस फिल्म को अबतक 20 बार देखी है. वह फिल्में बनाना चाहते थे और उसी से प्यार भी करते हैं. उन्होंने पहली बार जब कैमरा के सामना किया तो थोड़ा नर्वस हुए थे. उन्होंने कहा कि उनके पापा सनी देओल ने उनसे कहा था कि इस रास्ते में बहुत सारी जिम्मेदारियां होती हैं. एक भावुक और मानसिक जर्नी होती है.
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करण देओल ने ये भी कहा कि उनके दादा धर्मेंद्र उनसे कहा था एक एक्टर हमेशा सीखता है. आपको नहीं पता होता कि आप किस किरदार को निभाने जा रहे हैं. करण देओल ने नेपोटिज्म के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा,”मैं इन तथ्यों से नहीं भाग सकता. मुझे लॉन्च होने का प्लेटफॉर्म मिला लेकिन आखिरी में आपकी प्रतिभा ही बोलती है. अगर आप अच्छे नहीं है या आप सौ प्रतिशत नहीं दे सकते, तो वहां बहुत कंपीटिशन है. आप बाहर हो जाएंगे. आपको पहली फिल्म तो मिल सकती है लेकिन बाद में आप कुछ नहीं कर सकते. तो मेरा मानना है कि आपका काम और प्रतिभा ही बोलती है. “
