Agra में पुलिस की छापेमारी से जुए के अड्डे का खुलासा: निलंबित सिपाही समेत 6 धराए, सरगना फरार
Agra के थाना सिकंदरा क्षेत्र में रविवार रात एक बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें एक संगठित जुआ गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। गांव ककरैठा के जंगल में स्थित एक सुनसान और बंद कोठरी को जुआ खेलने के अड्डे में तब्दील कर रखा गया था। इस छापेमारी में एक चौंकाने वाला चेहरा भी सामने आया—अलीगढ़ पुलिस लाइन का निलंबित सिपाही विवेक कुमार, जो खुद जुआ खेलते हुए पकड़ा गया।
जंगल की कोठरी में सजती थी फड़, लाखों का होता था खेल
सिकंदरा थाना क्षेत्र का गांव ककरैठा बीते कुछ समय से पुलिस के रडार पर था। स्थानीय सूत्रों से पुलिस को खबर मिली थी कि गांव के किनारे स्थित एक परित्यक्त कोठरी में रात के समय शोरगुल सुनाई देता है। शक होने पर रविवार रात को डीसीपी सिटी सोनम कुमार के निर्देशन में सिकंदरा पुलिस की टीम ने मौके पर छापा मारा।
पुलिस के पहुंचते ही वहां भगदड़ मच गई, लेकिन तत्परता दिखाते हुए टीम ने 6 आरोपियों को धर दबोचा। इनमें विवेक कुमार नाम का व्यक्ति भी शामिल था, जो पूछताछ में अलीगढ़ पुलिस लाइन का निलंबित सिपाही निकला।
विवेक कुमार: वर्दी से बेवफाई, जुर्म से दोस्ती
पूछताछ में विवेक कुमार ने खुलासा किया कि उसे छह महीने पहले अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया था। मगर निलंबन के बाद उसने सुधरने की जगह अपराध की राह पकड़ ली। यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश पुलिस के निलंबित कर्मी अपराध में लिप्त पाए गए हैं, लेकिन एक सिपाही का इस तरह जुए की फड़ में बैठना एक बड़े सवाल को जन्म देता है—क्या विभागीय निलंबन ही काफी है?
पुलिस ने इस मामले में अलीगढ़ पुलिस को रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर ली है। संभव है कि अब विवेक के खिलाफ आगे भी विभागीय कार्रवाई तेज हो।
ये आरोपी भी फड़ पर मौजूद थे – नाम और पहचान
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में—
कन्हैया, निवासी: गांव करबना
हरिओम, निवासी: आवास विकास
देव प्रकाश, निवासी: सती नगर
संजीव, निवासी: गांव बुढ़ाना
सत्यप्रकाश, निवासी: सुभाष नगर
ये सभी आरोपी स्थानीय स्तर पर जुए की फड़ में नियमित रूप से सक्रिय थे। जांच में पता चला है कि ये गिरोह समय-समय पर स्थान बदलकर फड़ लगाता था ताकि पुलिस से बचा जा सके।
बंटी यादव – मास्टरमाइंड अभी भी फरार
इस पूरे जुआ गिरोह का सरगना बंटी यादव है, जो कि जगदीशपुरा के बैनारा फैक्टरी क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस जब मौके पर पहुंची, बंटी अपने तीन साथियों के साथ फरार हो गया।
बंटी यादव पर पहले भी सट्टेबाजी, जुआ संचालन और रंगदारी के कई मामले दर्ज हैं। वह अत्यंत शातिर अपराधी माना जाता है और अपने साथियों के साथ मिलकर पूरे शहर में जुए की चेन चला रहा था। पुलिस ने बंटी और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी है।
जप्त सामान: लाखों की रकम और वाहन बरामद
पुलिस की इस छापेमारी में 2.13 लाख रुपये नगद, 6 मोबाइल फोन, 3 बाइक और 2 स्कूटी बरामद की गई हैं। इनका इस्तेमाल फड़ में आने-जाने के लिए किया जाता था।
बताया जा रहा है कि मौके पर रजिस्टर, पर्चियां और दांव के पत्ते भी मिले हैं जिससे ये स्पष्ट होता है कि यह फड़ एक संगठित ढंग से कई दिनों से चल रहा था।
पुलिस की सक्रियता पर जनता में भरोसा बढ़ा
स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई की सराहना की है। गांव के लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस जंगल में कुछ गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं था। पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि अपराधी कितने भी चालाक हों, कानून से नहीं बच सकते।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा और ऐसे अड्डों को पूरी तरह खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
जुए के खिलाफ बढ़ेगी सख्ती, जिलेभर में विशेष ऑपरेशन की तैयारी
इस मामले ने आगरा पुलिस को जुए की गहराई तक सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिलेभर में अब ऐसे सभी संदिग्ध स्थानों की मानचित्र आधारित निगरानी, ड्रोन से छानबीन, और पुलिस मुखबिर तंत्र को मजबूत करने पर काम हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में नियमित रात्रि गश्त, गुप्त सूचना इकाई, और माफिया विरोधी टास्क फोर्स की मदद से जिले में चल रहे सभी जुआ अड्डों पर शिकंजा कसा जाएगा।
कानून और वर्दी की गरिमा को धूमिल करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वर्दीधारी या पूर्वकर्मी अगर इस तरह के मामलों में लिप्त पाए गए तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। निलंबन के बाद अपराध में लिप्त होना विभाग के अनुशासन को चुनौती देने जैसा है।
इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि अपराधी अब गांव, जंगल, और सुनसान क्षेत्रों को जुए जैसे अपराधों का केंद्र बना रहे हैं, जिन्हें समय रहते खत्म करना जरूरी है।

