Agra अपहरण कांड में बड़ा खुलासा: मुंबई के कारोबारी ने खुद गढ़ी झूठी कहानी, फेसबुक दोस्ती से शुरू हुआ मामला बना वसूली का केस
Agra kidnapping case fake होने का सनसनीखेज खुलासा उत्तर प्रदेश के आगरा में सामने आया है। एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के रामबाग चौराहे से मुंबई के एक कारोबारी के अपहरण की जो कहानी पहले दिन पूरे शहर में दहशत फैला रही थी, वही कहानी पुलिस जांच में पूरी तरह झूठी साबित हो गई। अब यह मामला अपहरण नहीं, बल्कि फेसबुक दोस्ती, आपसी विवाद और जबरन वसूली का निकला है।
🔴 रामबाग से अपहरण की कहानी ने मचाया था हड़कंप
बीते दिनों एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के रामबाग चौराहे से कथित अपहरण की सूचना ने पुलिस और प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया था। कारोबारी ने दावा किया था कि दिनदहाड़े नीली रंग की कार में सवार दो लोगों ने जबरन उसे उठा लिया और हाथरस ले जाकर मारपीट की। गोली मारने की धमकी देकर मोबाइल, अंगूठी और नकदी लूटने का आरोप भी लगाया गया था।
इस बयान के बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी की परतें खुलती चली गईं।
🔴 पुलिस जांच में खुला सच, खुद बैठा था कार में
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया कि कारोबारी का अपहरण नहीं हुआ था। दरअसल, वह अपने एक समलैंगिक फेसबुक फ्रेंड से मिलने के लिए खुद उसकी कार में बैठा था। दोनों के बीच पहले से सोशल मीडिया के जरिए बातचीत चल रही थी और मुलाकात आपसी सहमति से तय हुई थी।
पुलिस का कहना है कि कार में बैठने के बाद किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसने पूरे मामले को अपराध की दिशा में मोड़ दिया।
🔴 वीडियो बनाने पर बढ़ा विवाद, छीना गया मोबाइल और पैसा
पुलिस के मुताबिक, कार के अंदर कारोबारी का वीडियो बनाए जाने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसी दौरान आरोपी फेसबुक फ्रेंड ने उसका मोबाइल फोन और जेब में रखे रुपये छीन लिए। विवाद बढ़ने पर उसने अपने साथियों को बुला लिया।
इसके बाद कारोबारी को जबरन खेतों की ओर ले जाया गया, जहां दबाव बनाकर उससे पैसे की मांग की गई।
🔴 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर कराए, फिर छोड़ा
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कारोबारी के खाते से 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर कराए। रकम खाते में आते ही उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद कारोबारी ने खुद को बचाने और सामाजिक बदनामी से बचने के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ दी।
पुलिस का मानना है कि इसी वजह से शुरुआत में उसने पूरे घटनाक्रम को जबरन अपहरण और लूट का रूप दिया।
🔴 मुंबई से आगरा आया था साड़ी व्यापारी
मामले में शामिल कारोबारी मुंबई के संगम अपार्टमेंट का निवासी है और साड़ी का व्यापार करता है। वह 6 जनवरी को आगरा आया था। बुधवार रात वह व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल के साथ एत्माद्दौला थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी कहानी बताई, जो बाद में जांच में गलत निकली।
🔴 प्राथमिकी दर्ज, पांच आरोपी हिरासत में
हालांकि कहानी झूठी निकली, लेकिन कारोबारी के साथ हुई मारपीट, धमकी और वसूली के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी फेसबुक फ्रेंड सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
🔴 सोशल मीडिया दोस्ती से जुड़े अपराधों पर सवाल
Agra kidnapping case fake सामने आने के बाद सोशल मीडिया के जरिए बनने वाली दोस्तियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि अनजान या कम-जान-पहचान वाले लोगों से मिलने से पहले सतर्कता जरूरी है, क्योंकि ऐसे मामलों में विवाद और अपराध की आशंका बढ़ जाती है।
🔴 पुलिस की अपील: सच छिपाने की कोशिश न करें
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक घटना में सही जानकारी दें। झूठी कहानी गढ़ने से जांच भटकती है और असली अपराधियों तक पहुंचने में देरी होती है। इस मामले में भी अगर शुरुआत में सही तथ्य सामने आते, तो जांच अलग दिशा में जाती।

