Bareilly बवाल से शाहजहांपुर तक ड्रग कनेक्शन: मौलाना तौकीर रजा के बेटे फरमान पर एनडीपीएस एक्ट, क्रिस्टल मेथ के साथ पकड़ा गया
Bareilly violence case Farman Raza से जुड़ा मामला अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। बरेली बवाल प्रकरण के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के बेटे फरमान रजा खां के खिलाफ शाहजहांपुर जनपद के तिलहर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई उस वक्त सामने आई जब लखनऊ–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सड़क हादसे के बाद पुलिस ने फरमान के पास से क्रिस्टल मेथ ड्रग्स बरामद की।
🔴 लखनऊ–दिल्ली हाईवे पर हुआ हादसा, खुला ड्रग्स का मामला
मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर के सामने खड़ी एक रोडवेज बस में तेज रफ्तार कार पीछे से जा टकराई। हादसे की सूचना यूपी 112 के जरिए पुलिस को मिली, जिसके बाद तिलहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने देखा कि बस स्थिर अवस्था में थी और कार पीछे से टकराई थी। कार चला रहा युवक नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था। पूछताछ में उसने अपना नाम फरमान रजा खां बताया, जो बरेली के थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सौदागरान का निवासी है।
🔴 घायल अवस्था में मेडिकल, फिर हुआ बड़ा खुलासा
हादसे में फरमान के दाहिने हाथ में चोट लगी थी। पुलिस ने उसे तुरंत तिलहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसका मेडिकल परीक्षण किया।
मेडिकल जांच के बाद जब डॉक्टरों और पुलिस ने उससे नशे के बारे में पूछताछ की, तो फरमान ने स्वीकार किया कि उसने इंजेक्शन के माध्यम से क्रिस्टल मेथ ड्रग्स का सेवन किया है। उसने यह भी बताया कि उसके पास ड्रग्स से जुड़ा एक इंजेक्शन और थोड़ी मात्रा में क्रिस्टल मेथ मौजूद है।
🔴 ट्रॉली बैग से बरामद हुआ इंजेक्शन और ड्रग्स
मेडिकल के बाद पुलिस फरमान को थाने लेकर आई। तलाशी के दौरान उसके ट्रॉली बैग से एक सफेद थैलीनुमा झोला बरामद हुआ, जिसके अंदर कागज में लिपटा हुआ एक सिरिंज और एक छोटी सफेद पन्नी में सफेद रंग का पदार्थ मिला।
फरमान ने खुद स्वीकार किया कि यह पदार्थ क्रिस्टल मेथ ड्रग्स है। प्राथमिक जांच में इसकी मात्रा लगभग आधा ग्राम बताई गई है, जिसे एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रतिबंधित मादक पदार्थ माना जाता है।
🔴 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज
पूरे घटनाक्रम की जानकारी तिलहर थाना प्रभारी ने ज्योति यादव को दी। इसके बाद देर रात तिलहर थाना प्रभारी की ओर से फरमान रजा खां के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
हालांकि, बरामद ड्रग्स की मात्रा कम होने के चलते फरमान को थाने से ही जमानत मिल गई, लेकिन मामला दर्ज होने के बाद यह प्रकरण राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
🔴 बरेली बवाल से जुड़ा नाम, इसलिए बढ़ी संवेदनशीलता
फरमान रजा खां का नाम सामने आते ही मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया, क्योंकि वह बरेली बवाल प्रकरण के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा का बेटा है। ऐसे में Bareilly violence case Farman Raza अब केवल सड़क हादसा या ड्रग्स बरामदगी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे कानून-व्यवस्था और सामाजिक प्रभाव के नजरिये से भी देखा जा रहा है।
🔴 पुलिस जांच के दायरे में कई सवाल
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरमान के पास क्रिस्टल मेथ ड्रग्स कहां से आई, उसका स्रोत क्या है और क्या वह किसी बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि हादसे के वक्त वह अकेला था या किसी अन्य व्यक्ति के साथ।
अधिकारियों का कहना है कि NDPS Act के तहत दर्ज यह मामला आगे की जांच में और भी तथ्य उजागर कर सकता है।
🔴 सड़क सुरक्षा और नशे का खतरनाक मेल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि नशे की हालत में वाहन चलाना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। लखनऊ–दिल्ली हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर यदि बस में टक्कर किसी बड़े हादसे में बदल जाती, तो कई जानें जा सकती थीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे में ड्राइविंग और ड्रग्स का इस्तेमाल दोनों ही गंभीर अपराध हैं और इनके खिलाफ सख्ती लगातार जारी रहेगी।
🔴 कानून का संदेश स्पष्ट
Bareilly violence case Farman Raza से जुड़े इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि कानून के सामने कोई नाम या पहचान बड़ी नहीं होती। चाहे आरोपी किसी प्रभावशाली व्यक्ति का परिजन ही क्यों न हो, नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

