Agra Police पर गंभीर आरोप: बुलडोजर मालिक से थाने में 25 हजार की वसूली, दरोगा–सिपाही जांच के घेरे में
News-Desk
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agra news, Agra police, crime news, dcp city agra, police corruption, Shahganj Police, Uttar Pradesh PoliceAgra police extortion case ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में एक बुलडोजर मालिक से कथित रूप से थाने में बुलाकर 25 हजार रुपये की वसूली का मामला सामने आया है। आरोप एक दरोगा और सिपाही पर लगे हैं, जिनके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
पीड़ित की शिकायत के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए सैयद अली अब्बास, डीसीपी सिटी आगरा ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं।
🔴 शाहगंज थाने के दरोगा और सिपाही पर गंभीर आरोप
यह मामला शाहगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। सराय ख्वाजा निवासी बुलडोजर मालिक रईस खां ने आरोप लगाया है कि थाना क्षेत्र के एक दरोगा और सिपाही उन्हें जबरन बाइक से थाने ले गए और वहां कई घंटे बैठाकर रखा।
रईस खां के अनुसार, उन्हें बिना किसी कानूनी आधार के थाने में रोका गया और छोड़े जाने के बदले पहले एक लाख रुपये की मांग की गई। साथ ही जेल भेजने की धमकी भी दी गई, जिससे वह और उनका परिवार मानसिक दबाव में आ गया।
🔴 फाइनेंस विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
शिकायतकर्ता रईस खां ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में करीब 10 लाख रुपये जमा कर एक बुलडोजर फाइनेंस कराया था। शुरुआती 15 किस्तें समय पर चुकाने के बाद उन्हें चोट लग गई, जिसके चलते कुछ किस्तें अदा नहीं हो सकीं।
इसके बाद फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी लगातार उन्हें परेशान करने लगे। उत्पीड़न से तंग आकर उन्होंने 2 फरवरी 2026 को डीसीपी सिटी कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया था, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
🔴 थाने में बिठाकर वसूली का आरोप
Agra police extortion case में आरोप है कि 7 फरवरी को दरोगा और सिपाही रईस खां को जबरन बाइक से थाने ले गए। वहां उन्हें कई घंटे तक बिना किसी कारण के बैठाए रखा गया।
रईस खां का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने साफ शब्दों में कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इस दौरान परिजन और थाना क्षेत्र के एक स्थानीय पार्षद ने पुलिसकर्मियों से बातचीत की।
🔴 1 लाख से 25 हजार पर हुआ ‘सौदा’
पीड़ित के अनुसार, काफी बातचीत और दबाव के बाद मामला 25 हजार रुपये पर तय हुआ। रईस खां ने आरोप लगाया कि यह रकम दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से ट्रांसफर करवाई गई।
उन्होंने अपने मोबाइल से पार्षद के नंबर पर 5 हजार रुपये और अपने भाई के मोबाइल नंबर से 20 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। इसके बाद रात करीब 11:30 बजे उन्हें थाने से छोड़ा गया।
🔴 दरोगा ने पहले बदला नाम, फिर दिया नया प्रस्ताव
रईस खां का आरोप है कि दरोगा ने पहले अपना नाम रजत बताया था, लेकिन बाद में असली नाम सामने आया। इतना ही नहीं, कथित तौर पर दो दिन बाद दरोगा ने बुलडोजर को उनके हवाले कराने का प्रस्ताव भी दिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद रईस खां ने लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों के साथ बृहस्पतिवार को दोबारा डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
🔴 सिपाही पर पहले से लगे हैं आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित सिपाही का तबादला यातायात पुलिस में हो चुका है, इसके बावजूद वह शाहगंज क्षेत्र में सक्रिय है। पीड़ित का दावा है कि सिपाही के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें आ चुकी हैं।
इसके अलावा, सिपाही पर खुद को जनपद में तैनात एक इंस्पेक्टर का भतीजा बताकर रौब दिखाने का भी आरोप लगाया गया है।
🔴 डीसीपी सिटी ने दिए जांच के आदेश
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सैयद अली अब्बास ने बताया कि पीड़ित की शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे प्रकरण की जांच लोहामंडी के एसीपी को सौंपी गई है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित को वसूली गई रकम वापस दिलाने का भी आश्वासन दिया गया है।
🔴 पुलिस महकमे की साख पर फिर सवाल
Agra police extortion case ने एक बार फिर पुलिस–जनता संबंधों और जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है। आम नागरिकों का कहना है कि अगर शिकायत लेकर पुलिस के पास जाने वाला व्यक्ति ही उत्पीड़न का शिकार हो जाए, तो भरोसा कैसे कायम रहेगा।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और इसकी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

