उत्तर प्रदेश

CM Yogi Adityanath ने तय किए प्रभारी मंत्री, जिलों में जाएंगे जनता से करेंगे सीधा संवाद

CM Yogi Adityanath ने शनिवार (28 जनवरी) को कैबिनेट मीटिंग  बुलाई। मुख्यमंत्री ने विधायकों और सांसदों के साथ बैठक की। जिसमें राज्य के 18 मंडलों में संचालित विकास परियोजनाओं  की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने मंत्रियों, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। सीएम योगी ने बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मीटिंग में चर्चा के बाद कुछ प्रमुख निर्देश दिए गए।

उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर प्रदेश के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारी के लिए मोटे अनाज (मिलेट्स) से बने व्यंजनों का रात्रिभोज किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट को लेकर सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपनी भावी योजनाओं के अनुसार बजट प्रस्ताव तैयार कर भेजें। उन्होंने कहा, ये बजट 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप होगा। विभागों से ये भी कहा गया कि जितनी जरूरत हो, वे उतनी ही मांग करें।

कैबिनेट बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा, ‘केंद्र सरकार से सामंजस्य स्थापित कर बची हुई धनराशि प्राप्त करें। साथ ही, विभागीय मंत्रियों (Departmental Ministers) से कहा कि वे स्वयं भारत सरकार के मंत्रियों से बातचीत करें। केंद्र की ओर से दिए जाने वाले अंशदान के अभाव में परियोजना को बाधित न रखें।’

होमगार्ड (Home Guard), ग्राम्य विकास, पंचायती राज (Panchayati Raj), कृषि, पशुपालन, सहकारिता (cooperative), लोक निर्माण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, MSME, नगर विकास, वन, व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास तेज करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) ने आगे कहा, इन विभागों में महत्वपूर्ण परियोजनाएं चल रही हैं जिन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाना जरूरी है।’

मुख्यमंत्री ने अगले दो महीने की अवधि में सभी विधानसभा क्षेत्रों में रोजगार मेला (UP Rojgar Mela 2023) आयोजित करने कहा है। इन मेलों के आयोजन के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन लेने को भी कहा गया है। सीएम योगी ने बिजली विभाग को निर्देश दिया है कि लोग बिल का भुगतान समय से करें। इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ग्रामीण इलाकों में विशेष प्रयास की आवश्यकता है। बिजली बिल की वसूली के नाम पर कहीं भी उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।’

मीटिंग के दौरान सीएम योगी ने कहा, ‘निर्माण संबंधी विकास कार्यों में कार्यदायी संस्थाओं की बड़ी भूमिका होती है। मुख्य सचिव (Chief Secretary) द्वारा सभी शासकीय कार्यदायी संस्थाओं में ‘मैनपॉवर’ की उपलब्धता, दक्षता, क्षमता आदि का परीक्षण कर रिपोर्ट पेश की जाए।’

– सीएम योगी ने शिक्षा विभाग को भी कई जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि, जिन कॉलेजों की इमारत बन गई है, उन्हें सौंप दिया जाए। उसमें पढ़ाई शुरू की जाए।

– यूपी के मुख्यमंत्री ने ये भी कहा, दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के लिए उनके कौशल विकास पर जोर दिया जाए। इन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल (motorized tricycle) दिया जाए।

– मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा, 23 नई सुविधा से लैस बस स्टेशन को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इसे तेजी से आगे बढ़ाया जाए। क्योंकि हमें नए रूट पर बसें चलानी है।

– मीटिंग में अधिकारियों को सीएम ने निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त लोगों को समय पर पेंशन मिले तथा पुराने राजकीय इंटर कॉलेजों का जीर्णोद्धार जल्द से जल्द किया जाए।

– एक दिन-एक साथ सभी 75 जिलों में होगा औद्योगिक निवेश, खुलेंगे अपार संभावनाओं के द्वार: मुख्यमंत्री

– ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मुख्य समारोह से जुड़ेंगे सभी जिले, स्थानीय उद्यमी भी होंगे आमंत्रित

– सभी 75 जिलों के लिए मुख्यमंत्री ने तय किए प्रभारी मंत्री, जिलों में जाएंगे जनता से करेंगे सीधा संवाद

– जनपदीय भ्रमण के दौरान कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों के साथ विद्यालयों, चिकित्सालयों, गौ-आश्रय स्थलों की भी होगी पड़ताल

– मुख्यमंत्री का निर्देश, विभागीय परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें मंत्री

● प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में आज पूरा देश मिलेट वर्ष मना रहा है। इस क्रम में आज मुख्यमंत्री आवास पर मोटे अनाज के व्यंजन आधारित रात्रिभोज आयोजित किया गया है। इसी प्रकार सभी मंत्रियों को अपने क्षेत्र में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व बुद्धिजीवी वर्ग के लिए ऐसे सहभोज का आयोजन करें। मिलेट्स की महत्ता से आम जन को सुपरिचित कराएं।

● आगामी 10-12 फरवरी को उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। देश और विदेश में हुए रोड शो के साथ-साथ जिला स्तरीय निवेशक सम्मेलनों में उत्साहजनक परिणाम देखने को मिले हैं। पूरी दुनिया के उद्योग जगत ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्साह जताया है। यह समिट अभूतपूर्व होने जा रहा है।

● 10 फरवरी को आदरणीय प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ होगा। इस मुख्य समारोह से सभी जिलों को जोड़ा जाएगा। जिलों के कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमियों/निवेशकों को आमंत्रित करें। यह पहली बार होगा कि जब एक दिन- एक साथ प्रदेश के सभी 75 जिलों में निवेश होगा। सभी जिलों के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

● सरकार गठन के उपरांत मंत्री समूह द्वारा ‘सरकार आपके द्वार’ भावना के साथ किए गए मंडलीय भ्रमण से जनता के बीच सकारात्मक संदेश गया। अब सभी जिलों के लिए प्रभारी मंत्री नामित किए जा रहे हैं। यह मंत्री अगले एक वर्ष तक सम्बंधित जनपद के प्रभारी होंगे।

● प्रभारी मंत्री गण अपने जिले की स्थिति से अपडेट रहें। नियमित अंतराल पर जिले में भ्रमण करें। जनपद भ्रमण के यह कार्यक्रम कम से कम 24 घंटे का जरूर हो। जनपदीय दौरे की अवधि में होने वाली बैठकों में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करें। कानून-व्यवस्था व सरकारी योजनाओं की समीक्षा करें।

● जनपदीय भ्रमण के दौरान जनता से सीधा संवाद करें। किसी एक विकास खंड और तहसील के औचक निरीक्षण करें। दलित, मलिन बस्ती में सहभोज भी किया जाना चाहिए। विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता की परख करें। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के साथ महिला सुरक्षा, एससी-एसटी के प्रकरणों में अभियोजन की स्थिति, पुलिस पेट्रोलिंग, बाल यौन अपराधों, व्यापारियों की समस्याओं, गैंगस्टर पर कार्रवाई, ट्रैफिक प्रबंधन, राजस्व संग्रह के लिए हो रहे प्रयास आदि की समीक्षा करें।

● प्रभार के जिलों में यदि आकांक्षात्मक विकास खंड है तो वहां की स्थिति की सतत समीक्षा करते रहें। भ्रमण के दौरान इन विकासखंड में तैनात मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत कार्य कर रहे युवाओं से संवाद करें।

● कार्य की सफलता के लिए उसकी मॉनिटरिंग आवश्यक है। सभी मंत्री गण अपने विभाग की साप्ताहिक समीक्षा जरूर करें। अपने सहयोगी राज्य मंत्री को भी इन बैठक में आमंत्रित करें। विभाग द्वारा संचालित जनहित की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में राज्यमंत्री गणों को भी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

● यह सुनिश्चित कराएं कि समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर/कप्तान, मुख्य विकास अधिकारी आदि फील्ड में तैनात सभी अधिकारी गण नियमित अंतराल पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विकास परियोजनाओं की समीक्षा करें।

● जिला मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक भी हो। उद्योग बंधु की बैठक भी नियमित होनी चाहिए। प्रत्येक जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान, व्यापार व उद्योग विभाग द्वारा माह में एक बार व्यापारिक संगठनों के साथ अनिवार्य रूप से बैठक की जाए। उद्योगों के साथ बैंकर्स की बैठक कराएं, युवाओं को रोजगार के लिए ऋण योजनाओं का आसानी से लाभ मिले, इसके लिए प्रभारी मंत्रीगण प्रयास करें।

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