फिल्मी चक्कर

Amitabh Bachchan के ‘जलसा’ को फिर बम से उड़ाने की धमकी, BSE और बॉम्बे हाईकोर्ट भी निशाने पर; मुंबई में हाई अलर्ट

मुंबई। बॉलीवुड के महानायक Amitabh Bachchan के जुहू स्थित बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मुंबई में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस बार धमकी भरे ईमेल में केवल अमिताभ बच्चन का बंगला ही नहीं, बल्कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), वर्ली रेसकोर्स और बॉम्बे हाईकोर्ट को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, शुरुआती जांच में किसी भी जगह से संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री मिलने की सूचना नहीं है।

यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर रितु तावड़े को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था। उस ईमेल में भी अमिताभ बच्चन के बंगले को निशाना बनाने की बात कही गई थी। लगातार मिल रही धमकियों के बाद पुलिस अब ईमेल भेजने वाले की पहचान और उसके संभावित मकसद का पता लगाने में जुटी है।

जलसा के साथ तीन अन्य प्रमुख स्थानों को भी धमकी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नए ईमेल में अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ के अलावा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, वर्ली रेसकोर्स और बॉम्बे हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। ये सभी मुंबई के महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों में शामिल हैं। ऐसे में धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित परिसरों की जांच शुरू कर दी।

पुलिस, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और अन्य सुरक्षा टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान परिसर और आसपास के क्षेत्रों की पड़ताल की गई। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी में कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।

फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ईमेल किसने भेजा और क्या धमकी के पीछे कोई वास्तविक साजिश है या फिर यह केवल दहशत फैलाने की कोशिश है। साइबर पुलिस की टीम ईमेल के तकनीकी विवरण और IP एड्रेस के आधार पर भेजने वाले तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

23 अक्टूबर को भी अमिताभ बच्चन और दिलजीत दोसांझ को मिली थी धमकी

इससे पहले 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर रितु तावड़े को भेजे गए एक ईमेल में अमिताभ बच्चन और पंजाबी गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ को जान से मारने की धमकी दी गई थी। उस संदेश में अमिताभ बच्चन के बंगले को निशाना बनाने की बात लिखी गई थी। धमकी देने वाले ने 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच हमले की आशंका जताई थी और इसे वर्ष 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला बताया था।

ईमेल में खालिस्तान समर्थक नारे भी लिखे होने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा 1984 के सिख-विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया गया था। धमकी देने वाले ने दिलजीत दोसांझ को भी निशाना बनाने की बात कही थी। हालांकि, ये सभी बातें धमकी भरे ईमेल में किए गए दावे थे। इनकी सत्यता या किसी वास्तविक संगठन से संबंध की पुष्टि अलग जांच का विषय है।

‘दिलजीत ने अमिताभ के पैर छुए, इसलिए उसे भी मारेंगे’

23 अक्टूबर को भेजे गए ईमेल में दिलजीत दोसांझ को लेकर भी आपत्तिजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया था। संदेश में दावा किया गया था कि दिलजीत ने अमिताभ बच्चन के पैर छुए थे, इसलिए उसे भी निशाना बनाया जाएगा। ईमेल में 27 नवंबर को महालक्ष्मी रेसकोर्स में आत्मघाती हमले के जरिए दिलजीत की हत्या करने की धमकी भी दी गई थी।

इस तरह के संदेशों में किसी कलाकार के सार्वजनिक व्यवहार को आधार बनाकर हिंसा की धमकी देना बेहद गंभीर मामला है। हालांकि, पुलिस को यह भी जांचना होगा कि ईमेल भेजने वाला वास्तव में किसी हमले की योजना बना रहा है या जानबूझकर विवादित और डराने वाली बातें लिखकर सनसनी फैलाना चाहता है। किसी भी धमकी को बिना जांच के वास्तविक हमले की योजना मान लेना उचित नहीं होगा, लेकिन उसे हल्के में लेना भी जोखिम भरा हो सकता है।

मेयर कार्यालय और BMC मुख्यालय में भी हुई थी तलाशी

23 अक्टूबर को धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने बीएमसी मुख्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया था। पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंची थीं। मेयर और डिप्टी मेयर के कार्यालयों सहित विभिन्न चैंबर्स की जांच की गई थी। उस दौरान भी सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए परिसर की तलाशी ली थी।

लगातार अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाने वाली धमकियों ने मुंबई पुलिस के सामने चुनौती बढ़ा दी है। एक ओर महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, वहीं दूसरी ओर ईमेल के स्रोत और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान भी करनी है।

साइबर पुलिस IP एड्रेस के जरिए तलाश रही ईमेल भेजने वाले को

मुंबई पुलिस की साइबर टीम ईमेल के तकनीकी विवरणों की जांच कर रही है। इसमें IP एड्रेस और अन्य डिजिटल संकेतों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदेश कहां से भेजा गया। जांच एजेंसियां यह भी देख सकती हैं कि पहले मिले धमकी भरे ईमेल और नए संदेश के बीच कोई तकनीकी या अन्य समानता है या नहीं।

यदि दोनों ईमेल के स्रोत, भाषा या डिजिटल पैटर्न में समानता मिलती है, तो इससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी धमकियां एक ही व्यक्ति या समूह ने भेजी हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग

मुंबई में हाल के दिनों में सामने आई सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं के बीच अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का मामला भी चर्चा में रहा था। 18 अक्टूबर को टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गई थीं। इस घटना में टाइगर श्रॉफ को गोली नहीं लगी, लेकिन उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे।

इस मामले में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। हालांकि, फायरिंग की घटना और अमिताभ बच्चन के बंगले को मिली धमकियों के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों मामलों की जांच अलग-अलग तथ्यों के आधार पर की जा रही है।

मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ी सतर्कता

मुंबई देश की आर्थिक और मनोरंजन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, बॉम्बे हाईकोर्ट, रेसकोर्स और फिल्मी हस्तियों के आवास जैसे महत्वपूर्ण स्थान मौजूद हैं। ऐसे स्थानों को धमकी मिलने पर पुलिस के लिए तत्काल सुरक्षा जांच करना जरूरी हो जाता है।

हालांकि, इस बार की तलाशी में किसी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु के नहीं मिलने से तत्काल खतरे के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन जांच अभी जारी है। पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के साथ-साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी के पीछे कोई संगठित नेटवर्क या व्यक्तिगत शरारत तो नहीं है।

फिलहाल अमिताभ बच्चन, दिलजीत दोसांझ और धमकी में उल्लेखित अन्य स्थानों की सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क है। जांच एजेंसियों की प्राथमिकता धमकी के स्रोत का पता लगाना और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोकना है।

अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से मुंबई में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। इस बार BSE, वर्ली रेसकोर्स और बॉम्बे हाईकोर्ट का भी ईमेल में उल्लेख किया गया है। पुलिस की तलाशी में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है और साइबर टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान में जुटी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बार-बार धमकी भेजकर मुंबई में दहशत फैलाने की कोशिश कौन कर रहा है।

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 23268 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

five × four =