Anurag Kashyap ने शादी पर तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘शुभ्रा के साथ बहुत खुश हूं, उसे खोना नहीं चाहता’; उम्र के फासले पर भी खुलकर की बात
फिल्ममेकर Anurag Kashyap ने अपने हालिया इंटरव्यू में निजी जिंदगी के कई पहलुओं पर खुलकर बात की है। तीसरी शादी के सवाल से शुरू हुई बातचीत रिश्ते, उम्र, अनुभव, असुरक्षा और प्यार को लेकर एक गंभीर चर्चा में बदल गई।
अनुराग कश्यप ने साफ कहा कि इस समय उनकी प्राथमिकता शादी करना नहीं, बल्कि उस रिश्ते को संभालकर रखना है जो उनके पास मौजूद है। शुभ्रा शेट्टी के साथ अपने रिश्ते को लेकर उन्होंने कहा कि वह उनके साथ बेहद खुश हैं और इस रिश्ते को खोना नहीं चाहते।
फिल्ममेकर की बातों में उम्र के साथ बदलती सोच और रिश्तों को लेकर बढ़ी हुई संवेदनशीलता भी नजर आई। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दोनों के बीच उम्र का अंतर उनके रिश्ते में एक ऐसा पहलू रहा है, जिसको लेकर वह खुद काफी सजग रहे हैं।
तीसरी शादी के सवाल पर अनुराग ने क्या कहा?
जेनिस सेक्वेरा को दिए इंटरव्यू में अनुराग कश्यप से तीसरी बार शादी करने को लेकर सवाल पूछा गया।
अनुराग पहले दो बार शादी कर चुके हैं और इसलिए उनकी निजी जिंदगी को लेकर यह सवाल स्वाभाविक रूप से चर्चा में रहा है।
लेकिन इस बार फिल्ममेकर ने शादी को अपनी प्राथमिकता बताने के बजाय अपने मौजूदा रिश्ते पर जोर दिया।
उनका कहना था कि वह शुभ्रा के साथ बहुत खुश हैं और उनके साथ रहना चाहते हैं। इसके लिए जो भी करना पड़े, वह करने को तैयार हैं।
यह जवाब उनके मौजूदा रिश्ते के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, भले ही उन्होंने शादी को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की।
‘मैं उसके साथ बहुत खुश हूं, उसे खोना नहीं चाहता’
अनुराग कश्यप ने बातचीत के दौरान अपने रिश्ते को लेकर बेहद भावुक अंदाज में अपनी प्राथमिकता बताई।
उन्होंने कहा कि वह शुभ्रा के साथ खुश हैं और उनके साथ रहना चाहते हैं। उनके मुताबिक, रिश्ते को बनाए रखने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि जिंदगी में समय के साथ कई चीजों को देखने का नजरिया बदलता है।
यानी अब उनके लिए शादी का सामाजिक या औपचारिक दर्जा उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना उस व्यक्ति के साथ मौजूद रिश्ता और उससे मिलने वाली खुशी।
उम्र और अनुभव ने बदली अनुराग की प्राथमिकताएं
अनुराग ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी सोच में काफी बदलाव आया है।
उनका मानना है कि जिंदगी के अलग-अलग पड़ाव पर इंसान की प्राथमिकताएं बदलती रहती हैं। जो बातें पहले बहुत महत्वपूर्ण लगती थीं, जरूरी नहीं कि उम्र बढ़ने के बाद भी उनका वही महत्व बना रहे।
उन्होंने अपनी उम्र और भविष्य को लेकर मौजूद एक तरह की असुरक्षा का भी जिक्र किया।
अनुराग ने कहा कि वह इतना स्वस्थ रहना चाहते हैं कि उन लोगों से ज्यादा समय तक जीवित रहें जिन्हें वह प्यार करते हैं।
यह बात उनके लिए रिश्ते की भावनात्मक अहमियत को दिखाती है।
‘मैं इसे खोना नहीं चाहता’—रिश्ते को लेकर अनुराग की साफ बात
अनुराग कश्यप ने बातचीत में कहा कि जब तक उनके पास वह रिश्ता है जो उन्होंने हासिल किया है, तब तक वह खुश हैं।
उनकी प्राथमिकता इस रिश्ते को बनाए रखना है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिंदगी में कई तरह की सामाजिक अपेक्षाएं और तौर-तरीके होते हैं, लेकिन किसी रिश्ते की वास्तविक खुशी इन औपचारिकताओं से अलग हो सकती है।
शादी हो या न हो, उनके लिए फिलहाल सबसे अहम बात शुभ्रा के साथ मौजूद संबंध को बनाए रखना है।
उम्र के अंतर पर भी दोनों ने की खुलकर बात
इंटरव्यू के दौरान अनुराग और शुभ्रा ने अपने बीच उम्र के अंतर को लेकर भी बात की।
अनुराग ने स्वीकार किया कि उनके रिश्ते में भी परेशानियां आई हैं और ऐसे पल आए हैं जब दोनों अपने रिश्ते और खुद को लेकर काफी सजग रहे।
लेकिन इस दौरान शुभ्रा ने तुरंत उनकी बात को सुधारते हुए कहा कि ज्यादा सजग अनुराग रहे हैं।
इस छोटे से संवाद ने दोनों के रिश्ते की एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखी।
शुभ्रा बोलीं- ‘आप ज्यादा सजग रहे हैं’
जब अनुराग ने कहा कि दोनों अपने रिश्ते को लेकर सजग रहे हैं, तो शुभ्रा ने तुरंत कहा कि वह ज्यादा सजग रहे हैं।
अनुराग ने भी इस बात को स्वीकार किया।
उन्होंने बताया कि वह पहले भी उम्र के अंतर को लेकर ज्यादा सतर्क रहते थे और एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने इस रिश्ते को अपने से दूर रखने की बहुत कोशिश की थी।
उनके मुताबिक यह सोच उनके उम्र के अंतर और उस समय की परिस्थितियों से जुड़ी थी।
शुभ्रा की उम्र का अंदाजा चेहरे से नहीं लगता—अनुराग ने बताया अपना नजरिया
अनुराग ने बातचीत में शुभ्रा की उम्र को लेकर अपनी धारणा भी साझा की।
उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगता था कि शुभ्रा के चेहरे से उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि शुभ्रा आज भी वैसी ही दिखाई देती हैं।
अनुराग ने बताया कि जैसे-जैसे उनकी खुद की उम्र बढ़ती गई और शुभ्रा की उपस्थिति उन्हें लगभग वैसी ही नजर आती रही, वह इस अंतर को लेकर और अधिक सजग होते गए।
यह उनके लिए केवल उम्र का अंतर नहीं था, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ रिश्ते को देखने के नजरिए में आया बदलाव भी था।
रिश्ते को लेकर शुरुआत में अनुराग क्यों थे ज्यादा सतर्क?
अनुराग ने बताया कि एक समय वह इस रिश्ते को खुद से दूर रखने की कोशिश करते थे।
इसका कारण केवल व्यक्तिगत भावना नहीं बल्कि उम्र का अंतर और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर उनकी सोच भी थी।
उन्होंने माना कि उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति अपने फैसलों के संभावित प्रभावों के बारे में ज्यादा सोचने लगता है।
उनकी बातचीत से यह भी पता चलता है कि वह शुभ्रा को किसी ऐसे रिश्ते में नहीं बांधना चाहते थे जिसमें वह खुद को खो दें।
शुभ्रा ने बताया- अनुराग ने मुझे खुद की पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया
इंटरव्यू में शुभ्रा शेट्टी ने भी रिश्ते को लेकर अपनी तरफ से महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
उन्होंने कहा कि अनुराग ने हमेशा उन्हें स्वतंत्र रूप से जीने और खुद को समझने के लिए प्रोत्साहित किया।
शुभ्रा के मुताबिक अनुराग नहीं चाहते थे कि उनका रिश्ता ही उनकी पहचान बन जाए।
यह बात उनके रिश्ते के उस पहलू को सामने लाती है जिसमें व्यक्तिगत स्वतंत्रता को भी महत्व दिया गया।
‘पहले खुद को समझना जरूरी था’—शुभ्रा की बात
शुभ्रा ने बताया कि जब वह 20s में थीं, तब उनके लिए खुद को समझना और अपनी पहचान तलाशना अभी जारी था।
उनके अनुसार अनुराग जीवन के कई अनुभवों से गुजर चुके थे। वह प्यार और रिश्तों के बारे में बहुत कुछ समझते थे, लेकिन शुभ्रा उस उम्र में खुद को जानने की प्रक्रिया में थीं।
इसलिए अनुराग ने उन्हें अपनी दुनिया बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने उन्हें यह स्वतंत्रता दी कि वह बाहर जाएं, लोगों से मिलें और अपने अनुभवों के आधार पर यह तय करें कि उन्हें अपने रिश्ते में क्या चाहिए।
अनुराग नहीं चाहते थे कि शुभ्रा की पहचान सिर्फ रिश्ते से बने
शुभ्रा की बातों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह था कि अनुराग चाहते थे कि उनकी अपनी पहचान हो।
किसी सेलिब्रिटी के साथ रिश्ता होने के बाद अक्सर व्यक्ति की पहचान उसके पार्टनर के नाम से जुड़ जाती है। लेकिन शुभ्रा के अनुसार अनुराग ने इसके बजाय उन्हें खुद को समझने और स्वतंत्र रूप से जीने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह दृष्टिकोण उनके रिश्ते के निजी पहलू को समझने में महत्वपूर्ण है।
‘अगर वापस आना है तो रास्ता खुद खोजो’
शुभ्रा ने बताया कि अनुराग का रुख हमेशा यह रहा कि उन्हें अपने अनुभव खुद हासिल करने चाहिए।
वह चाहते थे कि शुभ्रा बाहर जाएं, अपनी जिंदगी जिएं और यदि उन्हें रिश्ते में वापस आने का रास्ता खुद तलाशना है तो वह भी अपने अनुभवों से तय करें।
इससे पता चलता है कि अनुराग उनके लिए किसी निर्णय को थोपने के बजाय स्वतंत्र चुनाव की जगह बनाना चाहते थे।
अनुराग के मुताबिक उम्र ने उन्हें रिश्तों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाया
अनुराग ने माना कि समय के साथ उनकी सोच में बदलाव आया।
उन्होंने कहा कि वह पहले से भी अधिक सजग व्यक्ति थे, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह सजगता और बढ़ गई।
रिश्तों में उम्र का अंतर केवल संख्या नहीं होता। इसके साथ जीवन के अनुभव, भविष्य की प्राथमिकताएं और अलग-अलग जीवन चरण भी जुड़े होते हैं।
शायद यही कारण है कि अनुराग इस रिश्ते को लेकर शुरुआत से ही काफी सोच-विचार करते रहे।
दोनों ने माना—रिश्ते में मुश्किलें भी आईं
इंटरव्यू से यह भी स्पष्ट है कि अनुराग और शुभ्रा अपने रिश्ते को पूरी तरह समस्यामुक्त नहीं बताते।
अनुराग ने खुद कहा कि उनके हिस्से में भी परेशानियां आईं और ऐसे पल रहे जब दोनों अपने रिश्ते को लेकर सजग रहे।
यह स्वीकारोक्ति रिश्ते को एक वास्तविक और मानवीय रूप देती है।
किसी भी लंबे रिश्ते में मतभेद, असुरक्षा और अलग-अलग परिस्थितियां आ सकती हैं। महत्वपूर्ण यह है कि दोनों व्यक्ति उन्हें किस तरह संभालते हैं।
अनुराग की दो शादियां पहले ही हो चुकी हैं
अनुराग कश्यप की निजी जिंदगी पहले भी कई बार सुर्खियों में रही है।
फिल्ममेकर की दो शादियां हो चुकी हैं। उनकी पहली शादी फिल्म एडिटर आरती बजाज से हुई थी।
दोनों ने 1997 में शादी की थी।
इस शादी से उनकी एक बेटी आलिया कश्यप है।
कई साल साथ रहने के बाद अनुराग और आरती का रिश्ता खत्म हो गया और 2009 में दोनों का तलाक हो गया।
आरती बजाज से शादी और बेटी आलिया
आरती बजाज फिल्म एडिटिंग से जुड़ी रही हैं और अनुराग कश्यप के शुरुआती फिल्मी करियर में भी उनकी भूमिका रही।
दोनों की शादी से बेटी आलिया कश्यप का जन्म हुआ।
आलिया अब खुद सोशल मीडिया और डिजिटल स्पेस में एक जानी-पहचानी शख्सियत हैं।
अनुराग अपनी बेटी के साथ रिश्ते को लेकर भी कई बार सार्वजनिक रूप से बात कर चुके हैं।
कल्कि कोचलिन से दूसरी शादी
आरती बजाज से तलाक के बाद अनुराग कश्यप ने अभिनेत्री कल्कि कोचलिन से शादी की।
दोनों की मुलाकात और नजदीकियां फिल्म ‘देव डी’ के दौरान बढ़ीं।
‘देव डी’ अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी चर्चित फिल्मों में शामिल है और इसी फिल्म के जरिए कल्कि कोचलिन ने बॉलीवुड में अभिनय की शुरुआत की थी।
दोनों की शादी 2011 में हुई।
हालांकि, यह रिश्ता भी लंबे समय तक नहीं चल सका।
कल्कि और अनुराग का रिश्ता कैसे खत्म हुआ?
अनुराग और कल्कि शादी के कुछ साल बाद अलग हो गए।
दोनों ने अपने रिश्ते को खत्म करने के बाद भी सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ तीखी बयानबाजी से काफी हद तक दूरी बनाए रखी और अपने-अपने करियर पर आगे बढ़े।
19 मई 2015 को दोनों ने मुंबई की एक फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दी थी।
इस तरह अनुराग कश्यप के जीवन में दो शादियों का अध्याय पहले ही समाप्त हो चुका है।
तीसरी शादी का सवाल इसलिए भी खास है
अनुराग के जीवन में दो शादियों और तलाक के अनुभव के बाद जब उनसे तीसरी शादी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब उनके वर्तमान रिश्ते की प्राथमिकता पर केंद्रित रहा।
उन्होंने शादी को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया।
इसके बजाय उन्होंने यह कहा कि वह शुभ्रा के साथ खुश हैं और उनके साथ रहना चाहते हैं।
इससे साफ है कि फिलहाल वह अपने रिश्ते की गुणवत्ता को किसी औपचारिक संस्था या सामाजिक लेबल से ऊपर रखते दिखाई दिए।
अनुराग के लिए अब रिश्ते का मतलब बदल गया है
उम्र के साथ अनुराग की सोच में बदलाव की बात उनके पूरे इंटरव्यू में दिखाई देती है।
युवा उम्र में जहां व्यक्ति रिश्तों को लेकर अलग तरह से सोच सकता है, वहीं जीवन के अनुभव बढ़ने के बाद स्थिरता, साथ और भावनात्मक सुरक्षा ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।
अनुराग ने भी इसी बदलाव की ओर संकेत किया।
उन्होंने यह भी कहा कि अब वह अपने आसपास मौजूद लोगों और अपने भविष्य को लेकर अधिक सोचते हैं।
‘मैं इतना हेल्दी रहना चाहता हूं कि अपने प्यार करने वालों से ज्यादा जीऊं’
अनुराग ने उम्र और भविष्य की बात करते हुए अपनी एक व्यक्तिगत इच्छा साझा की।
उन्होंने कहा कि वह इतना स्वस्थ रहना चाहते हैं कि उन लोगों से ज्यादा समय तक जीवित रहें जिन्हें वह प्यार करते हैं।
यह बात उनके भीतर उम्र बढ़ने के साथ पैदा हुई असुरक्षा और भावनात्मक जुड़ाव दोनों को दर्शाती है।
उन्होंने जिंदगी के तौर-तरीकों और भविष्य को लेकर अपनी सोच का भी जिक्र किया।
रिश्ते की औपचारिकता से ज्यादा साथ महत्वपूर्ण
अनुराग की बातों का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि उनके लिए रिश्ता शादी के प्रमाणपत्र से अधिक महत्वपूर्ण है।
वह शुभ्रा के साथ हैं, उनके साथ खुश हैं और इस रिश्ते को बनाए रखना चाहते हैं।
इसलिए तीसरी शादी को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब भी उन्होंने इसी नजरिए से दिया।
उन्होंने यह नहीं कहा कि शादी नहीं करेंगे, बल्कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता क्या है, यह स्पष्ट किया।
शुभ्रा के नजरिए से रिश्ता और भी अलग दिखाई देता है
शुभ्रा की बातों से यह पता चलता है कि इस रिश्ते में व्यक्तिगत विकास और स्वतंत्रता को भी महत्व मिला।
उन्होंने बताया कि अनुराग ने उन्हें कभी यह महसूस नहीं कराया कि उनकी पूरी पहचान रिश्ते पर निर्भर होनी चाहिए।
इसके बजाय उन्होंने उन्हें अपनी जिंदगी और अपनी पहचान के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया।
यह बात दोनों के बीच रिश्ते की एक अलग परत सामने लाती है।
उम्र का अंतर बना रहा चर्चा का विषय
अनुराग और शुभ्रा के बीच उम्र का अंतर लंबे समय से लोगों की दिलचस्पी का विषय रहा है।
लेकिन दोनों की बातचीत से पता चलता है कि यह विषय उनके लिए केवल बाहरी चर्चा नहीं था। अनुराग ने खुद स्वीकार किया कि वह इस अंतर को लेकर काफी सजग रहे।
शुभ्रा की उम्र और अपनी बढ़ती उम्र को देखते हुए अनुराग ने कई बार रिश्ते को लेकर खुद को पीछे रखने की कोशिश की।
लेकिन अंततः साथ को चुना
समय के साथ अनुराग की सोच बदली।
उन्होंने महसूस किया कि अगर रिश्ता दोनों को खुशी देता है और दोनों एक-दूसरे के साथ रहना चाहते हैं, तो उसे केवल बाहरी धारणाओं के आधार पर नहीं देखा जा सकता।
यही वजह है कि आज वह अपने मौजूदा रिश्ते को खोना नहीं चाहते।
उनके लिए यह शायद शादी के सवाल से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
बॉलीवुड में निजी रिश्ते अक्सर सार्वजनिक चर्चा का विषय
फिल्मी सितारों की निजी जिंदगी हमेशा से लोगों की दिलचस्पी का विषय रही है।
अनुराग कश्यप भी अपने बेबाक बयानों और निजी जीवन को लेकर चर्चा में रहे हैं।
हालांकि, रिश्तों को लेकर किसी कलाकार की सार्वजनिक बातचीत को उसके पूरे निजी जीवन का अंतिम चित्र नहीं माना जा सकता।
इंटरव्यू में कही गई बातें व्यक्ति के उस समय के विचारों को दिखाती हैं, लेकिन रिश्ते की वास्तविकता उससे कहीं अधिक निजी और विस्तृत होती है।
अनुराग और शुभ्रा की कहानी में सबसे दिलचस्प बात क्या है?
इस बातचीत का सबसे दिलचस्प पहलू तीसरी शादी से ज्यादा यह है कि दोनों अपने रिश्ते को कैसे देखते हैं।
अनुराग के लिए साथ और भावनात्मक जुड़ाव प्राथमिकता है।
शुभ्रा के लिए रिश्ते के साथ अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण रहा।
दोनों की बातें मिलकर एक ऐसे रिश्ते की तस्वीर पेश करती हैं जिसमें उम्र का अंतर, सामाजिक अपेक्षाएं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सभी मौजूद हैं।
अनुराग कश्यप ने शादी पर फैसला नहीं सुनाया, प्राथमिकता जरूर बता दी
तीसरी शादी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में अनुराग कश्यप ने कोई सनसनीखेज घोषणा नहीं की।
उन्होंने न तो शादी की तारीख बताई और न ही इसे पूरी तरह खारिज किया।
उन्होंने केवल इतना स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके लिए शुभ्रा के साथ खुश रहना और अपने रिश्ते को संभालकर रखना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
यही बात उनके हालिया इंटरव्यू की सबसे बड़ी चर्चा बन गई है।
दो शादियों के बाद तीसरे रिश्ते को लेकर बदली सोच
अनुराग की पहली शादी आरती बजाज से 1997 में हुई और 2009 में दोनों का तलाक हुआ। इसके बाद उन्होंने 2011 में कल्कि कोचलिन से शादी की। यह रिश्ता भी बाद में समाप्त हुआ और दोनों ने 2015 में मुंबई फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी।
दो रिश्तों के अनुभव के बाद अनुराग की वर्तमान सोच शायद इसी जीवन अनुभव से भी प्रभावित है।
अब उनके लिए रिश्ते की स्थिरता और आपसी खुशी ज्यादा मायने रखती दिखाई देती है।
शुभ्रा के साथ अनुराग की प्राथमिकता साफ है
अनुराग कश्यप और शुभ्रा शेट्टी ने अपने रिश्ते को लेकर जितनी खुलकर बात की, उसमें एक बात स्पष्ट रही—दोनों अपने रिश्ते की वास्तविकता को बाहरी मानकों से अलग देखते हैं।
अनुराग शादी के सवाल से ज्यादा साथ को महत्व देते हैं। शुभ्रा के मुताबिक उन्होंने उन्हें खुद की पहचान बनाने और स्वतंत्र रूप से जिंदगी समझने के लिए प्रेरित किया।
उम्र का अंतर उनके लिए चुनौती रहा, लेकिन उसी के साथ दोनों ने रिश्ते को समझने की कोशिश भी की।
फिलहाल अनुराग का संदेश सीधा है—रिश्ते का नाम या उसकी औपचारिकता से ज्यादा जरूरी वह साथ है जिसे वे खोना नहीं चाहते।

