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Arvind Kejriwal पर खतरे का साया: दिल्ली में हाई अलर्ट, खुफिया एजेंसियां सतर्क

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख Arvind Kejriwal की सुरक्षा को लेकर खुफिया एजेंसियों ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी जान को खतरा होने की आशंका है। ताजा इनपुट्स के अनुसार, खालिस्तान समर्थक संगठन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इस साजिश के पीछे हो सकते हैं। यह खबर न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रही है बल्कि आम जनता में भी चिंता का विषय बन गई है।

खुफिया रिपोर्ट का बड़ा खुलासा

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला है कि प्रो-खालिस्तान संगठनों से जुड़े दो से तीन व्यक्तियों का एक हिट स्क्वॉड दिल्ली की तरफ बढ़ रहा है। इन संदिग्धों को पंजाब में देखा गया था और इनका मुख्य उद्देश्य अरविंद केजरीवाल पर हमला करना बताया जा रहा है। इसके साथ ही यह भी संकेत मिले हैं कि इस साजिश में पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI का भी हाथ हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, यह साजिश दिल्ली और पंजाब की शांति और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की एक बड़ी योजना का हिस्सा हो सकती है। खुफिया एजेंसियां ह्यूमन इंटेलिजेंस के माध्यम से इस मामले की गहन जांच कर रही हैं।

Z प्लस सुरक्षा में हैं केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल को Z प्लस सुरक्षा दी गई है, जिसमें कुल 63 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। इनमें पायलट, एस्कॉर्ट, होम गार्ड, और स्पॉटर शामिल हैं। इसके अलावा, केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF) के 15 जवान भी उनकी सुरक्षा में जुटे हुए हैं। जब वे तिहाड़ जेल में थे, तब भी उनकी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया था।

2014 की घटनाओं की यादें

यह पहली बार नहीं है जब केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर खतरे की बात उठी है। 2014 में भी खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था कि इंडियन मुजाहिदीन उनका अपहरण कर सकती है। उस वक्त यह कहा गया था कि आतंकी संगठन उनके नेता यासीन भटकल की रिहाई के लिए यह कदम उठा सकता है। उस समय उनकी सुरक्षा को मजबूत किया गया था।

अतीत में हुए हमले

अरविंद केजरीवाल पर पहले भी कई हमले हो चुके हैं:

  1. अप्रैल 2014: एक ऑटो ड्राइवर ने उन्हें थप्पड़ मारा था।
  2. जनवरी 2016: एक महिला ने उन पर स्याही फेंकी थी।
  3. अप्रैल 2016: एक व्यक्ति ने उन पर जूता फेंका था।
  4. मई 2019: एक और हमला हुआ था, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

केंद्र सरकार और AAP की प्रतिक्रिया

अब तक केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, पार्टी के आंतरिक सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर गहन समीक्षा की जा रही है।

आतिशी को भी सुरक्षा

दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री आतिशी को भी Z प्लस सुरक्षा दी गई है। यह सुरक्षा व्यवस्था इस बात का संकेत है कि दिल्ली की राजनीति में सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है।

ISI और खालिस्तानी संगठनों का गठजोड़

खुफिया रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि पाकिस्तान की ISI भारत में अस्थिरता फैलाने के लिए खालिस्तानी संगठनों का इस्तेमाल कर रही है। दिल्ली और पंजाब जैसे संवेदनशील इलाकों में इस तरह के खतरे बढ़ने की संभावना है।

देश की जनता और राजनीतिक गलियारों में चिंता

इस अलर्ट के बाद देश भर में चिंता का माहौल है। केजरीवाल के समर्थक उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, जबकि राजनीतिक विशेषज्ञ इसे केंद्र और राज्य के बीच तनाव बढ़ाने वाली स्थिति के रूप में देख रहे हैं।

सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस तरह की घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि क्या हमारे राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है। पहले भी कई बार नेताओं की सुरक्षा में चूक के मामले सामने आए हैं, जिनमें जान का खतरा स्पष्ट रूप से देखा गया है।

अरविंद केजरीवाल पर खतरे की यह ताजा खबर न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं, और उम्मीद की जा रही है कि उनकी सुरक्षा को लेकर जल्द ही और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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