Muzaffarnagar News-योग शिविर में दी मुद्रा की जानकारी
Muzaffarnagar News मध्यमा उंगली को अंगूठे के मूल भाग मि लगाकर तथा शेष तीनों उंगलियों को सीधी रखकर शून्य मुद्रा बनती है। अनामिका उंगली को अंगूठे के मूल भाग से लगाकर सूर्य मुद्रा तथा कनिष्का उंगली को अंगूठे के मूल भाग से लगाने से जलोदर नासनी मुद्रा बनती है । उन्होंने सभी मुद्राओं के लाभ भी बताएं। जिला प्रधान राजीव पुंडीर ने बताया कि मुद्राएं शरीर में स्विच का काम करती हैं। मुद्राएं पांचों तत्वों को संतुलित करती है
Read more...






