Muzaffarnagar News: हिंदी साहित्य की अग्रणी संस्था वाणी की गोष्ठी हुई आयोजित
Muzaffarnagar News सूने- सूने से जीवन में प्यार वो बन के छाया है गीत की मशहूर कवियत्री सुशीला शर्मा के गीत ने सबके मन को भाया- चलों रे लौट चले फिर गाँव, शायद वहाँ छपे मिल जाए, नन्हे- नन्हे पाँव गजलकार संतोष कुमार शर्मा फलक ने अपने जज्बात कुछ यूं बयां किये -सुनकर मेरी वो दास्तां हँसता रहा हँसता रहा, पर नमी सी आ गयी घर के दरों दीवार में कवियत्री लक्ष्मी नितिन डबराल ने नियति को लक्ष्य कर रचना पढ़ी-ओ नियति तुझको बताना चाहती हूँ
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