ग्रहों की शांति के लिए लाभकारी हैं ये पौधे
आपने कभी सोचा है कि घर के बड़े-बुजुर्ग घर की चारों दिशाओं में कोई न कोई पौधा क्यों लगाते
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Read more...ज्योतिष, वास्तु, धर्म, पुराण और संस्कृति में मोर का अत्यधिक महत्व माना गया है। मोर पंख घर में रखने से अमंगल टल जाता है। आइए जानें 25 अनूठी बातें मोर पंख के बारे में….
Read more...कई व्यक्तियों के पास अपना जन्म विवरण नहीं होता है तब उनका हाथ देखकर उनके आने वाले समय के
Read more...पंचमुखी हनुमान पीताम्बर और मुकुट से अलंकृत हैं । इनके नेत्र पीले रंग के हैं । इसलिए इन्हें ‘पिंगाक्ष’ कहा जाता है । हनुमानजी के नेत्र अत्यन्त करुणापूर्ण और संकट और चिन्ताओं को दूर कर भक्तों को सुख देने वाले हैं । हनुमानजी के नेत्रों की यही विशेषता है कि वे अपने स्वामी श्रीराम के चरणों के दर्शन के लिए सदैव लालायित रहते हैं।
Read more...विवाह रेखाकनिष्ठिका उंगली के नीचे एक या दो छोटी-छोटी रेखाएं होती है और ह्रदय रेखा के सामानांतर चलती है विवाह रेखा कहलाती है. इसे प्रेम रेखा भी कहते है. यह रेखाए जितनी स्पस्ट होती है व्यक्ति रिश्तों को उतना ही महत्त्व देता है।
Read more...मंगलवार के इक्कीस व्रत करने के बाद इच्छा पूर्ति करने के लिये मंगलवार व्रत का उद्धापन किया जाता है. उद्ध्यापन करने के बाद इक्कीस ब्रहामणों को भोजन कराकर यथाशक्ति दान -दक्षिणा दी जाती है।
Read more...न्यायाधिपति कहलाने वाले शनिदेव 29 सितंबर 2020, मंगलवार को प्रातः 10.44 बजे मकर राशि और शतभिषा नक्षत्र में मार्गी हो रहे हैं। शनि 11 मई 2020 सोमवार को प्रातः 9.40 बजे वक्री हुए थे।
Read more...रूपों में हाथी पर विराजमान होती है अनेक लोकदेवीया हाथी पर बैठती है तंत्र शास्त्र के अनुसार देवी का एक नाम गजलक्ष्मी भी है !
Read more...मासों में अधिक मास उत्तम है। इस मास में पंचरात्रि अत्यन्त पुण्य देने वाली है। इस महीने में ‘पद्मिनी एकादशी’ भी श्रेष्ठ है। उसके व्रत से भी समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्यमय लोकों की प्राप्ति होती है ।
Read more...शनिवार को घर से बाहर जाते समय या कार्यारंभ के समय छींक हो तो पूर्व दिशा में धन नष्ट करने वाली, पश्चिम में हानिकारक तथा दक्षिण में शुभ होगी।
Read more...धर्मग्रंथों के अनुसार खर, मलद्ध मास को भगवान पुरुषोत्तम ने अपना नाम दिया है। इसलिए इस मास को पुरुषोत्तम
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