बकरीद: कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नमाज करने पर सहमति,
मुस्लिम समाज का सबसे बड़ा पर्व बकरीद 21 जुलाई 2021 को मनाई जा रही है। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग बकरीद की नमाज (Namaz) बड़ी ईदगाह पर पढ़ते हैं। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर (Corona Third Wave) की सतर्कता बरतने को लेकर नमाज पढ़ने पर बड़ा फैसला लिया गया है। इस बार नमाज ईदगाह (Idgah) पर नहीं होगी।
शहरकाजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस ने बताया कि इस मामले में पुलिस आयुक्त के साथ बैठक की। जिसमें कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नमाज करने पर सहमति बनी थी। लेकिन आवाम की प्रतिक्रिया को देखते हुए ऐसा महसूस हुआ कि नमाज ईदगाहों में हुई तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होना नामुमकिन हो जाएगा। जिस वजह से बकरीद की नमाज ईदगाहों में होने पर रोक लगा दी गई।
कोरोना की तीसरी लहर (Corona Third Wave) की रोकथाम के लिए इस बार बकरीद (Bakrid) के पर्व पर नमाज बड़ी ईदगाह पर नहीं कराने का फैसला लिया गया है। कोरोना को देखते हुए आवाम से अपील की गई है कि वे अपनी – अपनी मस्जिदों में कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए ईद – उल – अजहा (Eid-ul-Adha) की नमाज को पढ़ें।
बकरीद का पर्व 21 जुलाई को मनाया जा रहा है इस मौके पर जिला प्रशासन ने तीसरी लहर को देखते हुए भीड़भाड़ से बचने के लिए मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर 50 लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई है। हालांकि कमेटी को इस बात का फैसला करना मुश्किल होगा कि इन 50 लोगों में से वह कौन लोग होंगे जिन्हें मस्जिद में नमाज पढ़ने का मौका मिलेगा।
आपको बता दें कि इस्लाम धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व बकरीद को 21 जुलाई 2021 को मनाने का एलान कर दिया गया। इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से 12 जुलाई से इस कैलेंडर का आखिरी महीना शुरू हो रहा है। इस महीने को जो जुल हिज्जा के नाम से जाना जाता है। इस्लाम के लोगों के लिए इस महीने का बड़ा महत्व है। कोरोना के समय यह पर्व कोरोना की गाइडलाइन के साथ मनाया जाएगा।

