उत्तर प्रदेश

Banda- निकाह के बाद मुंबई में दरिंदगी: पत्नी से अप्राकृतिक संबंध बना कट्टरता थोप रहा था शौहर, मासूम बेटी को लेकर दी ऐसी खौफनाक धमकी कि कांप जाएगी रूह

उत्तर प्रदेश के Banda जिले से वैवाहिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली दास्तां सामने आई है। Bइस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है, जहां पवित्र निकाह के बाद एक महिला के सपनों को उसके ही जीवनसाथी ने बेरहमी से कुचल डाला। पीड़ित महिला ने अपने शौहर पर मुंबई ले जाकर जबरन अप्राकृतिक संबंध बनाने, शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने और बेहद कट्टर रूढ़िवादी परंपराओं को मानने के लिए विवश करने का गंभीर आरोप लगाया है।

हैवानियत की हदें तो तब पार हो गईं जब विरोध करने पर आरोपी पति ने अपनी ही मासूम दुधमुंही बच्ची के भविष्य को लेकर ऐसी खौफनाक धमकी दे डाली, जिसे सुनकर पीड़िता के पैरों तले जमीन खिसक गई। किसी तरह भाई की मदद से माया नगरी के उस बंद कमरे के नर्क से छूटकर बांदा पहुंची महिला की आपबीती अब देहात कोतवाली थाने की फाइलों में दर्ज हो चुकी है और पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।

बांदा से फतेहपुर का सफर: वादों के साए में शुरू हुई थी प्रताड़ना की कहानी

यह पूरी दर्दनाक दास्तां बांदा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण इलाके की रहने वाली पीड़िता की है। पीड़ित महिला का निकाह 27 मई 2022 को पड़ोसी जिले फतेहपुर के चांदपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक के साथ पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था। निकाह के वक्त परिवार ने अपनी हैसियत के मुताबिक दान-दहेज भी दिया था और यह उम्मीद जताई थी कि उनकी बेटी एक खुशहाल वैवाहिक जीवन जिएगी।

लेकिन ससुराल पहुंचते ही पीड़िता के अरमान कांच की तरह बिखर गए। निकाह के कुछ दिनों बाद से ही ससुराल वालों का असली चेहरा सामने आने लगा। सास, ननद और पति मिलकर कम दहेज लाने का ताना देने लगे। हर छोटी-बड़ी बात पर पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा, लेकिन भारतीय समाज की आम महिलाओं की तरह उसने भी इस उम्मीद में सब कुछ सहा कि वक्त के साथ शायद हालात बदल जाएंगे।

गर्भावस्था के दौरान भी नहीं पसीजा दिल, मायके में हुआ बच्ची का जन्म

ससुराल वालों की बेरुखी और प्रताड़ना का सिलसिला तब भी नहीं थमा जब पीड़िता गर्भवती हुई। इस नाजुक दौर में जहां एक महिला को सबसे ज्यादा देखभाल, प्यार और पोषण की जरूरत होती है, वहीं ससुराल पक्ष ने उसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। आखिरकार थक-हारकर महिला अपने मायके बांदा आ गई। यहां पीड़िता के माता-पिता ने अपनी आर्थिक स्थिति तंग होने के बावजूद अपनी बेटी की डिलीवरी का पूरा खर्च खुद उठाया।

पीड़िता ने एक सुंदर बेटी को जन्म दिया। मायके वालों को लगा कि शायद संतान के जन्म के बाद दामाद और उसके परिवार के दिल में ममता जागेगी और वे अपनी गलतियों का अहसास करेंगे। काफी समय बीतने के बाद, नवंबर 2025 में ससुराल पक्ष के लोग बांदा पहुंचे। उन्होंने पीड़िता के माता-पिता के सामने मीठी-मीठी बातें कीं, अपनी पुरानी गलतियों की माफी मांगी और आगे से बहू को बहुत अच्छे से और सम्मान के साथ रखने का पक्का भरोसा दिया। मायके वाले भी उनकी बातों में आ गए और अपनी बेटी को उनके साथ विदा कर दिया।

मुंबई का वो बंद कमरा: जहां प्यार के नाम पर शुरू हुआ अप्राकृतिक कृत्य का नर्क

ससुराल वापस लौटने के ठीक बाद, यानी 20 नवंबर 2025 को पीड़िता का पति उसे अपने साथ महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई ले गया। मुंबई में एक नए जीवन की शुरुआत की उम्मीद लगाए बैठी महिला को यह अंदाजा भी नहीं था कि वहां उसके साथ क्या खौफनाक खेल खेला जाने वाला है। मुंबई के एक कमरे में पति ने अपनी पत्नी के साथ जबरन अप्राकृतिक संबंध (Unnatural Sex) बनाने शुरू कर दिए।

पीड़िता ने जब भी इस अमानवीय और घिनौने कृत्य का विरोध किया, तो उसे बेरहमी से पीटा गया और भूखा रखा गया। पति यहीं नहीं रुका; उसने महिला पर कुछ बेहद कट्टर, संकीर्ण और दकियानूसी रूढ़िवादी परंपराओं का कड़ाई से पालन करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया, जो महिला की गरिमा और उसकी व्यक्तिगत आजादी के पूरी तरह खिलाफ थीं।

मासूम बेटी को लेकर दी ऐसी धमकी, जिसने मां को बना दिया बागी

जब पीड़िता ने पति की इन घिनौनी मांगों और कट्टरता के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी शौहर ने क्रूरता की सारी हदें लांघते हुए उसे एक ऐसी धमकी दी जिसने पीड़िता को भीतर तक डरा दिया। पति ने कहा कि अगर उसने इन परंपराओं और उसकी इच्छाओं को नहीं माना, तो जब उनकी मासूम बेटी बड़ी होगी, तो वह उसके साथ भी यही घिनौना और अप्राकृतिक कुकृत्य दोहराएगा।

अपनी कोख से जन्मी मासूम बच्ची के भविष्य पर मंडराते इस भयानक खतरे को देखकर मां का दिल दहल उठा। उसने समझ लिया कि अब इस दरिंदे के चंगुल से निकलना ही एकमात्र रास्ता है, वरना उसकी और उसकी बेटी की जिंदगी पूरी तरह तबाह हो जाएगी।

भाई बना संकटमोचक: मुंबई के चंगुल से भागकर बांदा पहुंची पीड़िता

मई 2026 में पीड़िता का सगा भाई किसी काम के सिलसिले में मुंबई आया। अपनी बहन को इस बदहाल और डरी हुई स्थिति में देखकर भाई को अनहोनी की आशंका हुई। एकांत मिलते ही पीड़िता फूट-फूटकर रो पड़ी और रोते हुए उसने मुंबई के उस बंद कमरे के भीतर चल रहे सारे काले सच और पति की घिनौनी करतूतों की दास्तां अपने भाई के सामने बयां कर दी।

अपनी बहन पर हो रहे इस जुल्म को सुनकर भाई के होश उड़ गए। उसने बिना समय गंवाए एक सुरक्षित योजना बनाई और 2 जून 2026 को वह अपनी बहन और उसकी मासूम बच्ची को चुपचाप उस नर्क से निकालकर सुरक्षित अपने गांव बांदा ले आया। मायके पहुंचने के बाद पीड़िता ने राहत की सांस ली और अपने परिवार को पूरी आपबीती सुनाई।

बांदा के गांव में दबंगई: दिनदहाड़े जबरन उठाने पहुंचे ससुराल वाले

मायके आ जाने के बाद भी पीड़िता की मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। आरोपी पति और उसके परिवार के हौसले इतने बुलंद थे कि वे कानून और समाज का खौफ भूल चुके थे। 21 जून 2026 को पीड़िता का पति, उसकी ननद, सास और उनके साथ दो अन्य अज्ञात हथियारबंद लोग बांदा के देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित पीड़िता के पैतृक गांव धमक पड़े। इन लोगों ने पीड़िता के घर में जबरन घुसकर गाली-गलौज शुरू कर दी और महिला को जान से मारने की धमकी देते हुए जबरदस्ती घसीटकर अपने साथ ले जाने का प्रयास करने लगे।

महिला और उसके परिवार ने शोर मचाना शुरू कर दिया। दिनदहाड़े गांव में मचे इस कोहराम और चीख-पुकार को सुनकर आसपास के पड़ोसी और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पीड़िता के घर की तरफ दौड़े। भारी संख्या में ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख आरोपी पति और उसके साथ आए ससुराल वाले सहम गए। भीड़ के गुस्से को भांपते हुए वे महिला को जबरन ले जाने के अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और मौके से गाड़ी में बैठकर भाग निकले।

कानूनी कार्रवाई: देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

इस खौफनाक वाकये के बाद पीड़ित महिला ने हिम्मत जुटाई और अपने परिवार के साथ बांदा की देहात कोतवाली पहुंचकर लिखित तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता, महिला सुरक्षा और अप्राकृतिक शोषण के संवेदनशील इनपुट को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी पति, सास, ननद समेत चार नामजद और दो अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर और सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।  इस संवेदनशील मामले की मॉनिटरिंग खुद आला अधिकारी कर रहे हैं।

आरोपी पक्ष का विवरणकानूनी कार्रवाई का स्टेटसजांच का मुख्य बिंदु
पति (मुख्य आरोपी)नामजद एफआईआर दर्ज, गिरफ्तारी के प्रयास जारीमुंबई में अप्राकृतिक शोषण और धमकी
सास एवं ननदनामजद आरोपी, सह-अपराधी के रूप में केस दर्जदहेज उत्पीड़न और जबरन अपहरण का प्रयास
दो अज्ञात व्यक्तिहुलिए के आधार पर पहचान की कोशिश जारीघर में घुसकर गाली-गलौज और हमला

बांदा के देहात कोतवाली प्रभारी संजीव चौबे ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए बताया कि पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। महिला का चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) कराया जा रहा है ताकि वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्य मजबूत किए जा सकें। पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई है जो फतेहपुर और मुंबई के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करेगी। पुलिस अधिकारी ने साफ किया है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले ऐसे किसी भी जघन्य अपराध में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।

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