उत्तर प्रदेश

Mathura में यूपी पुलिस सिपाही पर संगीन आरोप: पत्नी ने अप्राकृतिक संबंध, दहेज प्रताड़ना और यौन शोषण का लगाया आरोप, पांच पर FIR

Mathura UP police constable case ने एक बार फिर खाकी की जवाबदेही और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। मथुरा जिले के नौहझील थाना क्षेत्र से सामने आए इस मामले में एक विवाहिता ने यूपी पुलिस में तैनात अपने पति और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना, धोखाधड़ी और यौन शोषण जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


🚨 एसएसपी तक पहुंची पीड़िता की गुहार

पीड़िता मथुरा जिले के मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसने सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी आपबीती तहरीर के रूप में सौंपी। महिला का कहना है कि पति पुलिस की वर्दी का सहारा लेकर उसे चुप रहने और अत्याचार सहने के लिए मजबूर करता रहा।

शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मच गई, क्योंकि आरोप एक ऐसे व्यक्ति पर हैं जो खुद कानून का रक्षक माना जाता है।


💍 नवंबर 2024 में हुई थी शादी, जल्द टूटा भरोसा

पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी नवंबर 2024 में थाना गोवर्धन क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। शादी के बाद उसे यह विश्वास था कि वह एक सुरक्षित और सम्मानजनक वैवाहिक जीवन जिएगी, लेकिन यह भरोसा जल्द ही टूट गया।

महिला का आरोप है कि उसका पति, जो वर्तमान में लखनऊ में यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है, ने शादी के तुरंत बाद ही साफ कह दिया कि उसने यह विवाह सिर्फ पैसों के लिए किया है।


⚠️ पति पर अप्राकृतिक संबंध और धमकी के आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति ने उसके साथ जबरन अप्राकृतिक संबंध बनाए। जब उसने इसका विरोध किया, तो पति ने पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर उसे डराया और चुप रहने की धमकी दी। महिला का कहना है कि वह लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना सहती रही, क्योंकि उसे डर था कि पुलिसकर्मी पति के खिलाफ उसकी कोई नहीं सुनेगा।


💰 दहेज के लिए कमरे में बंद कर भूखा रखने का आरोप

महिला के अनुसार, अगस्त 2025 में हालात और बिगड़ गए। ससुराल वालों ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग को लेकर उसे एक कमरे में बंद कर दिया। आरोप है कि उसे कई दिनों तक भूखा-प्यासा रखा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

पीड़िता का कहना है कि यह सिर्फ दहेज की मांग नहीं थी, बल्कि उसे पूरी तरह तोड़ने की कोशिश की जा रही थी।


🚫 ननदोई पर भी यौन शोषण का आरोप

इस मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया, जब पीड़िता ने अपने ननदोई पर भी यौन शोषण के आरोप लगाए। महिला का कहना है कि ससुराल के माहौल में वह खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही थी और हर स्तर पर उसका शोषण किया गया।

Mathura UP police constable case में यह आरोप जांच एजेंसियों के लिए सबसे संवेदनशील और गंभीर पहलू माना जा रहा है।


📄 पांच नामजद आरोपियों पर FIR दर्ज

पीड़िता की तहरीर पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद नौहझील पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें गोवर्धन क्षेत्र के निवासी राम नारायन सिंह, वेदराम सिंह, माया देवी, ज्वाला देवी और उमाशंकर के नाम शामिल हैं।

मामले की पुष्टि करते हुए सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।


⚖️ वर्दी पर लगे दाग और सवाल

यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं माना जा रहा, बल्कि इससे पुलिस विभाग की छवि और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। समाज के एक वर्ग का कहना है कि जब कानून लागू करने वाला ही कानून तोड़ने लगे, तो पीड़ितों का भरोसा सिस्टम से उठ जाता है।


🔍 जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच, बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे, चाहे वे किसी भी पद या पहचान से जुड़े हों।

Mathura UP police constable case आने वाले समय में यह तय करेगा कि क्या कानून के भीतर कानून लागू करने वालों के लिए भी वही मानक लागू होते हैं, जो आम नागरिकों के लिए हैं।


मथुरा से सामने आया यह मामला केवल एक महिला की पीड़ा नहीं, बल्कि उस भरोसे की भी परीक्षा है जो समाज कानून और खाकी पर करता है। अप्राकृतिक संबंध, दहेज प्रताड़ना और यौन शोषण जैसे आरोपों ने यह साफ कर दिया है कि न्याय की राह में पद और वर्दी ढाल नहीं बन सकते। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है और पीड़िता को कब और कितना न्याय मिलता है।

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