Hathras यौन शोषण कांड: प्रोफेसर रजनीश के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई तेज, सातवें गवाह महिला चिकित्सक के बयान दर्ज
Hathras छात्राओं के साथ लंबे समय तक कथित यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे कॉलेज प्रोफेसर के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। 2 जनवरी को हाथरस में स्थित एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई हुई, जिसमें सातवें गवाह के रूप में एक महिला चिकित्सक के बयान दर्ज किए गए।
🔴 फास्ट ट्रैक कोर्ट में तेजी से चल रहा ट्रायल
यह मामला वर्तमान में एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में विचाराधीन है। अदालत द्वारा लगातार तिथियां लगाए जाने से यह संकेत मिल रहा है कि न्यायिक प्रक्रिया को शीघ्र अंजाम तक पहुंचाने की मंशा है। अदालत का उद्देश्य है कि गंभीर प्रकृति के इस अपराध में पीड़िताओं को जल्द न्याय मिल सके और समाज में स्पष्ट संदेश जाए।
🔴 कॉलेज के वरिष्ठ पद पर रहते हुए शोषण के आरोप
आरोपी डॉ. रजनीश, पीसी बागला महाविद्यालय में भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष होने के साथ-साथ मुख्य अनुशासन अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। इसी पद और प्रभाव का कथित रूप से दुरुपयोग कर उन्होंने छात्राओं का यौन शोषण किया, ऐसा अभियोजन पक्ष का कहना है।
यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित छात्राओं में से एक ने महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
🔴 पुलिस बनी वादी, गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
शिकायत का संज्ञान लेते हुए कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज किया, जिसमें पुलिस स्वयं वादी बनी। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रोफेसर छात्राओं को मानसिक दबाव में रखकर उनका शोषण करता था और अपने मोबाइल फोन में कैमरा सॉफ्टवेयर के माध्यम से उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग करता था।
🔴 आपत्तिजनक वीडियो और फोटो की चौंकाने वाली बरामदगी
Hathras professor sexual exploitation case की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन और लैपटॉप से 59 आपत्तिजनक वीडियो और फोटो मिले थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ वीडियो कथित रूप से अश्लील वेबसाइटों पर भी अपलोड किए गए थे, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
🔴 20 वर्षों तक शोषण की आशंका, जांच में बड़ा खुलासा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी द्वारा लगभग 20 वर्षों तक छात्राओं का यौन शोषण किए जाने की बात सामने आई है। यह खुलासा न केवल शिक्षा संस्थानों की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज में व्याप्त डर और चुप्पी की संस्कृति को भी उजागर करता है।
🔴 21 मार्च को गिरफ्तारी, तब से जेल में बंद आरोपी
गंभीर साक्ष्यों और डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस ने 21 मार्च को आरोपी प्रोफेसर डॉ. रजनीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से आरोपी न्यायिक हिरासत में है और मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है।
🔴 अब तक दर्ज हो चुके अहम बयान
Hathras professor sexual exploitation case में अब तक वादी के बयान के अलावा तीन पीड़ित छात्राओं, एक महिला चिकित्सक और एफआईआर लेखक के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अभियोजन पक्ष का दावा है कि शेष गवाहों के बयान भी जल्द पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे ट्रायल निर्णायक चरण में प्रवेश करेगा।
🔴 शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह मामला केवल एक व्यक्ति के अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा, शिकायत तंत्र और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। एक वरिष्ठ पद पर आसीन अधिकारी द्वारा लंबे समय तक कथित शोषण का उजागर होना व्यवस्था की खामियों की ओर इशारा करता है।
🔴 समाज और न्याय व्यवस्था की परीक्षा
Hathras professor sexual exploitation case में तेज होती सुनवाई को लेकर आमजन और पीड़ित पक्ष को उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया समयबद्ध और निष्पक्ष रहेगी। यह मामला आने वाले समय में न केवल पीड़िताओं के लिए न्याय का उदाहरण बनेगा, बल्कि शिक्षा जगत में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर भी एक मजबूत संदेश देगा।

