Bareilly में यूट्यूबर साक्षी मिश्रा का बड़ा आरोप – ससुर-जेठ पर धमकी, जासूसी और जान से मारने की साजिश!
Bareilly चर्चित यूट्यूबर साक्षी मिश्रा ने अपने ससुरालवालों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में एक और रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस बार लगाए गए आरोप पहले से कहीं ज्यादा गंभीर और सनसनीखेज हैं।
साक्षी का कहना है कि उनके ससुर हरीश कुमार उर्फ हरीश नायक, जो लक्खी शाह क्रांतिकारी समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, उनके खिलाफ लगातार साजिश रच रहे हैं। रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा गया है कि ससुराल के सदस्य न केवल गालीगलौज और धमकी दे रहे हैं, बल्कि जान से मारने तक की धमकी भी खुलेआम दी जा रही है।
ससुरालवालों पर संगीन आरोप – धमकी, दबाव और जासूसी का खेल
साक्षी मिश्रा का आरोप है कि उनके जेठ अभिषेक कुमार, चचिया ससुर शील कुमार और दादी सास सुशीला भी इस पूरे घटनाक्रम में शामिल हैं। साक्षी और उनके पति अजितेश कुमार को यह कहकर डराया-धमकाया जा रहा है कि वे अपने पहले दर्ज किए गए मुकदमे वापस ले लें, अन्यथा उन्हें और उनके परिवार को जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह कोई साधारण पारिवारिक विवाद नहीं है, बल्कि इसमें लगातार मानसिक उत्पीड़न, जबरदस्ती समझौते का दबाव और अब जासूसी तक शुरू कर दी गई है।
सीसीटीवी से निगरानी – ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी आरोप
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि साक्षी मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनके कमरे के बाहर ऐसे सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनमें ऑडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम भी है। यानी उनकी हर बातचीत और गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा रहा है।
उन्होंने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन उनका कहना है कि पुलिस ने सिर्फ समझाकर छोड़ दिया। कैमरे अब तक नहीं हटाए गए हैं। यह मामला अब और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है क्योंकि यह सिर्फ धमकी तक सीमित नहीं है बल्कि अब प्राइवेसी के हनन और जासूसी से जुड़ चुका है।
पुलिस की भूमिका और चल रही विवेचना
इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन विवेचना शुरू हो चुकी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले दर्ज मामलों में आरोपी जमानत पर बाहर हैं और उन पर साक्षी ने अदालत में चल रहे केस वापस लेने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है।
साक्षी मिश्रा – पहले भी रही हैं सुर्खियों में
यह पहली बार नहीं है जब साक्षी मिश्रा और उनके पति अजितेश सुर्खियों में आए हों।
2019 में भी इनका मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुआ था, जब साक्षी ने परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया के जरिए आवाज उठाई थी और उस समय भी धमकी, जातिगत दबाव और हिंसा के आरोप सामने आए थे।
अब एक बार फिर वही हालात खड़े हो गए हैं, जिससे साफ है कि यह विवाद अभी खत्म होने वाला नहीं है।
बरेली में बढ़ते पारिवारिक विवाद और कानून व्यवस्था पर सवाल
Bareilly News में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां पारिवारिक विवाद धीरे-धीरे सार्वजनिक विवाद और कानूनी जंग में बदल रहे हैं। साक्षी मिश्रा का मामला खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें राजनीतिक पृष्ठभूमि और सार्वजनिक छवि दोनों जुड़ी हुई है।सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड कर रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक महिलाएं इस तरह के मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार होती रहेंगी।
क्या बढ़ेगा साक्षी मिश्रा केस का दायरा?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जासूसी और धमकी जैसे आरोप साबित हो जाते हैं तो यह मामला गंभीर धाराओं में दर्ज हो सकता है।
साथ ही, यह बरेली पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती है क्योंकि इस केस पर हर किसी की नजर है।
साक्षी मिश्रा और अजितेश का डर – परिवार की सुरक्षा पर संकट
साक्षी और उनके पति अजितेश लगातार सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो उनके परिवार की जान को खतरा हो सकता है। पुलिस प्रशासन से अब बड़ी अपेक्षा है कि वह बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच करे।

