बीजेपी और ओवैसी ‘चाचा-भतीजे’: Rakesh Tikait , हम दूध नीति के भी ख़िलाफ़
Rakesh Tikait ने लखनऊ के इकोगार्डन में आयोजित किसान महापंचायत में हिस्सा लिया। Rakesh Tikait ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा CAA और NRC पर दिए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी और ओवैसी ‘चाचा-भतीजे’ जैसे हैं।
बाराबंकी में ओवैसी ने CAA और NRC को लेकर कहा था, “सीएए संविधान के खिलाफ है, अगर भाजपा सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती है, तो हम सड़कों पर उतरेंगे और यहां एक और शाहीन बाग बन जाएगा।” इसपर राकेश टिकैत ने कहा कि ओवैसी और बीजेपी के बीच ‘चाचा-भतीजे’ जैसा रिश्ता है। टीवी पर बात करने की जगह वो सीधे तौर पर इस बारे में उनसे पूछ सकते हैं।
पीएम मोदी ने 19 नवंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन में कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया था। ऐसे में ओवैसी ने मांग की कृषि कानूनों की तरह केंद्र सरकार सीएए और एनआरसी को भी वापस ले।
वहीं 22 नवंबर सोमवार को लखनऊ के ईको गार्डन में किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की मांग की। महापंचायत को लेकर उन्होंने कहा कि एमएसपी पर गांरटी कानून बनाने को लेकर यह अधिकार रैली है। आगे की रणनीति को लेकर उन्होंने कहा कि, हमारा आंदोलन चलता रहेगा। पूरे देश का किसान तैयार है, आंदोलन चल रहा है।
राकेश टिकैत ने मांग रखते हुए कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त किया जाए और MSP गारंटी पर क़ानून बने। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान 750 किसानों की जान गई है, उनके परिवारों का ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि दूध के लिए भी केंद्र की एक नीति आ रही है, हम उसके भी ख़िलाफ़ है, इसमें बीज क़ानून भी शामिल है। टिकैत ने कहा कि इन सब मुद्दों पर हम सरकार से बातचीत करना चाहते हैं।

