उत्तर प्रदेश

मुस्लिम युवकों को आत्मनिर्भर बना रही भाजपा- डाक्टर रिजवान

बाराबंकी-अल्पशंख्यक अधिकार दिवस के मौके पर शुक्रवार को विकास भवन के सभागार कक्ष में गोष्ठी का आयोजन करके अल्पशंखयको के अधिकारों पर चर्चा हुई। वक्फ इंस्पेक्टर रेशमीन अख्तर की अध्यक्षता में वक्ताओं ने कहा कि सरकार बेरोजगार युवकों के लिए कई योजनाये संचालित कर रही

जिसमे टर्म लोन के तहत बेहद कम ब्याज पर लोन देकर रोजगार से जोड़ने की मुहिम चलाई जा रही है। भाजपा अल्पशंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष डाक्टर रिजवान अली ने बताया कि अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मौके पर प्रदेश के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने लखनऊ में अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम लिमिटेड द्वारा टर्मलोन तहत बाराबंकी के 50 बेरोजगार युवको 74 लाख रुपया विभिन्न कारोबार के लिए वितरण किया ।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार अल्पशंखयक युवकों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं चला रही है। शिक्षा के लिए छात्रों भी न के बराबर ब्याज पर लोन दिया जा रहा है।

छात्रों को शत प्रतिसत स्कॉलर मिल रहा है। कहा कि इससे मुस्लिम बेरोजगार आत्मनिर्भर बनेगा । बताया कि मुसाफिर खाने की बुकिंग आनलाइन कराए जाने वाले विभागीय नवीन पोर्टल का शुभारंभ किया जा चुका है।

स्थगित था टर्मलोन व शैक्षिक ऋण वितरण

अल्पसंख्यक छात्रों के लिए टर्म लोन, शैक्षिक ऋण वितरण पिछले कई वर्षों से स्थगित थी। इसकी शुरुआत अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा एक बार फिर से की जा रही है।

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी 18 दिसंबर को अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम लिमिटेड द्वारा टर्मलोन, शैक्षिक ऋण का वितरण व मुसाफिर खाने की बुकिंग आनलाइन कराए जाने वाले विभागीय नवीन पोर्टल का शुभारंभ कर दिया है।

इस लिए मनाया जाता है अल्पशंख्यक दिवस

गोश्ठी में मदरसा मैनेजर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मो. मसीद शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष इब्राहिम अंसारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली ने 1992 में 18 दिसंबर को इस दिन के लिए चुना था।

अल्पसंख्यक धर्म, भाषा, राष्ट्रीयता या जाति के आधार पर होते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने तब कहा था कि देशों को अल्पसंख्यकों की संस्कृति, धर्म आदि की रक्षा करने के लिए कदम उठाने होंगे। ताकि उनका अस्तित्व खतरे में न आए।

भारत में हर वर्ष 18 दिसंबर को अल्‍पसंख्‍यक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इसको मनाने के पीछे लोगों को देश में रहने वाले अल्‍पसंख्‍यकों के अधिकारों के प्रति जागरुक करने के अलावा उन्‍हें शिक्षित करना भी है
अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करने और इसके प्रति जागरुकता फैलाने के मकसद से हर वर्ष 18 दिसंबर को अल्‍पसंख्‍यक अधिकार दिवस मनाया जाता है।

अल्‍पसंख्‍यकों की पहचान के लिए कई तरह के उपाय किए गए हैं। जाति आधारित, धर्म आधारित और भषा के आधार पर भी हैं। हालांकि देश के संविधान में हर तरह के व्‍यक्ति को समान अधिकार दिए गए हैं।

संविधान में सभी तरह के अल्‍पसंख्‍यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधान भी दिया गया है।

ये दिन उन लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए है जो अपनी संस्‍कृति, जाति और समुदाय के बावजूद सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित हैं। इस मौके पर वरिष्ठ लिपिक मुशीर अहमद, मो. हसीब मुस्तफ़ा खान समेत कई लोग मौजूद थे।

News Desk

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