BJP Politics: पिछले 5 साल के भ्रष्टाचार व अहंकार से हारे Sanjeev Balyan- ठाकुर संगीत सोम
लोकसभा चुनाव-2024 के नतीजों में मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान (Sanjeev Balyan) को मिली हार के बाद चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है. लोकसभा चुनाव (BJP Politics) में मुजफ्फरनगर सीट पर हार का सामना करने वाले भाजपा के प्रत्याशी डॉ. संजीव बालियान ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर सरधना से भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम पर गंभीर आरोप लगाए थे।
दो बार चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचने के बाद तीसरे चुनाव में हार का वरण करने वाले डॉ संजीव बालियान (Sanjeev Balyan) द्वारा खुद को जयचंद बताने का जवाब देते हुए सरधना विधानसभा सीट के पूर्व विधायक संगीत सोम ने कहा है कि पिछले 5 साल में हुए भ्रष्टाचार और डॉ संजीव बालियान (Sanjeev Balyan) के अहंकार से लोग बुरी तरह परेशान थे। इसलिए वह इलेक्शन में हारे हैं।
संजीव बालियान अपने संसदीय और मंत्री के कार्यकाल के दौरान सदैव अहंकारी रहे हैं। पत्रकार, मीडिया और सामान्य लोगों को उनसे मिलने का कोई मौका नहीं मिला। जब कुछ मीडिया वाले उनसे मिलने के लिए उनके आवास पर गए, तो उनके पीए ने स्पष्ट तौर पर कहा कि हमें तुम्हारी जरूरत नहीं है।
मंगलवार को कैंट स्थित अपने आवास पर बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरधना विधानसभा सीट के पूर्व विधायक संगीत सोम ने मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत करते हुए कहा है कि लोकसभा चुनाव- 2024 में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ संजीव बालियान (Sanjeev Balyan) अपने अहंकारी शब्दों की वजह से मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर चुनाव हारे हैं। पूर्व विधायक संगीत सोम ने कहा है कि पिछले 5 सालों में जमकर हुए भ्रष्टाचार और डॉ संजीव बालियान (Sanjeev Balyan) के अहंकार से लोग बुरी तरह से परेशान हो गए थे। इसलिए वोटरों ने उन्हें इस बार बाहर का रास्ता दिखाया है। एक्स एमएलए एवं ठाकुर संगीत सोम सेना समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीत सोम ने कहा है कि मेरे माता-पिता ने मुझे ऐसे संस्कार नहीं दिए हैं कि मैं किसी के साथ दगाबाजी करते हुए अथवा अहंकारी रूप अपनाते हुए जयचंद बनूं।
मैं पत्थर हूं, समंदर के किनारे घर बनाने का मुझे शौक है : संजीव बालियान को संगीत सोम का जवाब –
कैंट स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में डॉक्टर संजीव बालियान के आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व विधायक संगीत सोम ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी को सरधना विधानसभा क्षेत्र में जीत हासिल हुई है। लेकिन डॉक्टर संजीव कुमार बालियान अपने गृह जनपद की बुढ़ाना एवं चरथावल विधानसभा सीट पर हार गए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी के ऊपर आरोप लगाने से पहले डॉक्टर संजीव कुमार बालियान को अपनी हार कीसमीक्षा करनी चाहिए थी। मैं पत्थर हूं, समंदर के किनारे घर बनाने का मुझे शौक है.
उन्होंने कहा है कि मेरी जिम्मेदारी सरधना विधानसभा सीट पर पार्टी की जीत को लेकर थी, लेकिन बुढ़ाना और चरथावल में डॉक्टर संजीव बालियान चुनाव में क्यों हारे हैं? वह तो उनके घर की सीटें हैं और उनके मुताबिक 10 साल के भीतर उन्होंने तमाम विकास वहां पर कराया है। पूर्व विधायक संगीत सोम ने कहा है कि मैं अकेला इतना बड़ा नेता नहीं हूं कि घर बैठकर एक मंत्री को चुनाव हरवा सकूं।
पूर्व विधायक संगीत सोम ने मेरठ कैंट स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता आयोजित कर आरोपों का जवाब दिया। पूर्व विधायक संगीत सोम ने कहा मुझे समुद्र के किनारे घर बनाने का शौक है,मैं पत्थर हूं किनारे पर ही मेरा ठिकाना है। कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरधना विधानसभा क्षेत्र से जीती है, लेकिन संजीव कुमार बालियान बुढ़ाना और चरथावल में हार गए। कहा कि आरोप लगाने से पहले डॉ. संजीव कुमार बालियान को अपनी हार की समीक्षा करनी चाहिए कि उनके क्षेत्र में उन्हें क्यों कम वोट मिले हैं। कहा कि संजीव कुमार बालियान वरिष्ठ भाजपा के कार्यकर्ता हैं, उन्हें ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए।
सपा के शासनकाल में उन पर तमाम मुकदमे दर्ज किए और उन्हें जेल भी भेजा गया, ऐसे में वह कैसे सपा का साथ दे सकते हैं। संजीव कुमार बालियान को अपनी बात पार्टी फोरम पर रखनी चाहिए। कहा मैं बीजेपी का सच्चा कार्यकर्ता हूं मेरे लिए पार्टी सर्वोपरि है, मेरा किसी से कोई मतभेद नहीं, मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है, मेरे विधनसभा क्षेत्र सरधना में सबसे ज़्यादा वोट डॉ. संजीव कुमार बालियान को मिले हैं।
डॉ. संजीव बालियान की इस हार के पीछे की कहानी उनके अहंकारी और अनुशासनहीन रवैये की झलक दिखाती है। जबकि एक ओर लोग उन्हें जयचंद बता रहे हैं, वहीं उनके पीए का बयान है कि हमें तुम्हारी जरूरत नहीं है। यह घमंड साफ़ तौर पर उनकी सोच को दर्शाता है और इससे लोगों में उनके प्रति नाराज़गी का भाव उत्पन्न होता है। डॉ. संजीव बालियान के अहंकार और अनुशासनहीन रवैये के चलते लोगों को बुरा लगा है और इसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ा है, इस पर विचार करने की आवश्यकता है। एक समाज में सभी को समान अधिकार और सम्मान का हक होता है। लेकिन जब एक नेता या उम्मीदवार अपने अहंकार में डूब जाता है और लोगों को अनदेखा करता है, तो इससे समाज में असंतोष और भ्रष्टाचार का पेड़ पलता है।
इस घटना से यह स्पष्ट हो जाता है कि अहंकार और अनुशासनहीन रवैये का कोई स्थान राजनीति में नहीं होना चाहिए। नेताओं को लोगों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए और उन्हें सुनना चाहिए। यह घटना समाज को एक महत्वपूर्ण सन्देश देती है कि नेताओं का कार्य लोगों की सेवा और कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि अपने आप को महत्वाकांक्षी और अहंकारी बनाने के लिए।इस घटना के माध्यम से हमें यह भी सिखने को मिलता है कि लोकतंत्र में मीडिया का क्या महत्व है। अगर मीडिया न होता तो शायद यह बात आम लोगों तक नहीं पहुंचती और अहंकारी नेताओं की गलतियों को सुधारने का मौका भी नही.
आज के समय में राजनीति एक महत्वपूर्ण और विवादित क्षेत्र है, जिसमें नेताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नेताओं की उत्तरदायित्वपूर्ण भूमिका है समाज की समृद्धि और विकास में सहायक होना, लेकिन कुछ नेताओं के अहंकार और अनुशासनहीन रवैये के कारण उन्हें लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर हार के बाद डॉ संजीव बालियान के खिलाफ उठी गंभीर आरोप इस बात की पुष्टि करते हैं कि अहंकार और अनुशासनहीन रवैये से किसी भी नेता की राजनीतिक उम्र को नुकसान होता है। नेताओं को चाहिए कि वे लोगों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें और उनकी समस्याओं को सुनें। अहंकार और अनुशासनहीन रवैये के नेता समाज में असन्तोष और भ्रष्टाचार का पेड़ फैलाते हैं।
इस घटना के माध्यम से हमें यह भी सिखने को मिलता है कि मीडिया का क्या महत्व है। मीडिया की भूमिका यहाँ उत्तम समय पर उठाया गया मुद्दा को लोगों तक पहुंचाने में है। अगर मीडिया न होता तो शायद यह बात आम लोगों तक नहीं पहुंचती और अहंकारी नेताओं की गलतियों को सुधारने का मौका भी नहीं मिलता। सोशल मीडिया पर भी यह घटना बहुत चर्चा में है। लोग इस घटना पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं और इसे एक सख्त संदेश के रूप में देख रहे हैं। यह एक अच्छी बात है कि लोगों में सच्चाई और न्याय की मांग है, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है।

