Muzaffarnagar में ब्रह्मा बाबा अव्यक्त दिवस पर दिव्य संगम: ब्रह्माकुमारीज के स्मृति दिवस कार्यक्रम में उमड़ा श्रद्धा और शांति का सागर
Brahma Baba Avyakt Diwas Muzaffarnagar के पावन अवसर पर शनिवार को बामनहेड़ी स्थित दिव्य अनुभूति भवन एक आध्यात्मिक तीर्थ में परिवर्तित नजर आया। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केशवपुरी, मुजफ्फरनगर द्वारा आयोजित स्मृति दिवस कार्यक्रम में जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सेवाभावी भाई-बहन और आध्यात्मिक साधक पहुंचे। पूरे परिसर में शांति, श्रद्धा और दिव्य ऊर्जा का ऐसा वातावरण बना, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति को आत्मिक अनुभूति से भर दिया।
🔴 ब्रह्मा बाबा की स्मृति में समर्पण और साधना का संगम
कार्यक्रम का उद्देश्य ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक पिता ब्रह्मा बाबा के अव्यक्त जीवन, उनके त्याग और विश्व-कल्याण के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा। श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि और मौन साधना के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
Brahma Baba Avyakt Diwas Muzaffarnagar के इस आयोजन में केवल एक स्मृति समारोह ही नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प भी दिखाई दिया।
🔴 राजयोगिनी बी.के. जयंती दीदी का प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज के केशवपुरी सेवा केंद्र की इंचार्ज राजयोगिनी बी.के. जयंती दीदी ने ब्रह्मा बाबा के जीवन की यात्रा को भावनात्मक और प्रेरणादायी शब्दों में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1876 में हैदराबाद (सिंध) में जन्मे ब्रह्मा बाबा एक सफल व्यवसायी और आदर्श गृहस्थ थे, लेकिन ईश्वरीय आह्वान के पश्चात उन्होंने सांसारिक सुख, वैभव और प्रतिष्ठा का त्याग कर मानवता के कल्याण का मार्ग चुना।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मा बाबा का जीवन इस बात का जीवंत उदाहरण है कि आत्मिक शक्ति और ईश्वरीय संकल्प के माध्यम से व्यक्ति न केवल स्वयं का, बल्कि पूरे समाज का उत्थान कर सकता है।
🔴 140 से अधिक देशों तक पहुंचा ब्रह्मा बाबा का संदेश
Brahma Baba Avyakt Diwas Muzaffarnagar कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि ब्रह्मा बाबा द्वारा दी गई राजयोग की सरल और व्यावहारिक शिक्षा आज विश्व के 140 से अधिक देशों में लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। उनकी शिक्षाओं से शांति, पवित्रता और आत्म-सम्मान का भाव जागृत हुआ है।
राजयोगिनी बी.के. जयंती दीदी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा का अव्यक्त जीवन मौन शक्ति, सहनशीलता, निःस्वार्थ सेवा और ईश्वरीय अनुशासन का अनुपम उदाहरण है, जो आज के तनावपूर्ण समय में भी मानवता को सही दिशा दिखा रहा है।
🔴 सामाजिक समरसता और विश्व बंधुत्व का संदेश
ब्रह्मा बाबा की शिक्षाओं का प्रभाव केवल आध्यात्मिक उन्नति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पारिवारिक सौहार्द, सामाजिक समरसता और विश्व बंधुत्व की भावना को भी मजबूत करता है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आत्मिक मूल्यों को अपनाकर समाज में प्रेम, करुणा और सहयोग की भावना को बढ़ाया जा सकता है।
Brahma Baba Avyakt Diwas Muzaffarnagar का यह आयोजन एक ऐसा मंच बना, जहां विभिन्न वर्गों और आयु समूहों के लोग एक साथ बैठकर शांति और एकता का अनुभव कर सके।
🔴 वीडियो प्रस्तुति में वरिष्ठ दादियों के प्रेरक अनुभव
कार्यक्रम के दौरान वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से ब्रह्माकुमारीज की वरिष्ठ दादी निर्मल शांता जी और दादी प्रकाशमणि जी के अनुभवों को साझा किया गया। उनके जीवन प्रसंगों और सेवा कार्यों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया।
इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि सच्ची आध्यात्मिकता केवल ध्यान और साधना तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, प्रेम और सकारात्मक सोच के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने का माध्यम भी है।
🔴 राजयोग ध्यान सत्र में गहन शांति की अनुभूति
Brahma Baba Avyakt Diwas Muzaffarnagar कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विशेष राजयोग ध्यान सत्र रहा। सत्र के दौरान पूरे सभागार में मौन और शांति का वातावरण छा गया। श्रद्धालुओं ने अपनी आंखें बंद कर आत्मिक यात्रा की अनुभूति की और भीतर से शांति, ऊर्जा और सकारात्मकता का अनुभव किया।
ध्यान सत्र के बाद सभी ने ब्रह्मा बाबा द्वारा बताए गए श्रेष्ठ संस्कार—पवित्रता, सरलता, सहनशीलता और सेवा—को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
🔴 वरदान बैज और आत्मिक संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित सभी ब्रह्मवत्सों को वरदान लिखे हुए विशेष बैज प्रदान किए गए। इन बैजों का उद्देश्य रोजमर्रा के जीवन में आत्मिक संदेश को याद रखना और व्यवहार में उतारना रहा।
श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा देते हैं, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति भी प्रदान करते हैं।
🔴 बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और सेवाभावी भाई-बहनों की उपस्थिति
इस आध्यात्मिक आयोजन में बी.के. सरला, रिया, विधि, शीतल, शालिनी, राधिका, सविता, गीता, अंजू बहिन, बी.के. नवनीत, नरेश, कपिल, विजय, राजपाल सिंह, कृष्णपाल, डॉ. शैलेश, सुशील, सतीश वर्मा तथा ब्रह्माकुमारीज के जिला मीडिया प्रभारी केतन कर्णवाल सहित अनेक भाई-बहन उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में शांति, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
🔴 आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ दिव्य अनुभूति भवन
पूरे कार्यक्रम के दौरान दिव्य अनुभूति भवन का वातावरण श्रद्धा और शांति से ओतप्रोत रहा। धीमे भजनों, ध्यान और प्रेरक विचारों के बीच उपस्थित हर व्यक्ति ने एक अलग ही आत्मिक अनुभूति महसूस की।
Brahma Baba Avyakt Diwas Muzaffarnagar ने यह संदेश दिया कि आधुनिक जीवन की दौड़ में भी यदि व्यक्ति कुछ क्षण आत्मा से जुड़ने के लिए निकाल ले, तो उसका जीवन अधिक संतुलित और सुखद बन सकता है।

