Canviz कंपनी घोटाला: मालिक कन्हैया गुलाटी, पत्नी और बेटे पर धोखाधड़ी का केस—पीड़ितों की करोड़ों की जमापूंजी डूबी, परिवार भूमिगत, विदेश भागने की चर्चा तेज
News-Desk
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Bareilly FD scam, Bareilly police action, Canviz, Canviz Company scam Bareilly, Canviz FD cheating, Canviz scam FIR, Gopal Gulati involvement, investment fraud UP, Kanhaiya Gulati fraud, Radhika Gulati case, Uttar Pradesh financial fraudबरेली में निवेशकों को सुनहरे सपने दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली Canviz कंपनी का मामला अब और गंभीर हो गया है। कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी, उनकी पत्नी राधिका गुलाटी और बेटे गोपाल गुलाटी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हो गई है।बारादरी थाना पुलिस द्वारा लोकेशन तलाशने पर पता चला कि पूरा परिवार भूमिगत हो गया है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि गुलाटी परिवार विदेश भाग गया है, जिससे पीड़ितों की चिंता और बढ़ गई है।जांच अधिकारियों के अनुसार यह मामला अब शहर के सबसे बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में शामिल हो चुका है।
6.86 लाख रुपये निवेश—FD स्कीम के नाम पर ठगे गए पीड़ित धर्मदास गुप्ता
कैंट थाना क्षेत्र के चनेहटा निवासी धर्मदास गुप्ता ने थाने में लिखित शिकायत देकर बताया कि
2019 में उन्होंने अपनी जीवन भर की जमापूंजी—6,86,000 रुपये—कैनविज कंपनी की FD स्कीम में निवेश किए थे।
यह निवेश कंपनी के सीनियर एजेंट सलीम (निवासी इज्जतनगर रोड नं. 1) के कहने पर किया गया था।
समय पूरा होने पर कंपनी द्वारा दिए गए चेक बाउंस हो गए।
धर्मदास ने जब इस बारे में कन्हैया गुलाटी और राधिका गुलाटी से बात की, तो उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि “चेक बदल दिए जाएंगे।”
इसके बाद उन्हें एक 281000 रुपये का नया चेक दिया गया, जिस पर 20 अक्टूबर 2025 की तारीख थी।
बाकी चेक बाद में देने का वादा किया गया।
लेकिन 20 अक्टूबर को जब धर्मदास ने चेक जमा किया, वह भी बाउंस हो गया।
इसके बाद गुलाटी दंपति लगातार झूठे आश्वासन देते रहे और कोई भुगतान नहीं किया।
पीड़ित धर्मदास का कहना है—
वह मजदूरी करके परिवार चलाते हैं
जमा की गई रकम उनकी जीवन भर की बचत थी
कन्हैया गुलाटी, राधिका, गोपाल और एजेंट सलीम ने साजिशन उनकी रकम हड़प ली
बारादरी थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि सभी आरोपियों पर FIR दर्ज कर ली गई है और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
करोड़ों की ठगी, लेकिन अब तक नहीं हुई बड़ी कार्रवाई—‘Canviz Company scam Bareilly’ में पुलिस पर भी सवाल
सूत्रों के मुताबिक कैनविज कंपनी ने बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और आसपास के जिलों में
फर्जी FD स्कीम
निवेश दुगुना करने के वादे
और बिना RBI अनुमति की योजनाओं
के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए।
लंबे समय से पीड़ित लोग शिकायत कर रहे थे, लेकिन बड़े स्तर पर कार्रवाई न होने पर लोगों में रोष बढ़ता गया था।
अब FIR दर्ज होते ही पुलिस की भूमिका भी चर्चा में है कि इतनी बड़ी ठगी के बावजूद जल्द कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
गुलाटी परिवार भूमिगत—सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग से कर रहा संपर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि कन्हैया गुलाटी और उसका परिवार—
अपने मोबाइल फोन बंद रखता है
लोकेशन बार-बार बदल रहा है
और गुर्गों द्वारा सोशल मीडिया/वीडियो कॉलिंग के माध्यम से संपर्क कर रहा है
यह व्यवहार पुलिस को भ्रमित करने और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश माना जा रहा है।
कई पीड़ितों का कहना है कि कभी-कभी गुलाटी सोशल मीडिया पर एक्टिव दिख जाता है, लेकिन तुरंत गायब हो जाता है।
अफवाहों के अनुसार कन्हैया गुलाटी परिवार समेत विदेश भाग चुका—Look Out Notice की तैयारी
कंपनी के लोगों और पीड़ित निवेशकों में चर्चा है कि कन्हैया गुलाटी परिवार समेत विदेश भाग गया है।हालांकि पुलिस ने इसे अभी आधिकारिक तौर पर नहीं माना है, लेकिन“परिवार का भूमिगत होना और लगातार लोकेशन बदलना” इस आशंका को मजबूत करता है।
बारादरी थाना पुलिस ने बताया कि—
गुलाटी परिवार की तलाश जारी है
सभी ठिकानों पर रेड की जा रही है
जरूरत पड़ने पर Look Out Notice भी जारी किया जाएगा
यह कदम इसलिए जरूरी माना जा रहा है क्योंकि आर्थिक अपराधों में आरोपी अक्सर इंडिया छोड़ कर विदेश भाग जाते हैं।
पीड़ितों में उम्मीद की किरण—FIR दर्ज होने से बढ़ी गिरफ्तारी की उम्मीद
सैकड़ों पीड़ितों ने शिकायत की है कि—
कंपनी कई वर्षों से फर्जी FD स्कीम चला रही थी
एजेंटों के जरिए ग्रामीण और मजदूर वर्ग को फंसाया जा रहा था
उच्च ब्याज और दोगुना पैसा लौटाने के झांसे में कई परिवार कर्जदार हो गए
FIR दर्ज होने के बाद पीड़ितों में उम्मीद बढ़ी है कि अब पुलिस कन्हैया गुलाटी और उसके परिवार को गिरफ्तार करेगी और लोगों की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पुलिस की प्राथमिकता: जांच तेज, संपत्ति की पहचान और जब्ती की तैयारी
जांच अधिकारियों के अनुसार अब पुलिस—
गुलाटी परिवार की संपत्तियों की सूची तैयार कर रही है
बैंक खातों की जांच कर रही है
और निवेशकों के बयान दर्ज कर रही है
आर्थिक अपराध शाखा की मदद से यह भी जांच की जाएगी कि
कंपनी ने कितने जिलों में, कितने लोगों से, कितनी राशि ली थी।
यदि आरोप सही पाए गए, तो संपत्ति की कुर्की और बैंक खातों की सीजिंग जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

